इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को गोली मारने की बात सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले नालंदा, बिहार में तैनात पुलिस कांस्टेबल तनवीर अहमद खान की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है. कोर्ट ने उसे मुकदमे का फैसला होने या 2 साल तक सोशल मीडिया का प्रयोग करने पर रोक लगा दी है.
हाईकोर्ट ने ये लगाई शर्त
हाईकोर्ट ने कहा है कि जमानत पर रिहा होने के दौरान वह मुकदमे के ट्रायल में सहयोग करेगा, साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा, गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा, आपराधिक गतिविधियों में लिप्त नहीं होगा. हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो वह जमानत निरस्त करने का आधार होगा. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ ने कांस्टेबल तनवीर अहमद खान की जमानत अर्जी पर दिया है.
गाजीपुर में दर्ज है एफआईआर
याची के खिलाफ गाजीपुर के दिलदारनगर थाने में आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है. उसे 3 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. याची का कहना था कि उसने फेसबुक पर पोस्ट नहीं डाली है. जैसे पता चला, वह इसे पढ़ पाता, उससे पहले ही इसे डिलीट कर दिया गया. घटना के समय वह बिहार में ड्यूटी पर था. कोर्ट ने दाताराम केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर जमानत मंजूर कर ली है.
यूपी पुलिस की टीम ने नालंदा से किया गिरफ्तार
बता दें यूपी पुलिस ने तनवीर को बिहार के नालंदा से गिरफ्तार किया है. उसकी गिरफ्तारी जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र से हुई. राजगीर के फॉरेस्ट हाउस के पास तैनात बिहार पुलिस के जवान तनवीर खान पर आरोप है कि उसने पिछले महीने 24 अप्रैल को फेसबुक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोली मारकर हत्या कर देने की धमकी दी थी. इसके बाद दिलदार नगर थाना क्षेत्र के धनंजय सूर्यवंशी और विशाल पांडेय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.
यूपी का ही रहने वाला है तनवीर
शिकायत दर्ज होने के बाद यूपी पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की. यूपी पुलिस के मामले का खुलासा करने के बाद इस घटना को बिहार पुलिस की वर्दी पर दाग बताया जा रहा है. बताया यह भी जा रहा है कि गिरफ्तार पुलिसकर्मी तनवीर खान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला स्थित दिलदार नगर थाना क्षेत्र के रकसदा गांव का रहने वाला है. वह फिलहाल बिहार पुलिस में तैनात है.
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