टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (स्वामित्व का अपविनिधान) अधिनियम, 2007
(2007 का अधिनियम संख्यांक 50)
[12 दिसम्बर, 2007]
टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में सरकार के शेयरों के
अपविनिधान और उससे संबंधित या उसके
आनुषंगिक विषयों का उपबंध
करने के लिए
अधिनियम
इनचैक टायर्स लिमिटेड और नेशनल रबर मैन्यूफैक्चरर्स लिमिटेड का, जो उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 की पहली अनुसूची में उल्लिखित वस्तुओं अर्थात् टायरों, ट्यूबों और रबड़ के अन्य माल के विनिर्माण, उत्पादन और वितरण में लगी हुई थीं, इनचैक टायर्स लिमिटेड और नेशनल रबड़ मैन्यूफैक्चरर्स लिमिटेड (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1984 के अधीन राष्ट्रीयकरण हो गया था तथा 5 मार्च, 1984 से टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, कलकत्ता को अंतरित कर दी गई थीं और उसमें निहित हो गई थीं ;
और टायरों, ट्यूबों और रबड़ के अन्य माल के विनिर्माण, उत्पादन और वितरण के लिए उपलब्ध सुविधाओं के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए बड़ी रकम के विनिधान की आवश्यकता है;
और यह सुनिश्चित करने के लिए कि पूर्वोक्त वस्तुओं के, जो देश की अर्थव्यवस्था की जरूरतों के लिए आवश्यक हैं, विनिर्माण, उत्पादन और वितरण को जारी रख कर आम जनता का हित साधन होता है, प्राइवेट सेक्टर को विनिधान करने हेतु समर्थ बनाने के लिए टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, कोलकाता में सरकार के शेयरों का अपविनिधान करना समीचीन है;
भारत गणराज्य के अठावनवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम-इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (स्वामित्व का अपविनिधान) अधिनियम, 2007 है ।
2. कंपनी में अपविनिधान-जहां केन्द्रीय सरकार की, पब्लिक सेक्टर उद्यम पुनर्निर्माण बोर्ड की सिफारिशों पर, यह राय है कि टायर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (जिसे इसमें इसके पश्चात् कंपनी कहा गया है) में अपविनिधान किया जाए वहां वह किसी व्यक्ति को ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो करार पाई जाएं, कंपनी में शेयरों के अंतरण, विनिमय या त्याग के लिए उपबंध करने वाला आदेश पारित कर सकेगी ।
3. कंपनी में अपविनिधान के लिए प्रतिफल का संदाय-(1) किसी व्यक्ति को और उसमें कंपनी के शेयरों को अंतरित या निहित करने के लिए, ऐसे व्यक्ति द्वारा या यदि ऐसा व्यक्ति कोई कंपनी है तो ऐसी कंपनी द्वारा केंद्रीय सरकार को, कंपनी की भूमि, आस्तियों और दायित्वों के केंद्रीय सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट किसी मूल्यांकन पद्धति के अनुसार अधिकतम मूल्य को ध्यान में रखते हुए, प्रतिफल दिया जाएगा ।
(2) अंतरिती को, कंपनी के शेयरों के अंतरण के लिए प्रतिफल के संदाय की रीति ऐसी होगी, जो अंतरक, कंपनी और अंतरिती, यथास्थिति, व्यक्ति या कंपनी के बीच करार पाई जाए ।
4. अपविनिधान की रीति-केन्द्रीय सरकार, धारा 2 के अधीन किए गए अपने आदेश में, यह विनिर्दिष्ट कर सकेगी कि शेयरों का अपविनिधान, निम्नलिखित एक या अधिक ढंग से, जो ऐसे आदेश में विनिर्दिष्ट किए जाएं, किया जाएगा, अर्थात्ः-
(क) ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जो किसी अन्य सरकारी कंपनी की दशा में लागू हो, सार्वजनिक प्रस्थापना या अधिमानी आबंटन या निजी व्यवस्था द्वारा;
(ख) ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जो सरकारी कंपनी की दशा में लागू हो, यथास्थिति, जनता के सदस्यों को साधारण शेयर पूंजी का और पुरोधरण या अधिमानी आबंटन या निजी व्यवस्था करने के लिए कंपनी को निदेश द्वारा ।
5. कंपनी के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के संबंध में उपबंध-(1) कंपनी का प्रत्येक अधिकारी या अन्य कर्मचारी, अध्यक्ष और निदेशकों के सिवाय, जो इस अधिनियम के अधीन कंपनी के अपविनिधान के ठीक पूर्व उसके नियोजन में सेवा कर रहा है, ऐसे विनिधान के पश्चात् पद पर या सेवा में उन्हीं निबंधनों और शर्तों पर बना रहेगा जो उस समय अनुज्ञेय होतीं जब ऐसा कोई अपविनिधान नहीं हुआ होता और ऐसे अपविनिधान की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के अवसान तक इस प्रकार बना रहेगा ।
(2) जहां कंपनी का कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी उपधारा (1) के अधीन कंपनी के नियोजन या सेवा में न रहने का विकल्प देता है, वहां यह समझा जाएगा कि ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी ने पद त्याग दिया है ।
6. अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव होना-इस अधिनियम के उपबंध, इनचैक टायर्स लिमिटेड और नेशनल रबर मैन्यूफैक्चरर्स लिमिटेड (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1984 (1984 का 17) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे ।
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