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निर्वाचन विधि (सिक्किम पर विस्तारण) अधिनियम, 1976 ( Election Laws (Extension To Sikkim) Act, 1976 )


 

निर्वाचन विधि (सिक्किम पर विस्तारण) अधिनियम, 1976

(1976 का अधिनियम संख्यांक 10)

[25 जनवरी, 1976]

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और लोक

प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का सिक्किम

राज्य पर विस्तार करने के लिए

उपबन्ध करने हेतु

अधिनियम

                भारत गणराज्य के छब्बीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :- 

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम निर्वाचन विधि (सिक्किम पर विस्तारण) अधिनियम, 1976 है  

(2) यह 1975 के सितम्बर के नवें दिन प्रवृत्त हुआ समझा जाएगा  

2. निर्वाचन विधियों का विस्तार और संशोधन-(1) अनुसूची में वर्णित अधिनियमों का इसके द्वारा सिक्किम राज्य पर विस्तार किया जाता है और वे उस राज्य में प्रवृत्त होंगे  

(2) इस अधिनियम के प्रारम्भ से अनुसूची में वर्णित अधिनियम इसमें विनिर्दिष्ट रूप से संशोधित हो जाएंगे

(3) अनुसूची में वर्णित अधिनियमों में सिक्किम राज्य में अप्रवृत्त किसी विधि के या वहां अविद्यमान किसी कृत्यकारी के प्रति किसी निर्देश का, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस राज्य में प्रवृत्त तत्सम विधि या विद्यमान तत्सम कृत्यकारी के प्रति निर्देश है:

परन्तु यदि कोई प्रश्न उठता है कि वह तत्सम कृत्यकारी कौन है या यदि कोई भी ऐसा तत्सम कृत्यकारी नहीं है तो केन्द्रीय सरकार यह विनिश्चय करेगी कि ऐसा कृत्यकारी कौन होगा और केन्द्रीय सरकार का विनिश्चिय अन्तिम होगा

3. निरसन और व्यावृत्ति-(1) निर्वाचन विधि (सिक्किम पर विस्तारण) अध्यादेश, 1975 (1975 का 9) इसके द्वारा निरसित किया जाता है  

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन या आधार पर की गई कोई बात या कार्यवाही इस अधिनियम के अधीन या आधार पर की गई समझी जाएगी

अनुसूची

(धारा 2 देखिए)

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950

(1950 का अधिनियम सं० 43)

धारा 7- धारा 7 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

7. सिक्किम की विधान सभा में स्थानों की कुल संख्या तथा सभा निर्वाचन-क्षेत्र-(1) धारा 7 में किसी बात के होते हुए भी, सिक्किम राज्य की विधान सभा में [जो संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 के अधीन उस राज्य की सम्यक् रूप से गठित विधान सभा समझी जाती हैट सभा निर्वाचन-क्षेत्रों से सीधे निर्वाचन द्वारा चुने गए व्यक्तियों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या 32 होगी

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक सभा निर्वाचन-क्षेत्र एक-सदस्य निर्वाचन-क्षेत्र होगा  

(3) इस प्रकार सम्यक् रूप से गठित समझी गई विधान सभा में प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र का विस्तार और स्थानों का आरक्षण वैसा ही होगा जैसा कि संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 के प्रारम्भ के ठीक पूर्व उपबन्धित था "

धारा 25-भाग 3 में धारा 25 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

25. सिक्किम के संघ निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचक के रूप में रजिस्ट्रीकरण की शर्तें-धारा 15 और 19 में किसी बात के होते हुए भी, सिक्किम राज्य में संघ निर्वाचन-क्षेत्र के लिए, मठों के केवल वे संघ, निर्वाचक नामावलि में रजिस्ट्रीकृत होने के हकदार होंगे, जिन्हें सिक्किम की सभा बनाने के लिए अप्रैल, 1974 में सिक्किम में किए गए निर्वाचनों के प्रयोजन के लिए मान्यता दी गई थी और उक्त निर्वाचक नामावलि को, धारा 21 से 25 तक की धाराओं के उपबंधों के अधीन रहते हुए, ऐसी रीति से तैयार किया जाएगा या पुनरीक्षित किया जाएगा, जो सिक्किम सरकार के परामर्श से निर्वाचन आयोग द्वारा निदिष्ट की जाए "

प्रथम अनुसूची-प्रथम अनुसूची में शीर्ष 1. राज्य" के नीचे, क्रम संख्या 15 और उससे सम्बन्धित प्रविष्टियों के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

15. सिक्किम                    ..             ..                             ..                             ..1                                           .."  

