हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सड़क परिवहन निगम को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की निविदा प्रक्रिया में घोटाले का आरोप लगाने वाले वकील की शिकायत पर गौर करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की पीठ ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट है कि याचिककर्ता ने ऐसे वाहनों के निर्माता के कहने पर यह याचिका दायर की है जो प्रस्ताव के लिए आग्रह (आरएफपी) दस्तावेज के मुताबिक नीलामी प्रक्रिया के पात्र नहीं थे।
यह याचिका हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम (एचआरटीएस) द्वारा शिमला में बैटरी से चलने वाली 50 यात्री बसों के डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति एवं उपयोग में लाने के काम के लिए प्रकाशित आरएफपी दस्तावेज के संबंध में दायर की गई है।
अदालत ने एचआरटीसी को मुद्दे पर गौर करने के लिए कहा है।
यह याचिका वकील रघुनाथ महाबल ने दायर की है जो इस निविदा प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं उचित जांच के लिए विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र विशेष जांच टीम का गठन करने की मांग कर रहे हैं।
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