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कोककारी कोयला खान (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972 ( Coking Coal Mines (Nationalisation) Act, 1972 )


 

कोककारी कोयला खान (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972

(1972 का अधिनियम संख्यांक 36)

[17 अगस्त, 1972]

लोहा तथा इस्पात उद्योग की बढ़ती हुई मांगों की पूर्ति के लिए आवश्यक कोककारी

कोयला साधनों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके वैज्ञानिक विकास की प्रोन्नति के

प्रयोजनार्थ कोककारी कोयला खानों तथा कोक भट्टी संयंत्रों का पुनर्गठन और

पुनर्निर्माण करने की दृष्टि से प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोककारी

कोयला खानों के स्वामियों के अधिकार, हक और हित का और ऐसे

कोक भट्टी संयंत्रों के जो उक्त कोककारी कोयला खानों में या

उनके आसपास हैं, स्वामियों के अधिकार, हक और हित

का अर्जन और अन्तरण करने के लिए और उनसे

संबंधित या उनके आनुषंगिक

विषयों के लिए उपबन्ध

करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के तेईसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

अध्याय 1

प्रारम्भिक

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम कोककारी कोयला खान (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम, 1972 है ।

(2) धारा 30 और धारा 31 के उपबन्ध तुरन्त प्रवृत्त होंगे और इस अधिनियम के शेष उपबन्ध 1 मई, 1972 से प्रवृत्त हुए   समझे जाएंगे ।

2. राज्य की नीति के बारे में घोषणा-इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 39 के खण्ड (ख) में उल्लिखित तत्त्वों का प्रयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य की नीति को प्रभावी करने के लिए है ।

स्पष्टीकरण-इस धारा में, राज्य" का वही अर्थ है जो संविधान के अनुच्छेद 12 में है ।

3. परिभाषाएं-इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) नियत दिन" से 1 मई, 1972 अभिप्रेत है ।

(ख) कोक भट्टी संयंत्र" से ऐसा संयंत्र और उपस्कर अभिप्रेत है जिससे हार्ड कोक का विनिर्माण किया जाता रहा है या किया जा रहा है और निम्नलिखित इसके अन्तर्गत आते हैं, अर्थात् :-

(i) कोक भट्टी संयंत्र की, या उसमें की सब भूमि, भवन, संकर्म, मशीनरी और उपस्कर, यान, रेल, ट्राम और साइडिंग ;

(ii) कोक भट्टी संयंत्र की सब कर्मशालाएं जिनके अन्तर्गत ऐसी कर्मशालाओं के भवन, मशीनरी, उपकरण, भण्डार, उपस्कर और वे भूमि भी हैं जिन पर ऐसी कर्मशालाएं हैं ;

(iii) कोक भट्टी संयंत्र के स्टाक में या उसके उत्पादनाधीन सब कोक और अन्य भण्डार, स्टाक और उपकरण ;

(iv) कोक भट्टी संयंत्र के या उस कोक भट्टी संयंत्र या कई कोक भट्टी संयंत्रों के कार्यकरण के प्रयोजनार्थ विद्युत प्रदाय के लिए चलाए जाने वाले सब विद्युत केन्द्र ;

(v) उस कोक भट्टी संयंत्र की सब भूमि, भवन और उपस्कर जहां कोयले की धुलाई की जाती है ;

(vi) कोक भट्टी संयंत्र की सब अन्य, जंगम या स्थावर, स्थिर आस्तियां और चालू आस्तियां चाहे वे उसके परिसर के भीतर हों या बाहर ।

 [स्पष्टीकरण-चालू आस्तियां" पद के अन्तर्गत निम्नलिखित नहीं हैं,-

(क) नियत दिन के पूर्व किसी भी समय विक्रय किए गए कोयले और कोयला उत्पादों के बाबत शोध्य और उक्त दिन के ठीक पूर्व बकाया रकमें ;

(ख) नियत दिन के पूर्व किसी अवधि की बाबत कोल माइन्स (कन्जर्वेशन, सेफ्टी एण्ड डेवेलपमेंट) ऐक्ट, 1952 (1952 का 19) के निरसन के पूर्व उक्त अधिनियम की धारा 4 के अधीन स्थापित कोयला बोर्ड से शोध्य रकमें ;

(ग) अन्यान्य ऋणियों से शोध्य रकमें, अन्य पक्षकारों को दिए गए उधार और अग्रिम धन और ऐसे विनिधान जो कोक भट्टी संयंत्र में विनिधान नहीं हैं ;

(घ) संविदाओं को पूरा करने के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त कोयला नियंत्रक के पास या रेल विभाग के पास या बिलों के संदाय के लिए राज्य विद्युत बोर्ड के पास स्वामियों द्वारा किए गए प्रतिभूति निक्षेप ;

(ङ) संविदाएं प्राप्त करने के लिए रेल विभाग के पास स्वामियों द्वारा जमा किया गया अग्रिम धन ;]

(ग) कोककारी कोयला खान" से ऐसी कोयला खान अभिप्रेत है जिसमें कोककारी कोयले के एक या अधिक संस्तर विद्यमान हैं, चाहे वे अनन्यतः हों या अन्य कोयले के किसी संस्तर के अतिरिक्त हों ;

(घ) कम्पनी" से कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 3 में यथापरिभाषित कम्पनी अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत उस अधिनियम की धारा 591 के अर्थ में विदेशी कम्पनी भी है ;

(ङ) आयुक्त" से धारा 20 के अधीन नियुक्त संदाय आयुक्त अभिप्रेत है ;

(च) अभिरक्षक" से कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध ग्रहण करने या चलाने के लिए धारा 14 की उपधारा (2) के अधीन नियुक्त अभिरक्षक अभिप्रेत है ;

(छ) अनुमति की तारीख" से वह तारीख अभिप्रेत है जिसको राष्ट्रपति इस अधिनियम को अनुमति प्रदान करे ;

(ज) सरकारी कम्पनी" का वही अर्थ है जो उसका कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 617 में है ;

(झ) प्रबन्धकारी ठेकेदार" से ऐसा व्यक्ति या व्यक्तियों का निकाय अभिप्रेत है जिसने राज्य सरकार की लिखित पूर्व सहमति से किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के साथ, कोई ऐसा ठहराव, संविदा या व्यवस्था की है, जिसके अधीन कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की संक्रियाएं ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के निकाय द्वारा पर्याप्त रूप से नियंत्रित की जाती हैं ;

(ञ) खान" से कोई ऐसा उत्खात अभिप्रेत है जहां खनिजों की तलाशी या अभिप्राप्ति के प्रयोजन के लिए कोई संक्रिया चलाई जाती रही है या चलाई जा रही है और निम्नलिखित इसके अन्तर्गत आते हैं, अर्थात् :-

(i) सब बोरिंग और बोर-छिद्र ;

(ii) खान के पार्श्वस्थ, और उसके या खान में के सब कूपक, चाहे वे गलाए जा रहे हों या नहीं ;

(iii) अनुखनन के अनुक्रम में सब समतलिकाएं और आनत समपथ ;

(iv) सब विवृत्त खनित ;

(v) खनिजों या अन्य वस्तुओं को खान में लाने या वहां से हटाने या वहां से कचरा हटाने के लिए उपबन्धित सब प्रवहणियां या आकाशी रज्जू-मार्ग ;

(vi) खान की या उसमें की या उसके आसपास की सब भूमि, भवन, संकर्म, एडिट, समतलिकाएं, समपथ, मशीनरी और उपस्कर, यान, रेल, ट्रामवे और साइडिंग ;

(vii) खान की या उसमें की सब कर्मशालाएं जिनके अन्तर्गत ऐसी कर्मशालाओं के भवन, मशीनरी, उपकरण, भण्डार, उपस्कर और वे भूमि भी हैं जिन पर ऐसी कर्मशालाएं हैं ;

(viii) खान के या उसमें के स्टाक में या अभिवहन में या उत्पादनाधीन सब कोयला और अन्य भण्डार, स्टाक और उपकरण ;

(ix) खान के या उसमें के अथवा उस खान या कई खानों के कार्यकारण के प्रयोजनार्थ विद्युत प्रदाय के लिए चलाए जाने वाले सब विद्युत केन्द्र ;

(x) खान की या उसमें की सब भूमि, भवन और उपस्कर जहां कोयले की धुलाई या कोक का विनिर्माण किया जाता है ;

(न्त्) खान की सब अन्य, जंगम या स्थावर, स्थिर आस्तियां और चालू आस्तियां, चाहे वे उसके परिसर के भीतर हों या बाहर

 [स्पष्टीकरण-चालू आस्तियां" पद के अन्तर्गत निम्नलिखित नहीं हैं,-

(क) नियत दिन के पूर्व किसी भी समय विक्रय किए गए कोयले और कोयला उत्पादों की बाबत शोध्य और उक्त दिन के ठीक पूर्व बकाया रकमें ;

(ख) नियत दिन के पूर्व किसी अवधि की बाबत कोल माइन्स (कन्जर्वेशन, सेफ्टी एण्ड डवेलपमेंट) ऐक्ट, 1952 (1952 का 19) के निरसन के पूर्व उक्त अधिनियम की धारा 4 के अधीन स्थापित कोयला बोर्ड से शोश्य रकमें ;

(ग) अन्यान्य ऋणियों से शोध्य रकमें, अन्य पक्षकारों को दिए गए उधार और अग्रिम धन और ऐसे विनिधान जो कोककारी कोयला खान में विनिधान नहीं हैं ;

(घ) संविदाओं को पूरा करने के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त कोयला नियंत्रक के पास या रेल विभाग के पास या बिलों के संदाय के लिए राज्य विद्युत बोर्ड के पास स्वामियों द्वारा किए गए प्रतिभूति निक्षेप ;

(ङ) संविदाएं प्राप्त करने के लिए रेल विभाग के पास स्वामियों द्वारा जमा किया गया अग्रिम धन ;]

(ट) खनिज रियायत नियम" से तत्समय प्रवृत्त वे नियम अभिप्रेत हैं जो खान और खनिज (विनियमन और विकास) अधिनियम, 1957 (1957 का 67) के अधीन बनाए गए हैं ;

() खनन कम्पनी" से कोककारी कोयला खान पर स्वामित्व रखने वाली कम्पनी, और कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 591 अर्थ में किसी विदेशी कम्पनी के सम्बन्ध में भारत में उस कम्पनी का उपक्रम, अभिप्रेत है ;

(ड) अधिसूचना" से राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अभिप्रेत है ;

(ढ) स्वामी"-

(i) का, जब वह खान के सम्बन्ध में प्रयुक्त हुआ है, वही अर्थ है जो उसका खान अधिनियम, 1952 (1952 का 35) में है,

(ii) से, जब वह कोक भट्टी संयंत्र के सम्बन्ध में प्रयुक्त हुआ है, कोई ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो कोक भट्टी संयंत्र या उसके किसी भाग का अव्यवहित स्वत्वधारी या पट्टेदार या अधिष्ठाता है या कोक भट्टी संयंत्र या उसके किसी भाग के कार्यकरण का ठेकेदार है ;

(ण) विहित" से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है ;

(त) अनुसूचित बैंक" से भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की द्वितीय अनुसूची में तत्समय सम्मिलित बैंक अभिप्रेत है ;

(थ) विनिर्दिष्ट तारीख" से वह तारीख अभिप्रेत है जिसे केन्द्रीय सरकार, इस अधिनियम के किसी उपबन्ध के प्रयोजन के लिए, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे और इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के लिए विभिन्न तारीखें विनिर्दिष्ट की जा सकती हैं ;

(द) जो शब्द और पद इसमें प्रयुक्त हैं और परिभाषित नहीं है किन्तु कोयला खान (संरक्षण, सुरक्षा और विकास) अधिनियम, 1952 (1952 का 12) में परिभाषित हैं उनके वही अर्थ होंगे जो उस अधिनियम में हैं ;

(ध) जो शब्द और पद इसमें प्रयुक्त हैं और इस अधिनियम में या कोयला खान (संरक्षण, सुरक्षा और विकास) अधिनियम, 1952 (1592 का 12) में परिभाषित नहीं हैं किन्तु खान अधिनियम, 1952 (1952 का 35) में परिभाषित हैं उनके वही अर्थ होंगे जो खान अधिनियम, 1952 में हैं ।