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951

(1951 का अधिनियम सं० 43)

धारा 4-धारा 4 में, खण्ड (गग) के अन्त में तथा" शब्द का लोप करें और उस खण्ड के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :- 

(गगग) सिक्किम राज्य को आबंटन में मिले स्थान की दशा में, वह सिक्किम के संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए निर्वाचक हो;"  

धारा 5-धारा 5 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

5. सिक्किम की विधान सभा की सदस्यता के लिए अर्हताएं-धारा 5 में किसी बात के होते हुए भी, सिक्किम की विधान सभा में (जो संविधान के अधीन उस राज्य की सम्यक् रूप से गठित विधान सभा समझी जाती है) स्थान को भरने के लिए चुने जाने के लिए कोई व्यक्ति तब तक अर्हित नहीं होगा जब तक कि वह :-

() भूटिया-लेप्चा उद्भव के सिक्किमियों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, या तो भूटिया या लेप्चा उद्भव का व्यक्ति हो और राज्य में किसी ऐसे सभा निर्वाचन-क्षेत्र के लिए, जो संघों के लिए आरक्षित निर्वाचन-क्षेत्र से भिन्न है, निर्वाचक हो;

() नेपाली उद्भव के सिक्किमियों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, नेपाली उद्भव का व्यक्ति हो और राज्य में किसी सभी निर्वाचन-क्षेत्र के लिए निर्वाचक हो

() अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, रिप्रेजेन्टेशन आफ सिक्किम सब्जेक्ट्स ऐक्ट, 1974 में विनिर्दिष्ट जातियों में से किसी जाति का सदस्य हो और राज्य में किसी सभा निर्वाचन-क्षेत्र के लिए निर्वाचक हो; तथा 

() संघों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, संघ निर्वाचन-क्षेत्र का निर्वाचक हो "

धारा 12-धारा 12 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

12. राज्य सभा में सिक्किम राज्य को आबंटन में मिले स्थान को भरने के लिए निर्वाचन की अधिसूचना-राज्य सभा में सिक्किम राज्य को संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा आबंटन में मिले स्थान को प्रथम बार भरने के प्रयोजन के लिए राष्ट्रपति, भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, ऐसी तारीख को, जिसकी सिफारिश निर्वाचन आयोग द्वारा की जाए, सिक्किम राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों से अपेक्षा करेगा कि वे इस अधिनियम के और उसके अधीन बनाए गए नियमों तथा आदेशों के उपबन्धों के अनुसरण में एक सदस्य को निर्वाचित करें और इस प्रकार से किया गया निर्वाचन सभी प्रयोजनों और आशय के लिए धारा 12 के अधीन किया गया निर्वाचन समझा जाएगा "

धारा 14-धारा 14 के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

14. विद्यमान लोक सभा में सिक्किम राज्य के प्रतिनिधि का निर्वाचन करने के लिए अधिसूचना-लोक सभा में सिक्किम राज्य के प्रतिनिधि का निर्वाचन करने के प्रयोजन के लिए, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 371 के खण्ड () में विनिर्दिष्ट है, निर्वाचन आयोग सिक्किम राज्य की विधान सभा के सदस्यों से अपेक्षा करेगा कि वे इस अधिनियम के और उसके अधीन बनाए गए नियमों और आदेशों के ऐसे उपबन्धों के अनुसरण में, जो राज्य सभा के सदस्यों के निर्वाचनों के लिए लागू हैं, प्रतिनिधि निर्वाचित करें "

धारा 33-धारा 33 की उपधारा (1) के पश्चात् निम्नलिखित अन्तःस्थापित करें :-

(1) उपखण्ड (1) में किसी बात के होते हुए भी, सिक्किम विधान सभा के (जो संविधान के अधीन उस राज्य की सम्यक् रूप से गठित विधान सभा समझी जाती है) निर्वाचन के लिए रिटर्निंग आफिसर को परिदत्त किया जाने वाला नामनिर्देशन-पत्र ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से होगा जिन्हें विहित किया जाए

परन्तु उक्त नामनिर्देशन-पत्र अभ्यर्थी द्वारा यह दर्शाने के लिए हस्ताक्षरित किया जाएगा कि उसने नामनिर्देशन के लिए अपनी अनुमति दे दी है, तथा-

() भूटिया-लेप्चा उद्भव के सिक्किमियों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, प्रस्थापकों के रूप में उस      निर्वाचन-क्षेत्र के कम से कम बीस निर्वाचकों द्वारा और समर्थकों के रूप में उस निर्वाचन-क्षेत्र के बीस निर्वाचकों द्वारा भी

() संघों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, प्रस्थापकों के रूप में उस निर्वाचन-क्षेत्र के कम से कम बीस निर्वाचकों द्वारा और समर्थकों के रूप में उस निर्वाचन-क्षेत्र के कम से कम बीस निर्वाचकों द्वारा भी

() नेपाली उद्भव के सिक्किमियों के लिए आरक्षित स्थान की दशा में, प्रस्थापक के रूप में उस निर्वाचन-क्षेत्र के एक निर्वाचक द्वारा, हस्ताक्षरित किया जाएगा :

                परन्तु यह और कि रिटर्निंग आफिसर को कोई नामनिर्देशन पत्र ऐसे दिन परिदत्त नहीं किया जाएगा जो लोक अवकाश का दिन है

धारा 34-धारा 34 की उपधारा (2) में धारा 33 की उपधारा (1) के अधीन" के स्थान पर धारा 33 की, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (1) के अधीन" रखें  

धारा 35-धारा 35 में धारा 33 की उपधारा (1) के अधीन" के स्थान पर धारा 33 की, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (1) के अधीन" रखें

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