पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब से राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता और उनकी कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने फिलहाल पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को ट्राइडेंट ग्रुप, बरनाला के खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई करने से रोक दिया है। राजिंदर गुप्ता हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से दलील दी गई कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से उद्योग और कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।
हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए बोर्ड को अगली सुनवाई तक सख्त कदम उठाने से रोक दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कंपनी में कोई छोटी खामियां या कमियां हैं तो बोर्ड पहले कंपनी को उन्हें दूर करने के लिए 30 दिन का उचित समय दे। इसके बाद ही कोई अगली कार्रवाई की जा सकती है। राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता के स्वामित्व वाली ट्राइडेंट ग्रुप कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर PPCB की ओर से की गई रेड को चुनौती दी थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि बोर्ड ने मनमाने तरीके से दुर्भावनापूर्ण भावना और राजनीतिक द्वेष के चलते कार्रवाई की है।
जांच कार्य में असफल रहा पीपीसीबी
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने की। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि PPCB यह साबित करने में असफल रहा कि कंपनी की ओर से किसी नाले, कुएं, जमीन या पर्यावरण को जहरीले अपशिष्टों से प्रदूषित किए जाने जैसी कोई आपात स्थिति थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कंपनी के खिलाफ कोई कठोर कदम उठाया जाता है तो कंपनी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) जाने की स्वतंत्रता होगी। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में गुप्ता की फैक्ट्रियों पर रेड की हैं।
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