सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सरकार की अपील मंजूर करते हुए आजम खां की सजा सात वर्ष से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। साथ ही उन पर लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
हालांकि अब्दुल्ला आजम को राहत मिली है। उनकी सात साल की सजा बरकरार रखी गई है लेकिन जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जिसे बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है। यानी जुर्माने में साढ़े तीन लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इस मामले में नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद बचाव पक्ष ने सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील की थी।
सजा बढ़ाने संबंधी अपील पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए आजम खां की सजा और जुर्माना दोनों बढ़ा दिए।
हेट स्पीच में हो चुकी है दो साल की कैद
इससे पहले शनिवार यानि 16 मई को साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के डीएम को तनखैया बोलते हुए उनसे जूते साफ कराने का बयान देने पर दर्ज केस में अदालत ने सपा नेता आजम खां को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। आजम पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
बेटे के दो पैन कार्ड मामले में सुनाई गई सजा के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से जेल में हैं। तत्कालीन डीएम पर बयान के मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान पर आजम जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े रहे। सपा नेता आजम खां के खिलाफ यह मामला भोट थाना क्षेत्र में दर्ज कराया गया था।
आरोप था कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोट इलाके में उन्होंने जनता के बीच रोड शो में यह बयान दिया था। उस समय का चुनाव सपा-बसपा गठबंधन का था और रामपुर लोकसभा सीट से आजम खां प्रत्याशी थे। बयान देते समय का आजम खां का वीडियो भी वायरल हुआ था।
वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ एवं टांडा के एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने 11 मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने इस मामले में सपा नेता आजम खां को दोषी करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने आजम खां को दो साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
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