इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यूपी से केवल रास्ते में गुजर रहे माल पर राज्य के जीएसटी अधिकारी जुर्माना नहीं लगा सकते। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने गौतमबुद्ध नगर की मारुति इंटरप्राइजेज समेत पांच फर्मों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए माल जब्त करने और जुर्माना लगाने के आदेश रद्द कर दिया।

कहा कि जीएसटी अधिकारी माल और उसके दस्तावेज की जांच कर सकते हैं, लेकिन केवल यूपी के रास्ते से गुजर रहे माल पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं। यदि ऐसे मामलों में जुर्माने का अधिकार दे दिया जाए तो एक से दूसरे प्रदेश जा रहे माल पर रास्ते में पड़ने वाला हर राज्य कार्रवाई कर सकता है। इससे देश में वस्तुओं के स्वतंत्र आवागमन पर असर पड़ेगा, जो भारत के पूरे भूभाग में व्यापार की स्वतंत्रता के विपरीत है।

मामला पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से दिल्ली व नागपुर भेजी जा रही सुपारी से जुड़ा था, जिस पर 29 लाख से 40 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया था। हाईकोर्ट ने इन आदेशों को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया। 

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