भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी (सेवा शर्त) अधिनियम, 1972
(1972 का अधिनियम संख्यांक 59)
[21 सितम्बर, 1972]
भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा के अधिकारियों की सेवा की शर्तों
में कुछ विषयों के बारे में परिवर्तन या उनका प्रतिसंहरण
करने के लिए, और उससे सम्बद्ध या उसके
अनुषंगी विषयों के लिए उपबन्ध
करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के तेईसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी (सेवा शर्त) अधिनियम, 1972 है ।
(2) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे ।
2. परिभाषाएं-इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अप्रेक्षित न हो, -
(क) नियत दिन" से वह तारीख अभिप्रेत है जिस तारीख को यह अधिनियम प्रवृत्त होगा ;
(ख) भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी" से संविधान के अनुच्छेद 312क के खण्ड (1) के उपखण्ड (क) या उपखण्ड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्ति अभिप्रेत है ;
(ग) भारतीय प्रशासनिक सेवा का आई० सी० एस० सदस्य" से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो इण्डियन सिविल सर्विस के नाम से ज्ञात भारत में क्राउन की सिविल सेवा में नियुक्त किया गया था और जो नियत दिन से, भारतीय प्रशासनिक सेवा का सदस्य है ;
(घ) भारतीय पुलिस सेवा का आई० पी० सदस्य" से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो इण्डियन पुलिस के नाम से ज्ञात भारत में क्राउन की पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया था और जो नियत दिन से, भारतीय पुलिस सेवा का सदस्य है ;
(ङ) पेंशन" (निवृत्ति-वेतन) का वही अर्थ है जो संविधान के अनुच्छेद 366 के खण्ड (17) में है ।
3. भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों की सेवा की शर्तें-इस अधिनियम के अन्य उपबन्धों के अधीन रहते हुए नियत दिन से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों की,-
(क) (i) पारिश्रमिक,
(ii) छुट्टी, और
(iii) पेंशन,के बारे में सेवा की शर्तें;
(ख) उनके अनुशासनिक विषयों की बाबत अधिकार; और
(ग) उनकी सेवा की शर्तें और अन्य सभी विषयों की बाबत अधिकार,
वे ही होंगे जो उस सेवा के अन्य सदस्यों के हैं और तदनुसार और पूर्वोक्त के अधीन रहते हुए, अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) और तद्धीन बनाए गए या बनाए गए समझे गए नियमों और विनियमों के उपबन्ध, जो समय-समय पर प्रवृत्त हों, भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों को और उनके सम्बन्ध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस सेवा के अन्य सदस्यों को और उनके सम्बन्ध में लागू होते हैं ।
4. भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्यों की सेवा की शर्तें-इस अधिनियम के अन्य उपबन्धों के अधीन रहते हुए नियत दिन से ही भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्यों की,-
(क) (i) पारिश्रमिक, (ii) छुट्टी, और (iii) पेंशन, के बारे में सेवा की शर्तें;
(ख) उनके अनुशासनिक विषयों की बाबत अधिकार; और
(ग) उनकी सेवा की शर्तें और अन्य सभी विषयों की बाबत अधिकार ;
वे ही होंगे जो उस सेवा के अन्य सदस्यों के हैं और तदनुसार और पूर्वोक्त के अधीन रहते हुए, अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) और तद्धीन बनाए गए या बनाए गए समझे गए नियमों और विनियमों के उपबन्ध, जो समय-समय पर प्रवृत्त हों, भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्यों को और उनके संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस सेवा के अन्य सदस्यों को और उनके सम्बन्ध में लागू होते हैं ।
5. भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों का और भारतीय पुलिसक सेवा के आई० पी० सदस्यों का वेतन-धारा 3 या धारा 4 में किसी बात के होते हुए भी, यथास्थिति, भारतीय प्रशासनिक सेवा का आई० सी० एस० सदस्य या भारतीय पुलिस सेवा का आई० पी० सदस्य जो अनुसूची में विनिर्दिष्ट पद या केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसे पद के समतुल्य घोषित पद धारण करता है, जब तक वह ऐसा पद धारण करता है तब तक, अनुसूची में उस पद के सामने उपदर्शित वेतन पाने का हकदार होगा ।
6. भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों की और भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्यों की सेवानिवृत्ति-धारा 3 या धारा 4 में किसी बात के होते हुए भी,-
(क) भारतीय प्रशासनिक सेवा का आई० सी० एस० सदस्य जब तक उसका सेवाकाल तत्समय लागू नियमों और विनियमों के अनुसार नियत दिन के पहले बढ़ाया न गया हो अथवा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अन्य सदस्यों को लागू नियमों और विनियमों के अनुसार नियत दिन को या उसके पश्चात् बढ़ाया न गया हो, अनिवार्यः सेवानिवृत्त हो जाएगा,-
(i) जहां वह नियत दिन से छह मास की समाप्ति के पूर्व अट्ठावन वर्ष की आयु का हो जाता है वहां, उक्त छह मास की कालावधि की समाप्ति की तारीख को या नियत दिन के ठीक पहले उसको लागू होने वाले नियमों के अनुसार जिस तारीख को वह अनिवार्यतः सेवानिवृत्त होगा उस तारीख को, उनमें से जो भी तारीख पहले हो,
(ii) किसी अन्य दशा में, उसके अट्ठावन वर्ष की आयु का हो जाने पर;
(ख) केन्द्रीय सरकार को, भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्य या भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्य से, उस राज्य की सरकार से परामर्श करके जिसके काडर में वह है और ऐसे सदस्य को कम से कम तीन मास की लिखित पूर्व सूचना देकर, सेवा से लोक हित में उस तारीख से जिसको ऐसा सदस्य तीन वर्ष की अर्हता सेवा पूरी कर लेता है या पचास वर्ष की आयु का हो जाता है या तत्पश्चात् किसी तारीख को, जो सूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, सेवानिवृत्त होने की अपेक्षा करने की शक्ति होगी और यह समझा जाएगा कि उसे सदैव ऐसी शक्ति थी;
(ग) भारतीय प्रशासनिक सेवा का आई० सी० एस० सदस्य या भारतीय पुलिस सेवा का आई० पी० सदस्य उस राज्य की सरकार को जिसके काडर में वह है कम से कम तीन मास की लिखित पूर्व सूचना देने के पश्चात् उस तारीख को जिसको ऐसा सदस्य तीस वर्ष की अर्हता सेवा पूरी कर लेता है या पचास वर्ष की आयु का हो जाता है या तत्पश्चात् किसी तारीख को जो सूचना में विनिर्दिष्ट की जाए सेवानिवृत्त हो सकता है :
परन्तु कोई सदस्य जो निलम्बित है, उस राज्य की सरकार के, जिसके काडर में वह है, विनिर्दिष्ट अनुमोदन के बिना सेवा से निवृत्त नहीं होगा ।
स्पष्टीकरण-खण्ड (ख) और खण्ड (ग) के प्रयोजनों के लिए अर्हता सेवा" से पेंशन के प्रयोजनों के लिए अर्हित करने वाली सेवा अभिप्रेत है ।
7. भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्यों की पेंशन-धारा 3 में किसी बात के होते हुए भी,-
(क) धारा 8 के उपबन्धों के अधीन रहते हुए और सम्पूर्ण पेंशन या उसके किसी भाग को वापस लेने के या पेंशन वसूल करने के लिए आदेश देने के केन्द्रीय सरकार के अधिकार के बारे में उन्हीं उपबन्धों के अधीन रहते हुए और सेवानिवृत्ति प्रसुविधाओं के दिए जाने के लिए वैसी ही शर्तों के अधीन रहते हुए, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अन्य सदस्यों की दशा में तत्समय लागू होती हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा का आई० सी० एस० सदस्य धारा 6 के उपबन्धों के अनुसार सेवा से अपनी निवृत्ति पर, वार्षिकी के रूप में तेरह हजार तीन सौ तेंतीस सही एक बटा तीन रुपए पाने का हकदार होगा :