अध्याय 2

कोककारी कोयला खानों और कोक भट्टी संयंत्रों के स्वामियों के अधिकारों का अर्जन

4. कोककारी कोयला खानों में अधिकारों का अर्जन-(1) नियत दिन को, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोककारी कोयला खानों के सम्बन्ध में स्वामियों के अधिकार, हक और हित सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर केन्द्रीय सरकार को अन्तरित हो जाएंगे और उसमें पूर्ण रूप से निहित हो जाएंगे ।

 ।                                             ।                                              ।                                              ।                                              ।

 [(3) यदि नियत दिन के पश्चात् केन्द्रीय सरकार का, किसी प्राप्त जानकारी के आधार पर अथवा अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि प्रथम अनुसूची में अन्तर्विष्ट किसी कोककारी कोयला खान की विशिष्टियों के अथवा ऐसी किसी कोककारी कोयला खान के स्वामी के नाम और पते के संबंध में कोई गलती, लोप या गलत वर्णन हो गया है तो वह, अधिसूचना द्वारा, ऐसी गलती, लोप या गलत वर्णन को शुद्ध कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के जारी हो जाने पर, प्रथम अनुसूची की सुसंगत प्रविष्टियां तद्नुसार शुद्ध की जाएंगी और सदैव से शुद्ध की गई समझी जाएंगी :

परन्तु यदि किसी कोककारी कोयला खान के स्वामित्व के संबंध में कोई विवाद है तो ऐसे स्वामित्व के संबंध में ऐसी कोई शुद्धि नहीं की जाएगी ।]

5. कोक भट्टी संयंत्रों के स्वामियों के अधिकारों का अर्जन किसी- [(1)] नियत दिन को, द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोक भट्टी संयंत्र के जो ऐसे कोक भट्टी संयंत्र हैं जो प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोककारी कोयला खानों में या उनके आसपास स्थित हैं, स्वामियों के अधिकार, हक और हित सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर केन्द्रीय सरकार को अन्तरित हो जाएंगे और उसमें पूर्ण रूप से निहित हो जाएंगे ।

 [(2) यदि नियत दिन के पश्चात् केन्द्रीय सरकार का, किसी प्राप्त जानकारी के आधार पर अथवा अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि द्वितीय अनुसूची में अन्तर्विष्ट किसी कोक भट्टी संयंत्र की विशिष्टियों के अथवा ऐसी किसी कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के नाम और पते के संबंध में कोई गलती, लोप या गलत वर्णन हो गया है तो वह, अधिसूचना द्वारा, ऐसी गलती, लोप या गलत वर्णन को शुद्ध कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के जारी हो जाने पर, द्वितीय अनुसूची की सुसंगत प्रविष्टियां तद्नुसार शुद्ध की जाएंगी और सदैव से शुद्ध की गई समझी जाएंगी :

परन्तु यदि किसी कोक भट्टी संयंत्र के स्वामित्व के संबंध में कोई विवाद है तो ऐसे स्वामित्व के संबंध में ऐसी कोई शुद्धि नहीं की जाएगी ।]

6. केन्द्रीय सरकार का राज्य सरकार का पट्टेदार होना-(1) जहां किसी राज्य सरकार या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी कोककारी कोयला खान के संबंध में अनुदत्त या अनुदत्त समझे गए किसी खनन पट्टे के अधीन किसी स्वामी के अधिकार, धारा 4 के अधीन केन्द्रीय सरकार में निहित हो जाते हैं, वहां केन्द्रीय सरकार, ऐसे निहित होने की तारीख से ऐसी कोककारी कोयला खान के संबंध में, यथास्थिति, राज्य सरकार या ऐसे अन्य व्यक्ति की पट्टेदार हुई समझी जाएगी मानो ऐसी कोककारी कोयला खान के  [संबंध में नया खनन पट्टा,ट खनिज रियायत नियमों के अधीन केन्द्रीय सरकार को दिया गया था और ऐसे पट्टे की अवधि 5[वह अधिकतम अवधि होगी] जिसके लिए ऐसा पट्टा राज्य सरकार या ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा उन नियमों के अधीन दिया जा सकता था और तब, ऐसे खनन पट्टे के अधीन सभी अधिकार, जिनके अन्तर्गत पट्टेदार को दिए गए सतह पर के, भू-तल के नीचे के और अन्य अधिकार भी हैं, केन्द्रीय सरकार को अन्तरित और उसमें निहित हुए समझे जाएंगे

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी पट्टे की अवधि की समाप्ति पर, यदि केन्द्रीय सरकार चाहे तो, उस पट्टे का ॥। पट्टाकर्ता द्वारा उस अधिकतम अवधि के लिए जिसके लिए ऐसे पट्टे का खनिज रियायत नियमों के अधीन नवीकरण किया जा सकता है, नवीकरण   किया जाएगा ।

7. अधिकारों को सरकारी कंपनी में निहित करने का निदेश देने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति-(1) धारा 4 से 6 (जिनमें ये दोनों धाराएं सम्मिलित हैं) में किसी बात के होते हुए भी, यदि केन्द्रीय सरकार का समाधान हो जाता है कि कोई सरकारी कंपनी ऐसे निबन्धनों और शर्तों का जिन्हें अधिरोपित करना वह सरकार ठीक समझे, अनुपालन करने के लिए रजामन्द है या उसने उसका अनुपालन कर दिया है तो वह लिखित आदेश द्वारा निदेश दे सकती है कि क्रमशः धारा 4 या धारा 5 में निर्दिष्ट कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के संबंध में स्वामी का अधिकार, हक और हित केन्द्रीय सरकार में निहित बने रहने के बजाय, सरकारी कंपनी में, या तो निदेश के प्रकाशन की तारीख को या उससे पहले की या बाद की ऐसी तारीख को (जो नियत दिन से पहले की तारीख न हो) जिसे निदेश में विनिर्दिष्ट किया जाए, निहित हो जाएगा ।

(2) जहां किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के संबंध में किसी स्वामी के अधिकार, हक और हित उपधारा (1) के अधीन सरकारी कंपनी में निहित हो जाते हैं वहां वह सरकारी कंपनी ऐसे निहित होने की तारीख से-

(क) ऐसी कोककारी कोयला खान के सम्बन्ध में पट्टेदार समझी जाएगी मानो ऐसी कोककारी कोयला खान के संबंध में खनन पट्टा, खनिज रियायत नियमों के अधीन सरकारी कंपनी को दिया गया था और ऐसे पट्टे की अवधि वह सम्पूर्ण अवधि होगी जिसके लिए ऐसा पट्टा उन नियमों के अधीन दिया जा सकता था ;

(ख) कोक भट्टी संयंत्र की स्वामी समझी जाएगी,

 और ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के संबंध में केन्द्रीय सरकार के सभी अधिकार और दायित्व ऐसे निहित होने की तारीख से क्रमशः उस सरकारी कम्पनी के अधिकार और दायित्व समझे जाएंगे ।

                (3) धारा 6 की उपधारा (2) के उपबन्ध ऐसे पट्टे को, जो सरकारी कंपनी में निहित हो जाता है उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे केन्द्रीय सरकार में निहित पट्टे को लागू होते हैं और उसमें केन्द्रीय सरकार के प्रति निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस सरकारी कंपनी के प्रति निर्देश है ।

8. केन्द्रीय सरकार में निहित सम्पत्ति का बन्धक, आदि से मुक्त होना-(1) वह सभी सम्पत्ति जो इस अध्याय के अधीन केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी में निहित होती है, ऐसे निहित होने के आधार पर, किसी न्यास, बाध्यता, बन्धक, भार, धारणाधिकार और उसको प्रभावित करने वाले अन्य सभी विल्लंगमों से मुक्त और उन्मोचित हो जाएगी और ऐसी सम्पत्ति के उपयोग को किसी भी रीति से निर्बन्धित करने वाली किसी न्यायालय की कुर्की, व्यादेश या डिक्री या आदेश वापस ले लिया गया समझा जाएगा ।

                (2) किसी ऐसी सम्पत्ति का जो केन्द्रीय सरकार या किसी सरकारी कंपनी में इस अधिनियम के अधीन निहित हो गई है, प्रत्येक बन्धकदार और किसी ऐसी संपत्ति में या उसके सम्बन्ध में कोई भार, धारणाधिकार या अन्य हित धारण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति, उतने समय के अन्दर और ऐसी रीति से जो विहित की जाए, ऐसे बन्धक, भार, धारणाधिकार या अन्य हित की सूचना आयुक्त को देगा ।

                (3) शंकाओं को दूर करने के लिए इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट किसी संपत्ति का बन्धकदार या ऐसी सम्पत्ति में या उसके संबंध में कोई भार, धारणाधिकार या अन्य हित धारण करने वाला अन्य व्यक्ति, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में ऐसी सम्पत्ति के संबंध में विनिर्दिष्ट रकम में से बन्धक धन या अन्य शोध्य रकम के, पूर्णतः या भागतः, संदाय के लिए दावा करने का हकदार होगा किन्तु ऐसा कोई बन्धक, भार या धारणाधिकार या अन्य हित केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी की किसी ऐसी सम्पत्ति के विरुद्ध प्रवर्तनीय न होगा ।

9. केन्द्रीय सरकार का पहले के दायित्वों के लिए जिम्मेदार होना-(1) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी, अभिकर्ता, प्रबन्धक या प्रबन्धकारी ठेकेदार का नियत दिन से पहले की किसी अवधि के संबंध में प्रत्येक दायित्व, यथास्थिति, ऐसे स्वामी, अभिकर्ता, प्रबन्धक या प्रबन्धकारी ठेकेदार का दायित्व होगा और उसके विरुद्ध प्रवर्तनीय होगा न कि केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी के विरुद्ध ।

                (2) शंकाओं को दूर करने के लिए इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि-

(क) इस अधिनियम में अन्यत्र जैसा उपबन्धित है उसके सिवाय, किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र  के संबंध में नियत दिन के पहले की किसी अवधि की बाबत मजदूरी, बोनस, स्वामित्व, रेट, भाटक, कर, भविष्य-निधि, पेन्शन, उपदान या किसी अन्य शोध्य राशि के लिए कोई दावा केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय न होगा ;

(ख) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के संबंध में नियत दिन के पश्चात् किन्तु किसी ऐसे मामले, दावे या विवाद में, जो उस दिन से पहले पैदा हुआ हो, पारित किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण का अधिनिर्णय, डिक्री या आदेश केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय न होगा ;

(ग) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के उपबंध के नियत दिन के पहले किए गए उल्लंघन के लिए कोई दायित्व केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय न होगा ।

अध्याय 3

रकम का संदाय

10. कोककारी कोयला खानों के स्वामियों को रकम का संदाय- [(1)] प्रथम अनुसूची के द्वितीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खान के समूह के स्वामी को केन्द्रीय सरकार द्वारा, ऐसी कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खान के समूह के संबंध में स्वामी के अधिकार, हक और हित धारा 4 के अधीन उसमें निहित होने के लिए, उक्त अनुसूची के पांचवें स्तम्भ में तत्स्थानी प्रविष्टि में उसके सामने विनिर्दिष्ट रकम के बराबर रकम, नकद रूप में और धारा 21 में विनिर्दिष्ट रीति से, दी जाएगी ।

                 [(2) शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि प्रथम अनुसूची के दूसरे स्तंभ में विनिर्दिष्ट किसी कोककारी कोयला खान या कोककरी कोयला खानों के समूह के सामने उक्त अनुसूची के पांचवें स्तंभ में विनिर्दिष्ट और उपधारा (1) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा उसके स्वामी को दी जाने के लिए अपेक्षित रकम में वह रकम सम्मिलित समझी जाएगी, और सदैव से सम्मिलित समझी जाएगी, जिसका नियत दिन के ठीक पूर्व की तारीख को धारा 3 के खंड (ञ) में निर्दिष्ट स्टाक में के सब कोयला या अन्य आस्तियों की बाबत ऐसे स्वामी को संदाय किए जाने के लिए अपेक्षित है और ऐसे कोयला या अन्य आस्तियों की बाबत स्वामी को कोई अतिरिक्त रकम संदेय नहीं होगी ।]

