सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन उपायों की प्रभावी निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य बल या समिति के गठन की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने गुरुवार को कहा, ''हमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस याचिका को स्वीकार करने का कोई आधार नहीं मिला। इसलिए, इसे मेरिट के अभाव में खारिज किया जाता है।''
इस याचिका में अधिकारियों को खाद्य निर्माण और प्रसंस्करण इकाइयों, रेस्तरां और वाणिज्यिक खाद्य प्रतिष्ठानों सहित खाद्य सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय और समयबद्ध ऑडिट और निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
6 अप्रैल को याचिका की सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उपदेशों के अलावा उन्होंने इस जनहित याचिका को दायर करने से पहले क्या शोध किया था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि यह याचिका देश के लगभग सभी लोगों को प्रभावित करने वाले एक मुद्दे को उठाती है और यह असुरक्षित, संदूषित और खतरनाक खाद्य पदार्थों से संबंधित है।
याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक राष्ट्रीय कार्य बल या समिति का गठन करें ताकि देशभर में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन उपायों की प्रभावी निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
Picture Source :