(ख) भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी आई० सी० एस सदस्य को या उसकी बाबत कोई मृत्यु और सेवानिवृत्ति उपदान प्रसुविधा उपलभ्य नहीं होगी जब तक कि ऐसे सदस्य ने नियत दिन के पहले केन्द्रीय सरकार के उस निमित्त आदेशों के अनुसार ऐसी असुविधाओं के लिए अपना विकल्प न दिया हो और उस सेवा के आई० सी० एस० सदस्य को जिसने इस प्रकार अपना विकल्प दिया है, या उसके संबंध में उपलभ्य प्रसुविधाएं उक्त आदेशों में विनिर्दिष्ट शर्तों के और सेवानिवृत्ति प्रसुविधाओं के दिए जाने के लिए वैसी ही शर्तों के अधीन होंगी जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अन्य सदस्यों की दशा में तत्समय लागू हैं;
(ग) भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी आई० सी० एस० सदस्य के सम्बन्ध में कोई कुटुम्ब पेंशन प्रसुविधाएं उपलभ्य नहीं होंगी जब तक कि ऐसे सदस्य ने नियत दिन के पहले केन्द्रीय सरकार के उस निमित्त दिए गए आदेशों के अनुसार ऐसी प्रसुविधाओं की बाबत अपना विकल्प न दिया हो और उस सेवा के आई० सी० एस० सदस्य के सम्बन्ध में, जिसने इस प्रकार अपना विकल्प दिया है, उपलभ्य प्रसुविधाएं उक्त आदेशों में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन होंगी;
(घ) भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्य के भविष्य-निधि खाते में, उसकी सेवानिवृत्ति पर या उससे पूर्व मृत्यु पर, वह रकम, यदि कोई हो, जमा की जाएगी, जो नियत दिन के ठीक पहले प्रवृत्त नियमों के अनुसार अभिदाय के रूप में जमा की जाती ।
8. भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारियों को संदेय पेंशन केवल भारतीय करेंसी में होगी-(1) कोई भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी :-
(क) स्टरिलंग में पेंशन का ; या
(ख) भारत से बाहर अपनी पेंशन के संदाय किए जाने का ; या
(ग) जहां उसकी पेंशन स्टरलिंग में उल्लिखित थी या उसको संदेय पेंशन की बाबत एक नियत न्यूनतम स्टरलिंग उसको लागू थी, वहां तेरह सही एक बटे तीन रुपए प्रति पाउंड स्टरलिंग से अधिक विनिमय की दर पर स्टरलिंग में नियत रकम के समतुल्य रुपए में अपनी पेंशन की संगणना कराने का, दावा करने का हकदार नहीं होगा या कभी भी हकदार था यह नहीं समझा जाएगा :
[परन्तु प्रत्येक भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी के सम्बन्ध में, जो फरवरी, 1921 के प्रथम दिन को सेवा में रहने तथा उस तारीख को भारत में अधिवसित होने से नियत दिन के ठीक पहले अपनी पेंशन के लिए जो पन्द्रह रुपए प्रति स्टरलिंग पाउंड की विनिमय दर पर स्टरलिंग में नियत रकम के समतुल्य रुपए में संगणित की गई है, दावा करने का हकदार है, खण्ड (ग) इस प्रकार प्रभावी होगा मानो तेरह सही एक बटे तीन" शब्दों के स्थान पर पन्द्रह" शब्द रख दिया गया हो :
परन्तु यह और कि प्रत्येक भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी को जिसकी पेंशन स्टरलिंग में उल्लिखित थी या जिसकी पेंशन की बाबत एक नियत न्यूनतम स्टरलिंग लागू था और जो नियत दिन के ठीक पहले ऐसा विदेशी है जो स्थायी रूप से भारत के बाहर निवास करता है, जब तक कि वह भारत के बाहर स्थायी रूप से निवास करने वाले विदेशी बना रहता है, तेरह हजार तीन सौ तैंतीस सही एक बटे तीन रुपए की वार्षिकी या उसे वस्तुतः रुपए में संदेय वार्षिकी में से जो भी कम हो उसको तेरह सही एक बटे तीन रुपए प्रति स्टरलिंग पाउण्ड की दर पर स्टरलिंग पाउण्ड में संपरिवर्तित करने दिया जाएगा तथा स्टरलिंग पाउंड में इस प्रकार संपरिवर्तित वार्षिकी का संदाय भारत के बाहर किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण 1-पूर्वगामी परन्तुक में की किसी बात के बारे में यह नहीं समझा जाएगा कि वह किसी भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी को वार्षिकी या उसके संशोधित मूल्य के बराबर रकम को, जो पहले ही, भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी (सेवा शर्त) संशोधन अधिनियम, 1975 के प्रारम्भ के पूर्व रुपए में ली जा रही थीं, स्टरलिंग पाउण्ड में संपरिवर्तन का दावा करने का हकदार बनाती है ।