11. कोक भट्टी के संयंत्र के स्वामियों को रकम का संदाय- [(1)] द्वितीय अनुसूची के द्वितीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को, केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसे कोक भट्टी संयंत्र के संबंध में स्वामी के अधिकार, हक और हित धारा 5 के अधीन उसमें निहित होने के लिए उक्त अनुसूची के पांचवें स्तम्भ में तत्स्थानी प्रविष्टि में उसके सामने विनिर्दिष्ट रकम के बराबर रकम, नकद रूप में और धारा 21 में विनिर्दिष्ट रीति से, दी जाएगी ।

 [(2) शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि द्वितीय अनुसूची के दूसरे स्तंभ में विनिर्दिष्ट किसी कोक भट्टी संयंत्र के सामने उक्त अनुसूची के पांचवें स्तंभ में विनिर्दिष्ट और उपधारा (1) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा उसके स्वामी को दी जाने के लिए अपेक्षित रकम में वह रकम सम्मिलित समझी जाएगी, और सदैव से सम्मिलित समझी जाएगी, जिसका नियत दिन के ठीक पूर्व की तारीख को धारा 3 के खंड (ख) में निर्दिष्ट स्टाक में के सब कोयला या अन्य आस्तियों की बाबत ऐसे स्वामी को संदाय किए जाने के लिए अपेक्षित है और ऐसे कोक या अन्य आस्तियों की बाबत स्वामी को कोई अतिरिक्त रकम संदेय नहीं होगी ।]

12. अतिरिक्त रकम का संदाय-(1) धारा 4 और धारा 5 के उपबन्धों के भूतलक्षी प्रवर्तन को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय सरकार द्वारा, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोककारी कोयला खान के स्वामी को या द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को उस रकम के बराबर रकम नकद रूप में दी जाएगी जो रकम, यथास्थिति, उक्त धारा 4 और धारा 5 के उपबन्ध यदि न होते तो 1 मई, 1972 को प्रारम्भ होने वाली और अनुमति की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के लिए कोककारी कोयला खान (आपात उपबन्ध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) के अधीन ऐसे स्वामी को संदेय होती ।

(2) उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट रकम के अतिरिक्त, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोककारी कोयला खान के स्वामी को और द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रत्येक कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को केन्द्रीय सरकार द्वारा, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची के पांचवें स्तम्भ में तत्स्थानी प्रविष्टि में ऐसे स्वामी के सामने विनिर्दिष्ट रकम पर चार प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से साधारण ब्याज, अनुमति की तारीख को प्रारम्भ होने वाली और आयुक्त को ऐसी रकम का संदाय किए जाने की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के लिए, नकद रूप में दिया जाएगा ।

(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट रकम, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट रकम के अतिरिक्त होगी ।

12क. कर्मकारों को देय राशियों का रकम में से संदाय किया जाना-(1) ऐसी रकम में से जो-

() धारा 10 और धारा 12 के अधीन प्रत्येक कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह के स्वामी को ;

(ख) धारा 11 और धारा 12 के अधीन प्रत्येक कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को,

संदेय है, ऐसे स्वामी द्वारा नियोजित प्रत्येक व्यक्ति को,-

(i) ऐसे कर्मचारी के कल्याण के लिए स्थापित भविष्य निधि, पेंशन निधि, उपदान निधि या किसी अन्य निधि के संबंध में ; और

(ii) मजदूरी के रूप में,

ऐसे कर्मचारी को, नियत दिन को, देय बकाया की रकम के बराबर राशि का संदाय किया जाएगा ।

                (2) प्रत्येक कर्मचारी जिसे उपधारा (1) में निर्दिष्ट सभी बकाया या उसका कोई भाग देय हो, कोककारी तथा गैर-कोककारी कोयला खान (राष्ट्रीयकरण) संशोधन अधिनियम, 1973 (1973 का 41) के प्रारम्भ के पश्चात्, आयुक्त को ऐसे समय के भीतर, जो आयुक्त नियत करे, अपने दावे का सबूत फाइल करेगा ।

                (3) धारा 23 के उपबंध, जहां तक हो सके, उपधारा (2) में निर्दिष्ट सबूतों को फाइल करने, उन्हें ग्रहण करने या अस्वीकार करने के संबंध में लागू होंगे ।

                (4) आयुक्त, उपधारा (2) के अधीन दिए गए दावों को ग्रहण करने या उन्हें अस्वीकार करने के पश्चात्, उपधारा (1) में निर्दिष्ट बकाया की कुल रकम का अवधारण करेगा और ऐसे अवधारण के पश्चात् धारा 21 के अधीन उसे दी गई रकम में से, प्रथमतः ऐसे बकाया की कुल रकम के बराबर रकम काट लेगा ।

                (5) आयुक्त द्वारा उपधारा (4) के अधीन काटी गई सभी धनराशियां ऐसे नियमों के अनुसार, जो इस अधिनियम के अधीन बनाए जाएं, आयुक्त द्वारा सुसंगत निधि में जमा की जाएंगी अथवा ऐसे व्यक्तियों को दे दी जाएंगी जिन्हें ऐसी धनराशियां देय हैं और इस प्रकार जमा किए जाने अथवा दे दिए जाने पर, यथापूर्वोक्त देय बकाया की रकमों के संबंध में, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के दायित्व का निर्मोचन हो जाएगा ।

(6) आयुक्त द्वारा उपधारा (4) के अधीन की गई कटौतियों को अन्य सभी ऋणों पर पूर्विकता दी जाएगी चाहे वे प्रतिभूत हों या अप्रतिभूत ।

                (7) पूर्वगामी उपधाराओं में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, यथास्थिति, किसी कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी द्वारा देय प्रत्येक प्रतिभूत ऋण को अन्य सभी ऋणों पर पूर्विकता दी जाएगी और वे प्रतिभूत लेनदारों के अधिकारों के हितों के अनुसार दिए जाएंगे ।

13. नियत दिन के पश्चात् कोककारी कोयला खान और कोक भट्टी संयंत्र के स्वामियों द्वारा प्राप्त आय का केन्द्रीय सरकार को प्रतिदाय-(1) जहां किसी न्यायालय द्वारा दी गई किसी डिक्री, आदेश या व्यादेश के अनुसरण में, केन्द्रीय सरकार या कोककारी कोयला खान (आपात उपबन्ध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) के अधीन नियुक्त अभिरक्षक, किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध ग्रहण करने से निवारित कर दिया गया था वहां ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का स्वामी, अनुमति की तारीख से साठ दिन के भीतर, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी को, नियत दिन को प्रारम्भ होने वाली और अनुमति की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के संबंध में निम्नलिखित की बाबत लेखे देगा, अर्थात् :-

(क) उक्त अवधि के दौरान कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की आस्तियां या भंडार जो उसने अर्जित किए हैं या जिनका उसने विक्रय किया है ;

(ख) उक्त अवधि के दौरान विक्रय किया गया या भेजा गया कोयला या कोक ;

(ग) उक्त अवधि के दौरान उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से उसके द्वारा प्राप्त आय ।

                (2) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट लेखाओं की परीक्षा करने पर उस उपधारा में निर्दिष्ट अवधि के दौरान कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से स्वामी को कोई आय प्राप्त हुई पाई जाती है तो ऐसी आय, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में ऐसे स्वामी के नाम के सामने विनिर्दिष्ट रकम में से मुजरा की जाएगी और ऐसी रकम का अतिशेष उसे संदत्त किया जाएगा ।

                (3) यदि कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी द्वारा उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर कोई लेखा नहीं दिया जाता है या केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी के पास यह विश्वास करने का कारण है कि स्वामी द्वारा दिए गए लेखे की तात्त्विक विशिष्टियां गलत या मिथ्या हैं तो केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी मामले को आयुक्त को निर्दिष्ट कर सकती है और तब आयुक्त उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के दौरान स्वामी द्वारा प्राप्त आय का अवधारण करेगा और ऐसी आय को, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में ऐसे स्वामी के नाम के सामने विनिर्दिष्ट रकम में से मुजरा करेगा और ऐसे स्वामी को अतिशेष का संदाय करेगा ।

अध्याय 4

कोककारी कोयला खानों और कोक भट्टी संयंत्रों का प्रबन्ध, आदि

14. कोककारी कोयला खानों और कोक भट्टी संयंत्रों का प्रबन्ध, आदि-(1) जिस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सम्बन्ध में किसी स्वामी के अधिकार, हक और हित, यथास्थिति, धारा 4 या धारा 5 के अधीन केन्द्रीय सरकार में निहित हो गए हैं, उसके कार्यकलाप और कारबार का साधारण अधीक्षण, निदेशन, नियंत्रण और प्रबन्ध,-

() ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की दशा में, जिसके सम्बन्ध में केन्द्रीय सरकार द्वारा धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन निदेश दिया गया है, उस निदेश में विनिर्दिष्ट सरकारी कम्पनी में निहित होगा ; या

(ख) ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की दशा में, जिसके सम्बन्ध में केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसा कोई निदेश नहीं दिया गया है, उपधारा (2) के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त एक या अधिक अभिरक्षकों में निहित होगा,

और तब, यथास्थिति, इस प्रकार विनिर्दिष्ट सरकारी कम्पनी या इस प्रकार नियुक्त अभिरक्षक ऐसी सभी शक्तियों का प्रयोग करने का और ऐसी सभी बातें करने का हकदार होगा जिन शक्तियों का प्रयोग करने और जिन बातों को करने के लिए कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का स्वामी प्राधिकृत है ।

(2) केन्द्रीय सरकार किसी व्यक्ति या सरकारी कम्पनी को ऐसी किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का अभिरक्षक नियुक्त कर सकती है जिसके बारे में धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन उसके द्वारा कोई निदेश नहीं दिया गया है ।

15.  कोककारी कोयला खानों या कोक भट्टी संयंत्रों के प्रबन्ध के भारसाधक व्यक्तियों का सभी आस्तियों, आदि का परिदान करने का कर्तव्य-(1) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के प्रबन्ध के किसी सरकारी कम्पनी में निहित होने पर या अभिरक्षक की नियुक्ति हो जाने पर, ऐसे निहित होने या नियुक्ति के ठीक पहले ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के प्रबंध  के भारसाधक सभी व्यक्ति, यथास्थिति, सरकारी कम्पनी या अभिरक्षक को कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से सम्बन्धित सभी आस्तियां, लेखा-बहियां, रजिस्टर या अन्य दस्तावेजें जो उनकी अभिरक्षा में हैं, परिदत्त करने के लिए आबद्ध होंगे और उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के प्रबन्ध की व्यवस्था करने वाली कोई संविदा चाहे वह अभिव्यक्त हो या विवक्षित, जो ऐसे व्यक्तियों और कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामियों के बीच नियत दिन के पहले की गई थी उस तारीख को समाप्त हो गई समझी जाएगी जिसको कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध सरकारी कम्पनी में या इस प्रकार नियुक्त अभिरक्षक में निहित होता है ।

                (2) केन्द्रीय सरकार, सरकारी कम्पनी या अभिरक्षक को उसकी शक्तियों और कर्तव्यों के बारे में ऐसे निदेश दे सकती है जो वह मामले की परिस्थितियों में वांछनीय समझे और सरकारी कम्पनी या अभिरक्षक भी, यदि वह चाहे तो, किसी भी समय उस रीति के बारे में जिससे कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध उसके द्वारा संचालित किया जाएगा या किसी ऐसे मामले के बारे में जो ऐसे प्रबन्ध के दौरान उद्भूत हो, केन्द्रीय सरकार को अनुदेशों के लिए आवेदन कर सकता है ।

(3) अभिरक्षक, यथास्थिति, उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की निधियों में से जिसके संबंध में वह अभिरक्षक है, उतना पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जितना केन्द्रीय सरकार नियत करे और केन्द्रीय सरकार के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा ।

16. लेखे और संपरीक्षा-प्रत्येक कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का अभिरक्षक ऐसी खान या संयंत्र के लेखे ऐसी रीति से और ऐसी शर्तों के अधीन रखेगा जो विहित की जाएं ।

