उच्चतम न्यायालय ने सीलिंग मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया आदेश पर नाराजगी जताई है। साथ ही राजधानी में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने के लिए गठित निगरानी समिति से संबंधित याचिका पर सुनवाई करने से भी रोक दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा और दीपक गुप्ता की पीठ ने सोमवार को कहा, ‘जिस तरह दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया, उससे हम खुश नहीं हैं।’ शीर्ष अदालत ने 15 दिसंबर, 2017 को अपने फैसले में यह स्पष्ट कर दिया था कि निगरानी समिति के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई केवल उच्चतम न्यायालय में ही होगी।दिल्ली सीलिंग मामले में एमिकस क्यूरी रंजीत कुमार ने मामले पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष उठाया। दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 23 जनवरी को महरौली में सीलिंग मामले में निगरानी समिति को हलफनामा दायर कर सीलिंग की विस्तृत कार्रवाई के बारे में बताने का निर्देश दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि अन्य कोर्ट समिति से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर सकती। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
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