स्पष्टीकरण 2-इस उपधारा में, विदेशी" पद से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो भारत का नागरिक नहीं है ।]
(2) किसी भी न्यायालय के किसी निर्णय, डिक्री या आदेश के होते हुए भी, भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारी 1[जो ऐसा अधिकारी नहीं है जिसको उपधारा (1) का प्रथम परन्तुक या द्वितीय परन्तुक लागू होता है] जिसे, यथास्थिति, उसकी पेंशन के समतुल्य रुपए या समतुल्य पाउंड स्टरलिंग तेरह सही एक बटे तीन रुपए प्रति पाउंड स्टरलिंग की विनिमय दर से अधिक विनिमय दर से परिकलन करके संदत्त किया गया है, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार को वह राशि वापस करेगा जो उस रकम से अधिक है जो रकम उसे संदेय होती यदि तेरह सही एक बटे तीन रुपए प्रति पाउन्ड स्टरलिंग की विनिमय दर से परिकलन किया जाता और केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार, ऐसे किसी अधिकारी द्वारा उसको इस प्रकार वापस दी जाने के लिए अपेक्षित रकम को, उस सरकार से उस अधिकारी को शोध्य या शोध्य होने वाली किसी राशि से (जिसके अन्तर्गत पेंशन भी है), ऐसी रीति में जो वह ठीक समझे, मुजरा कर सकेगी ।
(3) शंकाओं के निराकरण करने के लिए घोषित किया जाता है कि उपधारा (1) और (2) के उपबन्ध भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा के ऐसे अधिकारी को, जो उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति या अन्य न्यायाधीश का, भारत के नियंत्रक और महा लेखानरीक्षक का, संघ या राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य का, या मुख्य निवार्चन आयुक्त का पद धारण किए है या कर चुका है उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा के अन्य अधिकारियों को लागू होते हैं ।
9. केन्द्रीय सरकार की कुछ नियमों, विनियमों और आदेशों का अनुकूलन करने की शक्ति-(1) अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) के अधीन बनाए गए या बनाए गए समझे गए किन्हीं नियमों और विनियमों के या नियत दिन के ठीक पहले भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारियों को या उनके सम्बन्ध में लागू होने वाले किन्हीं नियमों, विनियमों या आदेशों के (जिसके अन्तर्गत विधि का बल रखने वाली कोई अन्य लिखत भी है) उपबन्धों को इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार करने के प्रयोजन के लिए, केन्द्रीय सरकार, नियत दिन से दो वर्ष की समाप्ति के पूर्व, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, ऐसे नियमों, विनियमों या आदेशों में ऐसे अनुकुलन और उपान्तर कर सकती है जो निरसन या संशोधन के रूप में भी हो सकते हैं, जैसे आवश्यक हों ।
(2) उपधारा (1) के उपबन्ध उस उपधारा में निर्दिष्ट नियमों, विनियमों और आदेशों के संशोधन या निरसन के लिए किसी अन्य विधि के अधीन किसी शक्ति के अतिरिक्त होंगे, न कि उसके अल्पीकरण में ।
10. नियमों, विनियमों और आदेशों का अर्थान्वयन करने की शक्ति-इस बात के होते हुए भी कि धारा 9 के अधीन उस धारा में निर्दिष्ट किसी नियम, विनियम या आदेश के अनुकूलन के लिए कोई उपबन्ध नहीं किया गया है या अपर्याप्त उपबन्ध किया गया है, कोई न्यायालय, अधिकरण या प्राधिकारी, जो ऐसे नियम, विनियम या आदेश को प्रवृत्त करने के लिए अपेक्षित है या सशक्त है, उसका ऐसे उपान्तरों के साथ अर्थान्वयन कर सकेगा जो उसे इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार करने के लिए आवश्यक हों ।