अध्याय 5

कोयला खानों और कोक भट्टी संयंत्रों के कर्मचारियों के बारे में उपबंध

 [17. किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के अधिकारी या अन्य कर्मचारी का किसी अन्य कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र को अंतरण के लिए दायित्व-औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी, किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र में नियोजित किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी की सेवाएं किसी अन्य कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र को अंतरित की जा सकेंगी और ऐसे अंतरण से ऐसा अधिकारी या अन्य कर्मचारी, इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी प्रतिकर का हकदार नहीं होगा और ऐसा कोई दावा किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा ग्रहण नहीं किया जाएगा ।]

18. भविष्य निधि-(1) जहां किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र ने अपने कर्मचारियों के फायदे के लिए कोई भविष्य निधि स्थापित की है वहां ऐसी भविष्य निधि के खाते में नियत दिन को जमा धनराशियों में से उन कर्मचारियों से, जिनकी सेवाएं इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी को अन्तरित हो गई हैं, सम्बन्धित धनराशियां, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी को अन्तरित और उसमें निहित हो जाएंगी ।

(2) उपधारा (1) के अधीन केन्द्रीय सरकार या किसी सरकारी कम्पनी को अन्तरित हो जाने वाली धनराशियों के सम्बन्ध में, यथास्थिति, उस सरकार या कम्पनी द्वारा ऐसी रीति से कार्रवाई की जाएगी जो विहित की जाए ।

19. अधिवार्षिकी, कल्याण और अन्य निधियां-जहां उन कर्मचारियों के, जिनकी सेवाएं केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी को अन्तरित हो गई हैं, फायदे के लिए कोई अधिवार्षिकी, कल्याण या अन्य निधि स्थापित की गई है वहां वह कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र जिसके द्वारा ऐसे कर्मचारी नियोजित थे, ऐसे प्रत्येक कर्मचारी को देय रकम का ऐसे वितरण करेगा मानो उस कर्मचारी ने विनिर्दिष्ट तारीख के ठीक पहले दिन अधिवर्षिता प्राप्त कर ली है या कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र में उसकी सेवाएं समाप्त हो गई हैं ।

अध्याय 6

संदाय आयुक्त

20. संदाय आयुक्त का नियुक्त किया जाना-(1) प्रत्येक कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को संदेय रकमों के संवितरण के प्रयोजन के लिए, केन्द्रीय सरकार ऐसे व्यक्ति को संदाय आयुक्त नियुक्त करेगी जिसे वह ठीक समझे ।

                 [(2) केन्द्रीय सरकार आयुक्त की सहायता के लिए ऐसे अन्य व्यक्तियों को नियुक्त कर सकती है जिन्हें वह ठीक समझे और तब आयुक्त ऐसे व्यक्तियों में से एक या अधिक को इस अधिनियम के अधीन अपने द्वारा प्रयोग की जाने वाली सभी या किन्हीं शक्तियों का भी प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत कर सकता है और भिन्न-भिन्न शक्तियों का प्रयोग करने के लिए भिन्न-भिन्न व्यक्तियों को प्राधिकृत किया जा सकता है ।

(2क) किन्हीं शक्तियों का प्रयोग करने के लिए आयुक्त द्वारा प्राधिकृत कोई व्यक्ति उन शक्तियों का प्रयोग उसी रीति से और उसी प्रभाव के साथ कर सकता है मानो वे शक्तियां उस व्यक्ति को इस अधिनियम द्वारा प्रत्यक्षतः प्रदत्त हैं, न कि प्राधिकरण के रूप में ।]

(3) इस धारा के अधीन नियुक्त आयुक्त और अन्य व्यक्तियों के वेतन और भत्ते भारत की संचित निधि में से चुकाए जाएंगे

21. केन्द्रीय सरकार द्वारा आयुक्त को संदाय-(1) केन्द्रीय सरकार, आयुक्त को, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को संदाय करने के लिए प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में, यथास्थिति, उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सामने विनिर्दिष्ट राशि के बराबर राशि, धारा 12 में निर्दिष्ट रकम और ब्याज सहित, यदि कोई हो, विनिर्दिष्ट तारीख से तीस दिन के भीतर नकद रूप में देगी ।

(2) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (1) में निर्दिष्ट राशि के अतिरिक्त, आयुक्त को, ऐसी रकम का नकद रूप में संदाय करेगी जो किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को उस अवधि के सम्बन्ध में देय हो जाए जिसके दौरान कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध केन्द्रीय सरकार में निहित रहा है  [और ऐसी रकम पर 1 अप्रैल, 1973 को प्रारम्भ होने वाली और आयुक्त को ऐसी रकम के संदाय की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के लिए चार प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से साधारण ब्याज का संदाय करेगी ।]

(3) आयुक्त प्रत्येक कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की बाबत किसी अनुसूचित बैंक में एक खाता खोलेगा और चलाएगा ।

                (4) आयुक्त को संदत्त प्रत्येक रकम उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयन्त्र के जिसके सम्बन्ध में संदाय किया गया है, उपधारा (3) में निर्दिष्ट खाते में जमा की जाएगी ।

                (5) उपधारा (3) में निर्दिष्ट खाते में जमा रकम पर उद्भूत होने वाला ब्याज, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के फायदे के लिए होगा 1[और उपधारा (1) में निर्दिष्ट धनराशि के अतिरिक्त, आयुक्त को भी संदेय होगा ।]

                (6) इस धारा में कोककारी कोयला खान के स्वामी के प्रति निर्देशों का अर्थ, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोककारी कोयला खानों के समूह के सम्बन्ध में, ऐसे लगाया जाएगा मानो वे कोककारी कोयला खान के उस समूह के स्वामी के प्रति निर्देश हों ।

22. केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रबन्ध की अवधि से संबंधित लेखाओं के विवरण, आदि-(1) केन्द्रीय सरकार या, यथास्थिति, सरकारी कम्पनी प्रत्येक ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से, जिसका प्रबन्ध कोककारी कोयला खान (आपात उपबन्ध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) के अधीन उसमें निहित है, संबंधित बहियों को जैसी कि वे 30 अप्रैल, 1972 को थीं बन्द और सन्तुलित कराएगी और लेखाओं का जैसे कि वे उस दिन थे, विवरण ऐसी प्रत्येक खान या संयंत्र के सम्बन्ध में उन संव्यवहारों की बाबत जो उसने उस अवधि के दौरान किए थे जब ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध उसमें निहित बना रहा उतने समय के अन्दर और ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से तैयार कराएगी जो विहित की जाए :

                परन्तु जहां दो या अधिक कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र, इस अधिनियम के प्रारम्भ के पहले, एक ही स्वामी के स्वामित्व मे थे, वहां ऐसे स्वामी के स्वामित्व में की सभी कोककारी कोयला खानों या कोक भट्टी संयंत्रों के लिए लेखाओं का एक ही समेकित विवरण तैयार किया जा सकता है ।

                (2) ऐसे लेखाओं के बन्द किए जाने के पश्चात् केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी द्वारा प्राप्त सभी रकमें उस दशा में जिसमें ऐसी रकमें नियत दिन के पहले किए गए संव्यवहारों से सम्बन्धित हैं, उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से, जिसकी बाबत उक्त प्राप्ति हुई है, संबंधित लेखाओं के उक्त विवरण में सम्मिलित की जाएंगी ।

(3) केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी जिसमें उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का अधिकार, हक और हित निहित हो गया है, यथास्थिति, उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र को देय धन जो नियत दिन के पश्चात् वसूल किया गया है, अन्य सभी व्यक्तियों को अपवर्जित करते हुए, इस बात के होते हुए भी कि वसूलियां नियत दिन के पूर्ववर्ती अवधि से सम्बन्धित हैं, विनिर्दिष्ट तारीख तक प्राप्त करने की हकदार होगी :

परन्तु जहां ऐसी वसूलियां लेखाओं के जैसे कि वे 30 अप्रैल, 1972 को थे, विवरण में सम्मिलित नहीं की गई हैं, वहां केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी द्वारा ऐसे अन्तरालों पर जो विहित किए जाएं, लेखाओं का एक

अनुपूरक विवरण तैयार किया जाएगा और, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को दिया जाएगा

 [(4) कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के दायित्व (जो केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी द्वारा दिए गए अग्रिम धन से उत्पन्न होने वाले दायित्व नहीं हैं), जिन्हें नियत दिन तक चुकाया नहीं जा सका है, विनिर्दिष्ट तारीख तक केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी द्वारा नियत दिन के पूर्व या उसके पश्चात् किए गए आपनों में से या विनिर्दिष्ट तारीख तक दिए गए अग्रिम धन या उधारों में से चुकाए जा सकेंगे और इस प्रकार किया गया प्रत्येक संदाय लेखाओं के, जैसे वे नियत दिन के ठीक पूर्व की तारीख को थे, विवरण में सम्मिलित किया जाएगा और उसमें वह अवधि उपदर्शित की जाएगी जिसके संबंध में संदाय किए गए थे और इस प्रकार किए गए संदाय किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किए जाएंगे :

परन्तु नियत दिन से पहले की अवधि के संबंध में वे दायित्व जो विनिर्दिष्ट तारीख को या उसके पहले नहीं चुकाए गए हैं, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के दायित्व होंगे ।]

(5) इस धारा के अधीन तैयार किए गए लेखाओं के प्रत्येक विवरण की एक प्रति, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी द्वारा आयुक्त को और स्वामी को भी दी जाएगी :       

परन्तु जहां स्वामियों की संख्या एक से अधिक है वहां लेखाओं के विवरण की केवल एक प्रति सभी स्वामियों के फायदे के लिए उनको दी जाएगी ।

(6) इस धारा के अधीन तैयार किए गए लेखाओं के विवरण की ऐसे व्यक्ति द्वारा संपरीक्षा की जाएगी जो कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 226 के अधीन किसी कम्पनी का संपरीक्षक नियुक्त किए जाने के लिए अर्हित है, और इस प्रकार नियुक्त संपरीक्षक, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की निधियों में से उतना पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जितना केन्द्रीय सरकार नियत करे ।

(7) लेखाओं के विवरण की संपरीक्षा ऐसी रीति से की जाएगी जैसी केन्द्रीय सरकार निदिष्ट करे ।

  [(8) उपधारा (6) के अधीन संपरीक्षित लेखाओं का विवरण, जब तक कि तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए, उसमें प्रविष्ट प्रत्येक विषय की बाबत निश्चायक सबूत होगा ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, लेखाओं का विवरण" से प्राप्तियों और संदायों के रूप में कोई विवरण अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत ऐसा कोई विवरण, जो लाभ और हानि लेखा तथा तुलनपत्र तैयार किए जाने के लिए बहियों के बन्द और संतुलित किए जाने के परिणामस्वरूप तैयार किया जाए या ऐसा कोई विवरण नहीं है, जो सामान्य वाणिज्यिक पद्धति के अनुसार तैयार किया जाता है ।]

 [22क. कतिपय संग्रहणों का विधिमान्यकरण-(1) कोयला खान राष्ट्रीयकरण विधि (संशोधन) अधिनियम, 1978 की     धारा 2 द्वारा यथासंशोधित धारा 3 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, नियत दिन को प्रारम्भ होने वाली और धारा 22 की उपधारा (3) के अधीन विनिर्दिष्ट तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी द्वारा संग्रह किया गया कोई धन, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी द्वारा विधिमान्य रूप से संग्रह किया गया समझा जाएगा और ऐसे धन का उपयोजन धारा 22 के उपबन्धों के अनुसार किया जाएगा ।

(2) उपर्युक्त रूप से संग्रह किया गया कोई धन किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा ।]

23. आयुक्त के समक्ष दावों का किया जाना-(1) प्रत्येक व्यक्ति जिसका कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के विरुद्ध कोई दावा हो, ऐसा दावा विनिर्दिष्ट तारीख से तीस दिन के भीतर आयुक्त के समक्ष करेगा :

परन्तु यदि आयुक्त का यह समाधान हो जाता है कि दावेदार पर्याप्त कारण से तीस दिन की उक्त अवधि के भीतर दावा करने से निवारित हो गया था तो वह, तीस दिन की उक्त अवधि के समाप्त हो जाने पर, तीस दिन की अतिरिक्त अवधि के भीतर दावा ग्रहण कर सकता है, किन्तु इसके पश्चात् नहीं ।

