जबलपुर: एमपी में वैक्सीन (Vaccine Crisis In MP) की दिक्कत शुरू हो गई है। हर दिन किसी ने किसी वैक्सीनेशन सेंटर से भगदड़ की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एमपी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक की बेंच ने सुनवाई करते हुए केंद्र से एमपी को पर्याप्त टीकों की आपूर्ति करने को कहा है ताकि सितंबर तक 18+ की आबादी को कम से कम एक डोज लग जाए। राज्य को हर महीने डेढ़ करोड़ डोज की जरूरत है। मगर जुलाई महीने में एमपी को इसके आधे डोज मिले हैं।

कोविड से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनआरएचएम के निदेशक छवि भारद्वाज के दायर एक हलफनामे का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा कि एमपी को मई में केंद्र से 37 लाख टीके मिले, जून में 54 लाख और 19 जुलाई तक 60 लाख जो जुलाई के अंत तक बढ़कर 70 लाख हो जाने की संभावना है।

हलफनामे में कहा गया है कि अगस्त के अंत तक आपूर्ति बढ़कर एक करोड़ होने की संभावना है क्योंकि निर्माता उत्पादन में तेजी ला रहे हैं। हलफनामे में कहा गया है कि एमपी को एक सप्ताह में 40 लाख टीकों की जरूरत है, जिसका मतलब है कि सितंबर के अंत तक लक्ष्य हासिल करने के लिए हर महीने 1.5 करोड़ टीकों की मांग है। कोर्ट ने कहा कि इसे लेकर अदालत केंद्र सरकार से मांग करती है कि वह प्रति माह डेढ़ करोड़ टीकों की आवश्यक मांग को ध्यान रखते हुए पर्याप्त मात्रा में एमपी को टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित करे। कोर्ट ने कहा है कि 18+ के सभी लोगों को पहला डोज लग जाए।

वहीं, कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और एमपी निर्सिंग होम एसोसिएशन के वकीलों की दलील पर ध्यान दिया, जिन्होंने कहा है कि निजी अस्पताल और नर्सिंग होम टीकाकरण में तेजी लाने के लिए बिना किसी शुल्क के एमपी सरकार के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं। महाधिवक्ता पुष्पेंद्र कौरव ने कहा कि अधिकारी प्रस्ताव की जांच करेंगे और उन्हें निर्णय के बारे में सूचित करेंगे।

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