पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपी को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। आरोप थे कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान पहुंचाई थीं। उच्च न्यायलाय का कहना है कि इस संबंध में ऐसे कोई भी सबूत पेश नहीं किए गए, जो दिखाते हों कि सामग्री पाकिस्तान के साथ साझा की गई है। पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था।

याचिका पर जस्टिस विनोद एस भारद्वाज सुनवाई कर रहे थे। कोर्ट ने यह भी पाया है कि ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मंजूरी नहीं मिली थी, जिसके चलते ट्रायल पूरा नहीं हो रहा था। कोर्ट ने सवाल किए कि क्या ऐसा कोई वीडियो मिला है, जो सेना से संबंधित हो और पाकिस्तान में किसी को भेजा गया हो। राज्य इस संबंध में जवाब नहीं दे सका।

जासूसी का मामला

यह मामला मई 2025 का है। देवेंद्र सिंह नाम के शख्स पर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप थे। पुलिस की रडार पर वह पहली बार आर्म्स एक्ट के चलते आया था। तब पुलिस ने फेसबुक पर पिस्टल और गन के साथ फोटो कथित तौर पर अपलोड करने के चलते सिंह के खिलाफ कार्रवाई की थी। जांच के दौरान उसका फोन पुलिस ने जब्त कर लिया था।

छूट गया और फिर FIR

सिंह को कुछ समय बाद आर्म्स एक्ट में जमानत मिल गई थी, लेकिन 15 मई 2025 को उसके खिलाफ दूसरी एफआईआर हुई थी। यह एफआईआर पूछताछ के दौरान दिए गए बयान के आधार पर दर्ज हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बयानों में ही पाकिस्तान के कुछ लोगों के साथ उसके कथित संबंधों की बात सामने आई थी।

कोर्ट में सुनवाई

अभियोजन पक्ष ने कहा कि देवेंद्र नवंबर 2024 में कारतारपुर साहिब और नानकाना साहिब तीर्थयात्रा पर गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उस दौरान वह कुछ लोगों के संपर्क में आ गया था, जिनकी पहचान शाह जी, राशिद मोहम्मद, अर्सलान और रिजा नाम की महिला के तौर पर हुई है। संदेह था कि ये सभी जासूसी में शामिल थे। आरोप लगाए गए कि भारत लौटने के बाद भी देवेंद्र शाह जी नाम के शख्स के संपर्क में रहा।

वीडियो बनाने के आरोप

अभियोजन पक्ष का दावा था कि देवेंद्र ने भारतीय सेना की गतिविधियों और संवेदनशील जानकारी रिकॉर्ड कर ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसके फोन से सेना के वाहनों का वीडियो भी मिला है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उसने गिरफ्तारी के डर से कुछ वीडियो डिलीट भी कर दिए हैं।

देवेंद्र के वकील ने क्या कहा

देवेंद्र की तरफ से कोर्ट पहुंचे वकील का कहना है कि कथित कॉल 18 अप्रैल से 10 मई के बीच हुए थे। जबकि, ऑपरेशन सिंदूर 9 मई 2025 को पूरा हो गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद बातचीत के कोई भी आरोप नहीं हैं।

कोर्ट का फैसला

कोर्ट के सवालों का जवाब नहीं मिलने के बाद आरोपी को जमानत दे दी गई। साथ ही कोर्ट ने कहा कि आर्म्स एक्ट के अलावा देवेंद्र का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

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