 [(1क) उपधारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, किसी कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी द्वारा नियोजित व्यक्तियों के कल्याण के लिए स्थापित किसी भविष्य निधि, पेंशन निधि, उपदान निधि या किसी अन्य निधि के सम्बन्ध में दावे, इस प्रकार नियोजित व्यक्तियों की ओर से कोयला खान भविष्य निधि, कुटुम्ब पेंशन और बोनस स्कीम अधिनियम, 1948 (1948 का 46) की धारा 3ग के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त कोयला खान भविष्य निधि आयुक्त द्वारा फाइल किए जा सकते हैं, और किसी अन्य विषय के सम्बन्ध में दावे इस प्रकार नियोजित सभी व्यक्तियों द्वारा या उनमें से किसी के द्वारा या ऐसे व्यक्तियों के समूह की ओर से, व्यवसाय संघ अधिनियम, 1926 (1926 का 16) के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी व्यवसाय संघ द्वारा या, जहां कोई ऐसा दावा किसी व्यवसाय संघ द्वारा फाइल नहीं किया गया है वहां केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) द्वारा या उसके अधीनस्थ किसी प्राधिकारी द्वारा फाइल किए जा सकते हैं और इस प्रकार किए गए दावों के बारे में यह समझा जाएगा कि वे ऐसे व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं जो, यथास्थिति, किसी कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी के विरुद्ध, दावा रखते हैं :]

 [परन्तु कोयला खान भविष्य निधि आयुक्त या व्यवसाय संघ या मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) या उसका अधीनस्थ कोई अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति के सम्बन्ध में कोई दावा नहीं करेगा जिसने पहले ही उपधारा (1) के अधीन दावा कर दिया है ।]

 [(1कक) जहां कोई ऐसा दावा, जो 17 अक्तूबर, 1971 को कालवर्जित दावा नहीं था, उपधारा (1) के अधीन उसके लिए विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर किया गया था और केवल इस आधार पर नामंजूर कर दिया गया था कि ऐसा दावा कालवर्जित था, वहां ऐसा दावा नामंजूर किया गया नहीं समझा जाएगा और आयुक्त अपनी फाइल पर ऐसे दावे को प्रत्यावर्तित करेगा और उसका इस धारा में विनिर्दिष्ट रीति से निपटारा करेगा ।]

(2) तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी यह है कि अन्य सभी अप्रतिभूत ऋणों पर, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा या कोककारी कोयला खान (आपात उपबन्ध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) के अधीन नियुक्त अभिरक्षक द्वारा, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के प्रबन्ध के लिए दी गई अग्रिम रकमें नहीं हैं, पूर्विकता देते हुए निम्नलिखित का संदाय किया जाएगा, अर्थात् :-

(क) किसी कर्मचारी द्वारा, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के लिए की गई सेवाओं की बाबत सभी मजदूरियां या वेतन (जिसके अन्तर्गत कालानुपाती या मात्रानुपाती काम के लिए संदेय मजदूरी और पूर्णतः या भागतः कमीशन के रूप में अर्जित वेतन भी हैं) और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) के अध्याय 5क के उपबन्धों के अधीन किसी कर्मकार को संदेय प्रतिकर;

(ख)                        ।                              ।                              ।                              ।                              ।

(ग) कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के किसी कर्मचारी की मृत्यु या निःशक्तता की बाबत कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, 1923 (1923 का 8) के अधीन किसी प्रतिकर या प्रतिकर के लिए दायित्व की बाबत देय सभी रकमें जब तक कि ऐसी खान या संयंत्र को बीमाकर्ताओं से उक्त अधिनियम की धारा 15 में यथा उल्लिखित किसी संविदा के अधीन कर्मकार को अन्तरित और उसमें निहित किए जा सकने वाले अधिकार प्राप्त न हों ;

(घ) वे सभी धनराशियां जो नियोजक द्वारा, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोककारी कोयला खानों के समूह या कोक भट्टी संयंत्र के कर्मकारों या अन्य कर्मचारियों के कल्याण के लिए स्थापित भविष्य-निधि या किसी अन्य निधि में जमा की जाने के लिए ऐसे कर्मकार या अन्य कर्मचारी के वेतन या मजदूरी में से काट ली गई हैं किन्तु उक्त निधि के खाते में जमा नहीं की गई हैं ;

(ङ) राज्य सरकार को देय सभी धनराशियां जिनके अन्तर्गत स्वामित्व, किराया और अनिवार्य किराया भी है ।

                (3) उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट सभी ऋणों का आपस में समान स्थान होगा और वे पूर्णतः संदत्त किए जाएंगे जब तक कि आस्तियां उन्हें चुकाने के लिए अपर्याप्त न हों, उस दशा में वे समानुपात में कम किए जाएंगे और तद्नुसार संदत्त किए जाएंगे ।

                (4) आयुक्त कोई निश्चित तारीख नियत करेगा जिसको या जिसके पहले प्रत्येक दावेदार अपने दावे का सबूत फाइल करेगा या आयुक्त द्वारा किए जाने वाले संवितरण के फायदे से अपवर्जित कर दिया जाएगा ।

                (5) इस प्रकार नियत तारीख के बारे में कम से कम चौदह दिन की सूचना अंग्रेजी भाषा के ऐसे दैनिक समाचारपत्र के एक अंक में और प्रादेशिक भाषा के ऐसे दैनिक समाचार पत्र के एक अंक में, जो आयुक्त उपयुक्त समझे, विज्ञापन द्वारा दी जाएगी और प्रत्येक ऐसी सूचना में दावेदार से यह अपेक्षा की जाएगी कि वह विज्ञापन में विनिर्दिष्ट समय के भीतर आयुक्त के पास अपने दावे का सबूत फाइल करे ।

                (6) प्रत्येक दावेदार जो आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट समय के भीतर अपने दावे का सबूत फाइल करने में असफल रहता है, आयुक्त द्वारा किए जाने वाले संवितरणों से अपवर्जित किया जाएगा ।

(7) आयुक्त, ऐसा अन्वेषण करने के पश्चात् जो उसकी राय में आवश्यक हो और, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी को दावे का खण्डन करने का अवसर देने के पश्चात् और दावेदार को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात् लिखित रूप से दावे को पूर्णतः या भागतः स्वीकार या अस्वीकार करेगा

                (8) आयुक्त को, अपने कृत्यों के निर्वहन से उद्भूत होने वाले सभी मामलों में, जिनके अन्तर्गत वह या वे स्थान भी हैं जहां वह अपनी बैठकें करेगा, अपनी प्रक्रिया को विनियमित करने की शक्ति होगी और इस अधिनियम के अधीन कोई अन्वेषण करने के प्रयोजन के लिए उसे वही शक्तियां होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन निम्नलिखित विषयों की बाबत वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय में निहित होती हैं, अर्थात् :-

(क) किसी साक्षी को समन करना और हाजिर कराना और शपथ पर उसकी परीक्षा करना ;

(ख) किसी दस्तावेज या अन्य भौतिक पदार्थ का, जो साक्ष्य के रूप में पेश किए जाने योग्य हो, प्रकटीकरण और पेश किया जाना ;

(ग) शपथपत्रों पर साक्ष्य ग्रहण करना ;

(घ) साक्षियों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालना ।

                (9) आयुक्त के समक्ष कोई अन्वेषण, भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही समझा जाएगा और आयुक्त को दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1898 (1898 का 5) की धारा 195 और अध्याय 35 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय समझा जाएगा ।

                 [(9क) आयुक्त दावे की प्राप्ति पर-

(क) दावे को स्वयं तय करने का चयन कर सकता है ; या

(ख) धारा 22 की उपधारा (2) के अधीन इस निमित्त प्राधिकृत व्यक्ति को दावे को तय करने के लिए अन्तरण कर सकता है ; या

(ग) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्ति से दावे को वापस ले सकता है और या तो दावे को स्वयं तय कर सकता है या इसके निपटारे के लिए किसी ऐसे दूसरे व्यक्ति को, जो धारा 20 की उपधारा (2) के अधीन इस निमित्त प्राधिकृत किया गया है, अंतरण कर सकता है ।]

 (10) [कोई दावेदार या स्वामी, जो आयुक्त के विनिश्चय से असंतुष्ट है, उस विनिश्चय की तारीख से साठ दिन की अवधि के भीतर आरंभिक अधिकारिता वाले उस प्रधान सिविल न्यायालय में अपील कर सकता है जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र स्थित है :

परन्तु जहां ऐसा व्यक्ति जो किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है, आयुक्त नियुक्त किया जाता है वहां ऐसी अपील उस राज्य के उच्च न्यायालय को की जाएगी जिसमें, यथास्थिति, कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र स्थित है और वह अपील उस उच्च न्यायालय के कम से कम दो न्यायाधीशों द्वारा सुनी और निपटाई जाएगी :

[परन्तु यह और कि कोई अपील, उस तारीख के पूर्व नहीं की गई है, जिसको कोयला खान राष्ट्रीयकरण विधि (संशोधन) अधिनियम, 1978 को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होती है, ऐसी तारीख से साठ दिन की अवधि के भीतर की जाएगी ।]

[23क. परिसीमा अधिनियम की धारा 5 और धारा 12 का लागू होना-परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 और धारा 12 के उपबन्ध धारा 23 के अधीन अपीलों को जहां तक हो सके, लागू होंगे ।]

24. आयुक्त द्वारा धन का संवितरण-जहां आयुक्त द्वारा स्वीकृत दावे की कुल रकम किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के खाते में जमा धन की कुल रकम से अधिक नहीं है वहां ऐसे स्वीकृत दावों का आपस समान स्थान होगा और वे पूर्णतः संदत्त किए जाएंगे और अतिशेष, यदि कोई हो, स्वामी को संदत्त किया जाएगा, किन्तु जहां ऐसी रकम स्वीकृत दावों की कुल रकम को पूर्णतः चुकाने के लिए अपर्याप्त है वहां ऐसे दावे समानुपात में कम कर दिए जाएंगे और तद्नुसार संदत्त किऐ जाएंगे ।

 [24क. स्वीकार किए गए दावों पर ब्याज-नियत दिन के पूर्व किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सम्बन्ध में किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण के किसी अधिनिर्णय, डिक्री या आदेश के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन स्वीकार किए गए किसी दावे के सम्बन्ध में कोई रकम संदेय है, वहां नियत दिन के पश्चात् किसी अवधि के लिए ऐसी रकम पर संदेय ब्याज ऐसी दर पर संदेय होगा, जो धारा 21 के अधीन आयुक्त द्वारा जमा की गई किसी रकम पर प्रोद्भूत ब्याज की दर से अधिक न हो ।]

 [25. केन्द्रीय सरकार या अभिरक्षक द्वारा किए गए अधिक संदायों की वसूली-धारा 22 के अधीन तैयार किए गए लेखाओं के विवरण में प्राप्तियों से अधिक संदायों की कोई रकम, ऐसी अवधि के दौरान, जिसमें कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबंध केन्द्रीय सरकार में निहित रहता है, ऐसी किसी खान या संयंत्र के प्रबन्ध के लिए, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या अभिरक्षक द्वारा दी गई अग्रिम रकम समझी जाएगी और केन्द्रीय सरकार ऐसे अधिक संदाय के लिए आयुक्त को दावा कर सकेगी और ऐसे दावे को कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सभी अन्य अप्रतिभूत लेनदारों के दावों पर पूर्विकता दी जाएगी ।

स्पष्टीकरण-इस धारा में, अभिरक्षक" से कोककारी कोयला खान (आपात उपबंध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) के अधीन नियुक्त अभिरक्षक अभिप्रेत है ।]