[10क. समता सुनिश्चित करने के लिए कतिपय दशाओं में आदेश देने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति-(1) केन्द्रीय सरकार का समाधन हो जाता है कि भूतपूर्व सेक्रेटरी आफ स्टेट सेवा अधिकारियों के किसी वर्ग या प्रवर्ग को या के संबंध में धारा 6, 7 या 8 के अधीन लागू किसी विषय के बारे में, अथवा निर्वाह व्यय में वृद्धि से या किसी अन्य कारण से प्रतिकर के रूप में किन्हीं प्रसुविधाओं के बारे में सेवा की शर्तें, उन सेवा की शर्तों से कम अनुकूल हो गई हैं जो, यथास्थिति, भारतीय प्रशासनिक सेवा या भारतीय पुलिस सेवा या किसी सदृश सेवा के अन्य अधिकारियों के किसी तत्समान वर्ग या प्रवर्ग को या के संबंध में लागू हैं, तो वह उन धाराओं में किसी बात के होते हुए भी, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, तथा ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए (जिनके अन्तर्गत प्रतिदाय, समायोजन या प्रत्युद्धरण की बाबत शर्तें भी हैं) जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाएं, ऐसी दशाओं में, जहां तक संभव हो, समता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे उपबन्ध कर सकेगी जिन्हें वह ठीक समझे ।
(2) उपधारा (1) के अधीन कोई आदेश इस प्रकार दिया जा सकेगा जिससे कि उसका भूतलक्षी प्रभाव हो ।
(3) उपधारा (1) के अधीन दिया गया प्रत्येक आदेश दिए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा, यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी । यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस आदेश में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह आदेश नहीं दिया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा । किन्तु आदेश के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।]
11. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति-(1) यदि इस अधिनियम के उपबन्धों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में प्रकाशित साधारण या विशेष आदेश द्वारा कठिनाई दूर करने के प्रयोजन के लिए ऐसे उपबन्ध कर सकती है जो इस अधिनियम के उपबन्धों से असंगत न हों और जो उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों :
परन्तु नियत दिन से तीन वर्ष की समाप्ति के पश्चात् इस उपधारा के अधीन ऐसा कोई आदेश नहीं किया जाएगा ।
(2) उपधारा (1) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश उसके बनाए जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा ।
12. अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव-इस अधिनियम से भिन्न किसी विधि में या इस अधिनियम से भिन्न किसी विधि के आधार पर प्रभावी किसी नियम, विनियम या आदेश या अन्य लिखत में उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी इस अधिनियम के या तद्धीन किए गए किसी आदेश के उपबन्ध प्रभावी होंगे ।
13. अनुशासनिक विषयों की बाबत आदेशों की व्यावृत्ति-भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी आई० सी० एस० सदस्य या भारतीय पुलिस सेवा के किसी आई० पी० सदस्य के सम्बन्ध में अनुशासनिक विषयों की बाबत नियत दिन से ठीक पहले प्रवृत कोई आदेश, नियत दिन से प्रवृत्त बना रहेगा :
परन्तु इस धारा की कोई बात सक्षम प्राधिकारी की उस आदेश में परिवर्तन करने की या उसका विखण्डन करने की शक्तियों का अल्पीकरण नहीं करेगी ।
अनुसूची
(धारा 5 देखिए)
भाग 1
भारतीय प्रशासनिक सेवा के आई० सी० एस० सदस्य
|
क्रम सं० |
पद |
वेतन या वेतनमान |
|
1. |
सचिव, भारत सरकार |
4,000 रु० |
|
2. |
अपर सचिव, भारत सरकार |
3,500 रु० |
|
3. |
संयुक्त सचिव, भारत सरकार |
3,000 रु० |
|
4. |
तमिलनाडु राजस्व बोर्ड का प्रथम सदस्य |
3,750 रु० |
भाग 2
भारतीय पुलिस सेवा के आई० पी० सदस्य
|
क्रम सं० |
पद |
वेतन या वेतनमान |
|
1. |
निदेशक, खुफिया ब्यूरो |
3,500 रु० |
|
2. |
महानिदेशक, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल |
3,250 रु० |
|
3. |
उप-निदेशक, खुफिया ब्यूरो |
1,950-50-2, 150 धन 100 रु० विशेष वेतन |
|
4. |
पुलिस महानिरीक्षक |
2,500-125-3,000 रु० |
|
5. |
पुलिस आयुक्त, कलकत्ता |
2,300-50-2,500 रु० |
|
6. |
पुलिस उप महानिरीक्षक |
1, 950-50-2, 150 रु० |
_______________

