हाईकोर्ट ने राधा स्वामी और पुलिस बवाल का मामले में आगरा जिला प्रशासन के ध्वस्तीकरण पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखा है। ताजनगरी आगरा के दयालबाग क्षेत्र में सार्वजनिक रास्तों पर हुए कब्जों के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
यह सुनवाई अवैध कब्जों के हटाने के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में राधास्वामी सत्संग सभा द्वारा दायर याचिका पर की गई। दयालबाग स्थित राधा स्वामी सत्संग सभा ध्वस्तीकरण मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने राधास्वामी सत्संग सभा की याचिका पर दिया है।
यह है पूरा मामला
राधास्वामी सत्संग सभा अध्यक्ष गुरू प्रसाद सूद, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव एवं अनूप श्रीवास्तव पर सरकारी भूमि पर कब्जा कराने के आरोप हैं। तीनों के विरुद्ध थाना न्यू आगरा में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। 14 सितंबर को तहसीलदार न्यायालय ने विभिन्न गाटा व खसरा नंबरों में सरकारी भूमि पर कब्जे हटाने के लिए नोटिस दिया था।
नोटिस के विरुद्ध राधास्वामी सत्संग सभा ने स्टे के लिए याचिका दायर की। इसमें प्रमुख सचिव राजस्व, जिलाधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार सहित सात लोगों को पक्षकार बनाया है। बुधवार तक के लिए हाईकोर्ट ने सत्संगियों को स्टे दिया था। सुनवाई के बाद आगे का निर्णय होगा। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।
1500 एकड़ भूमि बताई अपनी
राधास्वामी सत्संग सभा ने खासपुर, जगनपुर, सिकंदरपुर व घटवासन मौजा में 1500 एकड़ भूमि पर स्वामित्व का दावा किया है। प्रशासनिक व अन्य विभागों की कार्रवाई के विरुद्ध याचिकाएं लंबित हैं। प्रशासन की तरफ से प्रभावी पैरवी नहीं होने के कारण पूर्व में लंबित याचिकाओं में अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
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