 [25क. कोककारी कोयला खानों या कोक भट्टी संयंत्रों के स्वामियों और प्रबन्धकारी ठेकेदारों, आदि को सूचना-(1) उन व्यक्तियों के दायित्वों को पूरा करने के पश्चात्, जिनके दावे इस अधिनियम के अधीन स्वीकार किए गए हैं, आयुक्त अपने पास उपलब्ध रकम को ऐसी रीति से अधिसूचित करेगा, जो वह ठीक समझे और ऐसी अधिसूचना में उस तारीख को विनिर्दिष्ट करेगा जिस तक कोककारी कोयला खानों या कोक भट्टी संयंत्रों के स्वामी, प्रबन्धकारी ठेकेदार और किसी ऐसी मशीनरी, उपस्कर या ऐसी अन्य संपत्ति के स्वामी, जो इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार या सरकारी कंपनी में निहित हो गई है और जो कोककारी कोयला खानों या कोक भट्टी संयंत्रों के स्वामियों की नहीं है, संदाय के लिए आवेदन कर सकेंगे ।

(2) जहां कोई आवेदन उपधारा (1) के अधीन किया गया है, वहां आयुक्त ऐसी सम्पूर्ण रकम या उसके किसी भाग को प्राप्त करने वाले आवेदक के अधिकार के बारे में अपना समाधान करने के पश्चात् संबंधित व्यक्ति को रकम का संदाय करेगा और सम्पूर्ण रकम या उसका कोई भाग प्राप्त करने के संबंध में उस व्यक्ति के अधिकार के बारे में कोई शंका या विवाद होने की दशा में आयुक्त धारा 26 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट रीति से आवेदन के संबंध में कार्यवाही करेगा ।]

26. विवाद किस प्रकार निपटाए जाएंगे-(1) धारा 10, 11 और 12 में निर्दिष्ट पूरी रकम या उसके किसी भाग को प्राप्त करने के किसी व्यक्ति के अधिकार के बारे में कोई शंका या विवाद होने की दशा में, आयुक्त मामले को विनिश्चय के लिए न्यायालय को निर्देशित करेगा और न्यायालय के विनिश्चय के अनुसार संवितरण करेगा ।

(2) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सम्बन्ध में, जिसकी संक्रियाएं, 17 अक्तूबर, 1971 के ठीक पहले प्रबन्धकारी ठेकेदार के नियंत्रणाधीन थीं, प्रथम अनुसूची में ऐसी कोककारी कोयला खान के सामने विनिर्दिष्ट या द्वितीय अनुसूची में ऐसी कोक भट्टी संयंत्र के सामने विनिर्दिष्ट रकम उस कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी और ऐसे प्रबन्धकारी ठेकेदार के बीच ऐसे अनुपातों में जो, उस स्वामी और ऐसे प्रबन्धकारी ठेकेदार के बीच करार पाए जाएं और ऐसा करार न होने की दशा में, ऐसे अनुपातों में जो न्यायालय द्वारा अवधारित किए जाएं, प्रभाजित की जाएगी ।

 [(3) जहां प्रथम अनुसूची के पांचवें स्तंभ में विनिर्दिष्ट रकम कोककारी कोयला खानों के किसी समूह से संबंधित है वहां आयुक्त को ऐसे समूह के स्वामियों के बीच ऐसी रकम का प्रभाजन करने की शक्ति होगी और ऐसा प्रभाजन करने में, आयुक्त नियत दिन के ठीक पूर्ववर्ती तीन वर्ष के दौरान कोककारी कोयला खान के उच्चतम वार्षिक उत्पादन को ध्यान में रखेगा ।]

स्पष्टीकरण-इस धारा में, किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के सम्बन्ध में न्यायालय" से आरम्भिक अधिकारिता वाला वह प्रधान सिविल न्यायालय अभिप्रेत है जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर वह कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र स्थित है ।

 [27. अवितारित या अदावाकृत रकमों का साधारण राजस्व खाते में जमा किया जाना-आयुक्त को संदत्त कोई धन जो उस दिन से, जिसको संवितरण के लिए अन्तिम आदेश किया गया था, तीन वर्ष की अवधि तक असंवितरित या अदावाकृत रहता है, आयुक्त द्वारा केन्द्रीय सरकार के साधारण राजस्व खाते में अन्तरित किया जाएगा ; किन्तु इस प्रकार अन्तरित किसी धन के लिए कोई दावा ऐसे संदाय के हकदार व्यक्ति द्वारा केन्द्रीय सरकार को किया जा सकता है और उसका ऐसे निपटारा किया जाएगा मानो ऐसा अन्तरण नहीं किया गया है और दावे के संदाय के लिए आदेश को, यदि कोई हो, राजस्व के प्रतिदाय के आदेश के रूप में माना जाएगा ।]

अध्याय 7

प्रकीर्ण

28. इस अधिनियम का अन्य विधियों पर प्रभाव-इस अधिनियम के उपबन्ध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में या इस अधिनियम से भिन्न किसी विधि के आधार पर प्रभावी किसी लिखत में या किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण की किसी डिक्री या आदेश में इससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे ।

29. संविदाओं का प्रभावी रहना जब तक कि केन्द्रीय सरकार द्वारा उनका अनुसमर्थन कर दिया जाए-(1) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के स्वामी या अधिष्ठाता द्वारा नियत दिन के पूर्व किसी सेवा, विक्रय या प्रदाय के लिए की गई प्रत्येक संविदा, अनुमति की तारीख से एक सौ बीस दिन की समाप्ति के पश्चात् प्रभावी नहीं रहेगी जब तक कि ऐसी संविदा, उस अवधि की समाप्ति के पूर्व केन्द्रीय सरकार द्वारा लिखित रूप में अनुसमर्थित नहीं कर दी जाती और ऐसी संविदा का अनुसमर्थन करने में केन्द्रीय सरकार उसमें ऐसे परिवर्तन या उपान्तर कर सकती है जैसे वह ठीक समझे :

                परन्तु केन्द्रीय सरकार किसी संविदा का अनुसमर्थन करने से तब तक इंकार नहीं करेगी जब तक उसका समाधान नहीं हो जाता कि ऐसी संविदा अनुचित रूप से दुर्भर है या दुर्भाव से की गई है या कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के हितों के लिए अहितकर है ।

                (2) केन्द्रीय सरकार किसी संविदा का अनुसमर्थन करने से इंकार या उसमें परिवर्तन या उपान्तर उस संविदा के पक्षकारों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिए बिना, और संविदा का अनुसमर्थन करने से इंकार करने के अपने कारणों को लेखबद्ध किए बिना, नहीं करेगी ।

30. शास्तियां-जो कोई व्यक्ति,-

(क) ऐसी किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के जो, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट है, उपक्रम की भागरूप जो सम्पत्ति उसके कब्जे, अभिरक्षा या नियंत्रण में है, उस सम्पत्ति को केन्द्रीय सरकार से या सरकारी कम्पनी से सदोष विधारित करेगा ; या

(ख) ऐसी किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र के जो, यथास्थिति, प्रथम अनुसूची या द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट है, उपक्रम की भागरूप किसी सम्पत्ति का कब्जा सदोष अभिप्राप्त करेगा या उसे प्रतिधारित करेगा, या ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से सम्बन्धित कोई दस्तावेज जो उसके कब्जे, अभिरक्षा या नियंत्रण में है, जानबूझकर विधारित करेगा या केन्द्रीय सरकार को या उस सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति को देने में असफल रहेगा, अथवा ऐसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से जिसकी बाबत अभिरक्षक नियुक्त किया गया है, संबंधित किन्हीं आस्तियों, लेखा बहियों, रजिस्टरों या अन्य दस्तावेजों को, जो उसकी अभिरक्षा में हैं अभिरक्षक को देने में असफल रहेगा ;

(ग) किसी कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र की किसी सम्पत्ति को सदोष हटाएगा या नष्ट करेगा अथवा  ऐसी खान या संयंत्र के सम्बन्ध में इस अधिनियम के अधीन कोई ऐसा दावा करेगा जिसके बारे में वह जानता है या उसके पास यह विश्वास करने का युक्तियुक्त कारण है कि वह मिथ्या है या बिल्कुल गलत है,

वह कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डनीय होगा ।

31. कम्पनियों द्वारा अपराध-(1) यदि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कम्पनी द्वारा किया गया है तो प्रत्येक व्यक्ति जो उस अपराध के किए जाने के समय उस कम्पनी के कारबार के संचालन के लिए उस कम्पनी का भारसाधक और उसके प्रति उत्तरदायी था और साथ ही वह कम्पनी भी ऐसे अपराध के दोषी समझे जाएंगे और तद्नुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने के भागी होंगे :

                परन्तु इस उपधारा की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को दण्ड का भागी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर देता है कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी ।

                (2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध कम्पनी के किसी निदेशक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है या उस अपराध का किया जाना उसकी किसी उपेक्षा के कारण माना जा सकता है वहां ऐसा निदेशक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तद्नुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने का भागी होगा ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-

() कम्पनी" से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम भी है ; तथा

(ख) फर्म के सम्बन्ध में निदेशक" से उस फर्म का भागीदार अभिप्रेत है ।

32. खनन कम्पनियों का न्यायालय द्वारा परिसमापन किया जाना-किसी ऐसी खनन कम्पनी के परिसमापन के लिए, जिसके स्वामित्व में की कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र से सम्बन्धित अधिकार, हक और हित इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार या सरकारी कम्पनी में निहित हो गए हैं अथवा ऐसे कारबार के सम्बन्ध में रिसीवर की नियुक्ति के लिए कोई भी कार्यवाही, केन्द्रीय सरकार की सहमति के बिना, किसी न्यायालय में नहीं होगी ।

33. शक्तियों का प्रत्यायोजन-(1) केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, निदेश दे सकती है कि इस अधिनियम के अधीन उसके द्वारा प्रयोक्तव्य सभी या किन्हीं शक्तियों का प्रयोग किसी ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा भी, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किए जाएं, किया जा सकता है ।

(2) जब कभी उपधारा (1) के अधीन शक्ति का कोई प्रत्यायोजन किया जाता है तब वह व्यक्ति जिसको ऐसी शक्ति का प्रत्यायोजन किया गया है केन्द्रीय सरकार के निदेशन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन कार्य करेगा ।

34. नियम बनाने की शक्ति-(1) केन्द्रीय सरकार, इस अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के लिए नियम, अधिसूचना द्वारा, बना सकेती है ।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के लिए उपबन्ध कर सकते हैं, अर्थात् :-

(क) वह रीति, जिससे सरकारी कम्पनी या अभिरक्षक द्वारा कोककारी कोयला खान या कोक भट्टी संयंत्र का प्रबन्ध किया जाएगा ;

(ख) वह रीति, जिससे धारा 18 में निर्दिष्ट भविष्य निधि में की धन राशियों के सम्बन्ध में कार्रवाई की जाएगी ;

(ग) वह प्ररूप जिसमें और वह रीति जिससे धारा 22 में निर्दिष्ट लेखाओं का विवरण तैयार किया जाएगा ;

(घ) कोई अन्य विषय जिसके सम्बन्ध में ऐसा नियम बनाया जाना अपेक्षित है या बनाया जा सकता है ।

                (3) इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा । यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी । यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा किन्तु नियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा

35. कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति-यदि इस अधिनियम के उपबन्धों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है तो केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा, जो इस अधिनियम के उपबन्धों से असंगत न हो, उस कठिनाई को दूर कर सकती है :

परन्तु ऐसा कोई आदेश अनुमति की तारीख से दो वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् नहीं दिया जाएगा ।

36. वे कोककारी कोयला खानें जिन्हें यह अधिनियम लागू नहीं होगा-इस अधिनियम की कोई बात,-

(क) सरकारी कम्पनी के या सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण में के निगम के स्वामित्व या प्रबन्ध में की ;

(ख) लोहा या इस्पात के उत्पादन में लगी हुई किसी कम्पनी के स्वामित्व या प्रबन्ध में की,

किसी कोककारी कोयला खान को लागू नहीं होगी :

परन्तु इस धारा का विस्तार ऐसी खान या उसके भाग पर नहीं होगा जो, केन्द्रीय सरकार की राय में, उस कम्पनी द्वारा लोहा और इस्पात के उत्पादन के लिए अपेक्षित मात्रा से अधिक है ।

प्रथम अनुसूची

[धारा 4 और 10 देखिए]

क्रम सं०

खान का नाम

खान की अवस्थिति

खान के स्वामियों के नाम और पते

रकम (रुपयों में)

1

2

3

4

5

1.

ढोरी (ई० बो० 1)

डाकघर बेरमो, जिला हजारीबाग

स्वामित्व के बारे में विवाद है

6,77,500

2.

