इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक अनिल गौतम की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि मामले में जांच जारी रहेगी पर अधिकारी न्यायालय की अनुमति के बिना अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने दिया है।
बांदा में याची जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। कोतवाली नगर थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने रविंद्र सिंह को न्यायालय के बिना किसी आदेश के छोड़ दिया गया। याची ने प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मुकदमा न केवल अवैध है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है। आरोपी को पहले ही जमानत पर रिहा किया जा चुका था। इसलिए बाद में प्राप्त गिरफ्तारी वारंट का पालन करना संभव नहीं था। कोर्ट ने इन तथ्यों पर गौर करते हुए प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। 27 मई को मामले की सुनवाई होगी।
Picture Source :

