विदेशियों विषयक विधि (लागू होना और संशोधन) अधिनियम, 1962
(1962 का अधिनियम संख्यांक 42)
[24 नवम्बर, 1962]
विदेशियों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1939 और विदेशियों विषयक
अधिनियम, 1946 को कतिपय व्यक्तियों को जिन्हें वे संप्रति
लागू नहीं होते हैं, लागू करने तथा विदेशियों
विषयक अधिनियम, 1946 का और
संशोधन करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के तेरहवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो : -
1. संक्षिप्त नाम-यह अधिनियम विदेशियों विषयक विधि (लागू होना और संशोधन) अधिनियम, 1962 कहा जा सकता है ।
2. 1939 के अधिनियम 16 का और 1946 के अधिनियम 31 का कतिपय व्यक्तियों को लागू होना-तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी, विदेशियों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1939 और विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946 और तद्धीन बनाए गए नियमों और आदेशों के उपबंध किसी ऐसे व्यक्ति को या के संबंध में, जो या जिसके माता या पिता अथवा जिसके पितामह या पितामही अथवा मातामह या मातामही में से कोई किसी भी समय किसी ऐसे देश का नागरिक या प्रजा जो भारत के विरुद्ध युद्ध या बाह्य आक्रमण कर रहा है या जो भारत के विरुद्ध युद्ध या बाह्य आक्रमण करने वाले देश की सहायता कर रहा है वैसे ही लागू होंगे जैसे वे उन अधिनियमों के प्रयोजनों के लिए परिभाषित विदेशियों को या के संबंध में लागू होते हैं ।
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4. निरसन और व्यावृत्ति-(1) विदेशियों विषयक विधि (लागू होना और संशोधन) अध्यादेश, 1962 (1962 का 5) एतद्द्वारा निरसित किया जाता है ।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या कार्यवाही इस अधिनियम के अधीन की गई समझी जाएगी मानो यह अधिनियम 26 अक्तूबर, 1962 को प्रारम्भ हो गया था ।
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