कल्यानी सलेक्टेड कारगली (ई० बो० 2)

डाकघर पिचरी, जिला हजारीबाग

गौरी शंकर ऐण्ड अदर्स, डाकघर बेरमो, हजारीबाग

7,19,000

3.

खास ढोरी (ई० बो० 3)

डाकघर पिचरी, जिला हजारीबाग

खास ढोरी कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

4,07,000

4.

पीपरडीह (ई० बो० 4)

डाकघर गोमिया, जिला हजारीबाग

पैसिफिक कोलियरी कम्पनी, डाकघर गोमिया, जिला हजारीबाग

14,13,500

5.

पिचरी (ई० बो० 5)

डाकघर पिचरी, जिला हजारीबाग

पिचरी कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर बेरमो, हजारीबाग

3,21,800

6.

सेलेक्टेड ढोरी (ई० बो० 6)

डाकघर बेरमो, जिला हजारीबाग

सेलेक्टेड ढोरी कोलियरी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

7,43,500

7.

टूरियो (ई० बो० 7)

डाकघर टूरियो, जिला हजारीबाग

भुवनेश्वर सिंह और शिव दयाल राठी, डाकघर झरिया, धनबाद

5,74,000

8.

तारमी (ई० बो० 8)

डाकघर टूरियो, जिला हजारीबाग

तारमी कोलियरी कम्पनी, इंडस्ट्रीयल बैंक बिल्डिंग, डाकघर झरिया, धनबाद

8,30,500

9.

ऐलबियन (झ०-1)

डाकघर कर्माटांड

ऐलबियन कोलियरी कम्पनी, डाकघर कर्माटांड, धनबाद

4,02,000

10.

बोकारो झरिया (झ०-2)

डाकघर कर्माटांड

मैसर्स अग्रवाल ब्रदर्स, डाकघर कर्माटांड, धनबाद

4,64,000

11.

नार्थ दामुदा (झ०-3)

डाकघर नदखुर्की

हजारीबाग कोल सिन्डीकेट प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद ।

8,39,300

12.

केसरगढ़ (झ०-4)

डाकघर नदखुर्की

मानभूम कोल सिन्डीकेट लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद ।

27,50,000

13.

मधुबन्द (झ०-5)

डाकघर नदखुर्की    

 

ओरियन्टल कोल कम्पनी लिमिटेड, 25, ब्राबोर्न रोड, कलकत्ता-1

1,97,99,500

 

14.

कनकनी (झ०-67)

डाकघर बांसजोड़ा

15.

पूटकी (झ०-69)

डाकघर कुसुन्दा

16.

अम्लाबाद (झ०-188)

 

डाकघर भाउरा

17.

भाउरा नार्थ (झ०-189)

18.

भाउरा साउथ (झ०-190)

19.

मोहालबानी (झ०191)

20.

बेगुनिया (रा०-6)

डाकघर बाराकार, बर्दमान

21.

खास बेनीडीह (झ०-6)

डाकघर नवागढ़

के० सी० मुखर्जी ऐण्ड अदर्स, डाकघर हीरापुर, धनबाद

2,88,000

22.

बेनीडीह (झ०-7)

डाकघर नदखुर्की

बेनीडीह कोल कन्सर्न, डाकघर कतरास, धनबाद

3,03,000

23.

खास गणेशपुर (झ०-8)

डाकघर नवागढ़

खास गणेशपुर कोल माइन्स लिमिटेड, 135, केनिंग स्ट्रीट, कलकत्ता

37,500

24.

गणेशपुर (झ०-9)

डाकघर नवागढ़

गणेशपुर कोल कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर गणेशपुर, धनबाद

37,500

25.

आशाकुटी फुलरीटांड (झ०-10)

डाकघर खरखरी

आशाकुटी कोल कम्पनी लिमिटेड, 1/1, रोलैंड रोड, कलकत्ता-20

18,19,000

26.

मोहनपुर (झ०-11)

डाकघर खरखरी

श्रीमती पार्वती देवी, डाकघर खरखरी, धनबाद

5,000

27.

न्यू बांसजोड़ा (झ०-12)

डाकघर खरखरी

एस० के० सहना ऐन्ड सन्स प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर खरखरी, धनबाद

1,49,000

28.

खास भुरंगिया (झ०-13)

डाकघर मोहुदा

खास भुरंगिया कोल कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

29.

रानीडीह/पीपरटांड (झ०-14)

डाकघर मोहुदा

श्री के० एल० सबलोक, सी/ सुदर्शन मोटर्स, डाकघर धनसार, धनबाद

35, 000

30.

ईस्ट मछेराडीह (झ०-15)

डाकघर मोहुदा

ईस्ट मछेराडीह, कोल कम्पनी लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

31.

न्यू हुंतोडीह (झ०-16)

डाकघर मोहुदा

न्यू हुंतोडीह कोल कम्पनी लिमिटेड, 178, महात्मा गांधी रोड, कलकत्ता-1

21,300

32.

भटडी (झ०-19)

डाकघर मोहुदा

बंगाल भटडी कोल कम्पनी लिमिटेड, 14, नेताजी सुभाष रोड, कलकत्ता-1

19,60,800

33.

खरखरी (झ०-20)

डाकघर खरखरी

भारत माइनिंग कारपोरेशन लिमिटेड, 91, स्टीफेन हाउस, डलहौजी स्क्वेयर ईस्ट, कलकत्ता-1

19,66,000

34.

न्यू सिनीडीह (झ०-21)

डाकघर खरखरी

मैसर्स बामनडीह कोल कम्पनी लिमिटेड, 3, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

39,500

35.

धरमाबन्द (झ०-22)

डाकघर कतरासगढ़

एच० एम० बराट ऐण्ड एम० सी० बराट, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

16,300

36.

न्यू धरमाबन्द (झ०-23)

डाकघर मलकेरा

सेठिया माइनिंग ऐण्ड मैन्युफैक्चरिंग कम्पनी लिमिटेड, 4, वाकुल बागान रोड, कलकत्ता

12,05,000

37.

सिनीडीह (झ०-25)

डाकघर कतरासगढ़

सिनीडीह कोलियरी कन्सर्न प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

5,13,500

38.

तुन्दू खास (झ०-26)

डाकघर तुन्दू

जे० पी० लाल ऐण्ड सन्स कोलियरीज प्राइवेट लिमिटेड, पोस्ट बाक्स नं० 76, धनबाद

4,79,000

39.

बिलवेरा (झ०-27)  

डाकघर कतरासगढ़

बी० एन० मण्डल ऐण्ड कम्पनी, 22, केनिंग स्ट्रीट, कलकत्ता

3,93,500

40.

जीलगोड़ा गोविन्दपुर (झ०-28)

डाकघर सोनारडीह

जीगोड़ा गोविन्दपुर कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, डाकघर सोनारडीह, धनबाद

2,90,500

41.

साउथ गाविन्दपुर(झ०-29)

डाकघर कतरासगढ़

एच० आई० पाठक, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

4,22,500

42.

डायमन्ड टेटुलिया (झ०-30)

डाकघर सोनारडीह

बिहार कोलियरीज लिमिटेड, जिला धनबाद

5,000

43.

सेन्ट्रल टेटुरिया (झ०-31)

डाकघर मालकेरा

श्री तारापद लोधा ऐण्ड अदर्स, डाकघर कतरासगढ़, जिला धनबाद

7,500

44.

न्यू टेन्टुलिया (झ०-32)

डाकघर मालकेरा

टेन्टुलिया खास कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, 25, ब्राबोर्न रोड, कलकत्ता

16,86,500

45.

सेन्ट्रल कुरिडीह सोनारडीह (झ०-33)

डाकघर कतरासगढ़

सेन्ट्रल कुरिडीह कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

12,23,500

46.

न्यू गोविन्दपुर (झ०-34)

डाकघर सोनारडीह

न्यू गोविन्दपुर कोल कम्पनी लिमिटेड, 33, केनिंग स्ट्रीट कलकत्ता-1

13,92,300

47.

खास मेहताडीह (झ०-35)

डाकघर कतरासगढ़

मैसर्स खास मेहताडीह कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, जिला धनबाद

13,80,000

48.

अगारडीह (झ०-36)

डाकघर कतरासगढ़

अगारडीह कोलियरी कंपनी, डाकघर कतरासगढ़ , जिला धनबाद

3,78,800

49.

कतरासगढ़ चोयतोडीह (झ०-37)

डाकघर कतरासगढ़

 

बुराकार कोल कम्पनी लिमिटेड, चार्टर्ड बैंक बिल्डिंग, कलकत्ता-1

1,68,56,000

 

50.

मुडीडीह (झ०-62)

 

डाकघर सिजुआ

51.

बदराचुक (झ०-63)

52.

लोयाबाद (झ०-68)

डाकघर बांसजोड़ा

53.

लकुर्का (झ०-38)

डाकघर कतरासगढ़

लकुर्का कोल कम्पनी लिमिटेड,3, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता

7,27,000

54.

कोइलूडीह (झ०-39)

 

डाकघर कतरासगढ़

मैसर्स ईस्ट कतरास कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

20,08,000

55.

ईस्ट कतरास (झ०-41)

56.

खास गोविन्दुपर (झ०-40)

डाकघर कतरासगढ़

खास गोविन्दपुर कोल कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद ।

2,65,000

57.

ईस्ट सालनपुर (झ०-42)

 

डाकघर कतरासगढ़

ईस्ट सालनपुर कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

2,97,500

58.

जाइन्ट सालनपुर (झ०-43)

59.

खास सालनपुर (झ०-44)

60.

नार्थ सालनपुर (झ०-45)

डाकघर कतरासगढ़

सहाय ब्रदर्स (रिसीवर एच० एस० सहाय), डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

1,00,000

61.

सलेक्टेड सालनपुर (झ०-46)

डाकघर कतरासगढ़

सलेक्टेड सालनपुर कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

5,000

62.

सेन्ट्रल सालनपुर (झ०-47)

डाकघर कतरासगढ़

सेन्ट्रल सालनपुर कोल कन्सर्न, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

18,45,000

63.

लकुर्का खास (झ०-48)

डाकघर कतरासगढ़

भारत देबतुर एस्टेट, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

1,96,800

64.

सालनपुर (झ०-49)

 

डाकघर कतरासगढ़

मैसर्स न्यू लकुर्का कोलियरी कम्पनी एण्ड श्रीमती सरोजनी देवी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

4,14,500

65.

न्यू लकुर्का (झ०-50)

66.

नेशनल अंगारपथरा (झ०-51)

डाकघर कतरासगढ़

नेशनल कोल कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, 48/1, राम तरुण बोस लेन, कलकत्ता-6

2,89,000

67.

यूनियन अंगारपथरा (झ०-52)

डाकघर सिजुआ

यूनियन कोल कम्पनी लिमिटेड, 135, बिप्लवी रास बिहारी बसु रोड, कलकत्ता-1

4,51,000

68.

गैसलिटन (झ०-53)

डाकघर सिजुआ

न्यू मानभूम कोल कम्पनी, 138, बिप्लवी रास बिहारी बसु रोड, कलकत्ता-1

12,42,000

69.

रामकनाली (झ०-54)

डाकघर कतरासगढ़

बिजाली कान्ती राय, केशल पुर हाउस, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

4,70,000

70.

त्रिगुनायत (झ०-55)

 

डाकघर कतरासगढ़

 

ईस्ट अंगारपथरा कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

16,20,000

 

71.

कान्ता पहाड़ी (झ०-56)

72.

खास अंगारपथरा (झ०-57)

73.

झरिया खास (झ०-58)

74.

ईस्ट अंगारपथरा (झ०-59)

75.

महावीर अंगारपथरा (झ०-60)

76.

डायमन्ड अंगारपथरा (झ०-61)

डाकघर कतरासगढ़

डायमंड अंगारपथरा कोलियरी कम्पनी, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद ।

5,000

77.

जोगटा (झ०-64)

डाकघर सिजुआ

जोगटा कोल कम्पनी लिमिटेड, डाकघर सिजुआ, धनबाद ।

6,82,000

78.

सेन्दरा (झ०-65)

डाकघर बांसजोड़ा

मैसर्स हिन्द शिपर्स लिमिटेड, 135, बिप्लवी रास बिहारी बसु रोड, कलकत्ता-1

9,99,000

79.

सेन्दरा बांसजोड़ा गोपाल गरारिया (झ०-66)

 

डाकघर बांसजोड़ा

 

मैसर्स सेन्दरा बांसजोड़ा कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, 135, केनिंग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

18,29,000

80.

नार्थ एकरा (झ०-78)

81.

गरारिया (झ०-79)

82.

गोपालीचक वेस्ट (झ०-70)

 

डाकघर कुसुन्दा

सेन्ट्रल किरिकेन्द्र कोल कम्पनी लिमिटेड, 91, स्टीफन हाउस, डलहौजी स्क्वेयर ईस्ट, कलकत्ता-1

6,94,000

83.

सेन्ट्रल किरिकेन्द (झ०-71)

84.

मोतीराम किरिकेन्द (झ०-72)

डाकघर कुसुन्दा

मोतीराम रोशनलाल कोल कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, कुसुन्डा, धनबाद

4,88,800

85.

खास किरिकेन्द (झ०-73)

डाकघर कुसुन्दा

भूरामल अग्रवाल, डाकघर धनसार, धनबाद

18,800

86.

किरिकेन्द (झ०-74)

 

डाकघर कुसुन्दा

न्यू मैरीन कोल कम्पनी (बंगाल) लिमिटेड, 111, चितरंजन एवेन्यू, कलकत्ता

16,24,000

87.

न्यू मैरीन (झ०-75)

88.

बांसदेवपुर (झ०-77)

डाकघर कुसुन्दा

न्यू बान्सदेवपुर कोल कम्पनी लिमिटेड, 28-बी, नेताजी सुभाष रोड, कलकत्ता    

4,44,500

89.

सेन्ट्रल गरारिया (झ०-80)

डाकघर बासंजोड़ा

सेन्ट्रल गरारिया कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर बांसजोड़ा, धनबाद

58,800

90.

गरारिया (झ०-81)

डाकघर बांसजोड़ा

टिकमानी ऐण्ड कम्पनी, डाकघर बांसजोड़ा, धनबाद

1,34,000

91.

छोटा बोवा (झ०-82)

डाकघर बांसजोड़ा

छोटा बोवा कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, डाकघर बांसजोड़ा, धनबाद

3,27,000

92.

मुरलीडीह (झ०-17)

डाकघर मौहुदा

 

कल्यानजी मावजी ऐण्ड कम्पनी, 14, नेताजी सुभाष रोड, कलकत्ता-1

21,33,000

 

93.

वेस्ट भगतडीह (झ०-95)

डाकघर झरिया

94.

इन्डस्ट्री (झ०-96)

डाकघर धनसार

95.

वेस्ट ऐना (झ०-97)

डाकघर धनसार

96.

मुरलीडीह 20 ऐण्ड 21 पिट्स (झ०-18)

डाकघर मोहुदा

 

बंगाल कोल कम्पनी लिमिटेड, 8, क्वाइव रो, कलकत्ता-1

49,49,000

97.

चांच (रा०-3)

डाकघर चिरकुन्डा, जिला धनबाद

98.

महेशपुर (झ०-24)

डाकघर कतरासगढ़

 

मैसर्स साहू मिनरल्स ऐण्ड प्रापर्टीज लिमिटेड, -3, पृथ्वीराज रोड, जयपुर

29,68,500

99.

एकरा खास (झ०-76)

डाकघर कुसुन्दा

100.

बसेरिया (झ०-83)

 

डाकघर कुसुन्दा

बसेरिया कोल कम्पनी (प्राइवेट) लिमिटेड, 13, राधा बाजार लेन, कलकत्ता-1

4,29,500

101.

बसेरिया नार्थ ऐण्ड साउथ (झ०-85)

102.

ईस्ट एकरा (झ०-84)

डाकघर बांसजोड़ा

ईस्ट एकरा कोल कम्पनी, सी/ओ० के० वोरा, जोरा बंगला, धनबाद

11,300

103.

नार्थ बसेरिया (झ०-86)

डाकघर बांसजोड़ा

नार्थ बसेरिया कोलियरी कम्पनी, डाकघर बांसजोड़ा, धनबाद

1,75,300

104.

सुरेन्द्र ईस्ट लोयाबाद (झ०-87)

डाकघर किरिकेन्द

सुरेन्द्र ईस्ट लोयाबाद कोलियरी कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

1,24,500

105.

गोंडुडीह (झ०-88)

डाकघर कुसुन्दा

सेन्ट्रल एलकुसा कोलियरी कम्पनी, डाकघर कुसुन्दाधनबाद

3,57,000

106.

धारियाजोबा (झ०-89)

डाकघर किरिकेन्द

 

मैसर्स एच० डी० अग्रवाल ऐण्ड सन्स, डाकघर झरिया, बिहार

13,65,000

107.

वेस्ट गोधुर (झ०-90)

डाकघर कुसुन्दा

108.

गोधुर (झ०-91)

डाकघर कुसुन्दा

गोधुर कोलियरी कम्पनी, डाकघर कुसुन्दा, धनबाद

33,07,000

109.

प्योर कुस्तोर (झ०-92)

डाकघर कुसुन्दा

प्योर कुस्तोर कोलियरी कम्पनी, डाकघर कुसुन्दा, धनबाद

19,27,500

110.

नयादी कुसुन्दा (झ०-93)

डाकघर कुसुन्दा

कुसुन्दा नयादी कोलियरी कम्पनी (प्राइवेट) लिमिटेड, डाकघर कुसुन्दा, धनबाद

27,42,000

111.

कुसुन्दा (झ०-94)

डाकघर कुसुन्दा

पता ज्ञात नहीं

5,000

112.

केन्दवाडीह (झ०-98)

डाकघर कुसुन्दा

 

ईस्ट इन्डिया कोल कम्पनी लिमिटेड, डाकघर जीलगोरा, धनबाद

93,28,500

 

113.

साउथ बलियारी (झ०-101)

डाकघर कुसुन्दा

114.

जीलगोरा (झ०-184)

 

डाकघर जीलगोरा

115.

बरारी जलरामपुर (झ०-168)

116.

बरारी (झ०-185)

117.

बलिहारी सी० टी० सी० (झ०-99)

डाकघर कुसुन्दा

पता ज्ञात नहीं

22,500

118.

कूची बलिहारी (झ०-100)

डाकघर कुसुन्दा

बलिहारी कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, 14, नेताजी सुभाष रोड, कलकत्ता-1

6,53,000

119.

भाग बन्द (झ०-102)

डाकघर भाग बन्द

दि बोरिया कोल कम्पनी लिमिटेड, चार्टर्ड बैंक बिल्डिंग, कलकत्ता-1

32,58,000

120.

गोन्शाडीह (झ०-104)

डाकघर कुसुन्दा

श्री विश्वनाथ राय, केशालपुर हाउस, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद

12,90,000

121.

केन्दवाडीह (झ०-103)

 

डाकघर भागा

इक्विटेबल कोल कम्पनी लिमिटेड, 1/2, लार्ड सिन्हा रोड, कलकत्ता-16

98,800

122.

भूत गोड़िया (झ०-109)

123.

हुरीलाडीह (झ०-110)

124.

अलकुसा साउथ (झ०-105)

 

डाकघर कुस्तौर

 

रानीगंज कोल एसोसिएशन लिमिटेड, 3-, चौरंगी प्लेस, कलकत्ता-13

91,95,000

125.

कुस्तौर (झ०-106)

126.

बुरागढ़ (झ०-107)

 

डाकघर झरिया

127.

प्योर बुरागढ़ (झ०-108)

128.

सिमलाबहाल (झ०-111)

डाकघर झरिया

श्री पी० राय, डाइरेक्टर ऐण्ड नौमिनेटेड औनर, भालगोरा कोल कम्पनी, 3, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता

4,93,000

129.

भगतडीह (झ०-112)

डाकघर धनसार

बंगाल नागपुर कोल कम्पनी, 5, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

6,47,000

130.

ऐना (झ०-113)

डाकघर धनसार

नार्थ वेस्ट कोल कम्पनी लिमिटेड, 5, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

9,77,500

131.

ईस्ट भालगोरा (झ०-114)

 

डाकघर झरिया

 

ईस्ट भगतडीह कोलियरी कम्पनी (प्राइवेट) लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

17,08,000

 

132.

खास झरिया (झ०-115)

133.

ईस्ट ऐना (झ०-116)

134.

ईस्ट भगतडीह (झ०-117)

135.

सलेक्टेड खास झरिया (झ०-118)

136.

सलेक्टेड झरिया (झ०-119)

137.

सलेक्टेड मॉडल झरिया (झ०-121)

138.

भालगोरा (झ०-120)

डाकघर झरिया

भालगोरा कोल कम्पनी लिमिटेड, 3, सिनेगॉग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

4,86,000

139.

न्यू खास झरिया (झ०-122)

 

डाकघर झरिया

फुलारीबाद कोलियरी कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

15,000

140.

फुलारीबाद (झ०-123)

141.

सोनालीबाद (झ०-138)

142.

राजापुर (झ०-125)

डाकघर झरिया

राजापुर कोलियरी कम्पनी लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

2,39,000

143.

खास भगतडीह (झ०-126)

डाकघर झरिया

खास भगतडीह कोलियरी कम्पनी, डाकघर झरियाधनबाद

2,67,000

144.

न्यू प्योर झरिया (झ०-124)

 

डाकघर झरिया

डी० डी० ठाकर ऐण्ड सन्स, धनबाद

10,000

145.

प्योर झरिया (झ०-127)

146.

के० पी० दोबारी (झ०-128)

डाकघर झरिया

के० पी० दोबारी, डाकघर झरिया

54,300

147.

साउथ झरिया (झ०-129)

 

डाकघर झरिया

जे० के० बनर्जी ऐण्ड अदर्स, पोस्ट बाक्स नं० 46, हीरापुर, जिला धनबाद

1,45,800

148.

माडल झरिया (झ०-133)

149.

ईस्ट प्योर झरिया (झ०-130)

डाकघर झरिया

स्वामी अज्ञात

5,000

150.

दोबारी (झ०-131)

डाकघर झरिया

आर० एन० बागची ऐण्ड ब्रदर्स, 5/8, मिडिल रो, कलकत्ता

3,42,300

151.

ईस्ट मॉडल झरिया (झ०-132)

डाकघर झरिया

पता ज्ञात नहीं

5,000

152.

गोल्डन झरिया (झ०-134)

डाकघर झरिया

खोरा रामजी, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

153.

फतेहपुर (झ०-135)

डाकघर झरिया

जी० के० डोसा ऐण्ड कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

154.

प्योर दुर्गापुर (झ०-136)

डाकघर झरिया

प्योर दुर्गापुर कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

155.

खास झरिया (झ०-137)

डाकघर झरिया

फुलारीबाद कोलियरी कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

156.

गनहूडीह (झ०-139)

डाकघर झरिया

एस० बी० बनर्जी ऐण्ड सन्स, डाकघर झरिया, धनबाद

27,52,000

157.

ईस्ट झरिया (झ०-140)

डाकघर झरिया

पता ज्ञात नहीं

5,000

158.

के० पी० कुजामा (झ०-141)

 

डाकघर झरिया

जयन्ती लाल केशवजी बाले, दवे हाउस, जोराफाटक, डाकघर धनसार, धनबाद

96,800

159.

कुजामा (झ०-142)

160.

नार्थ कुजामा (झ०-143)

डाकघर झरिया

गंजी डोसा ऐण्ड कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

63,500

161.

सेन्ट्रल कुजामा (झ०-144)

 

डाकघर झरिया

सेन्ट्रल कुजामा कोल कन्सर्न, डाकघर झरिया, धनबाद

5,26,000

162.

नान्जी कुजामा (झ०-145)

163.

पाण्डिबेड़ा (झ०-146)

164.

प्योर कुजामा (झ०-147)

165.

कुजामा पाण्डिबेड़ा (झ०-148)

166.

साउथ कुजामा (झ०-149)

डाकघर झरिया

बगदीगी कुजामा कोलियरीज कम्पनी (1946) लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

25,84,000

167.

गोलकडीह (झ०-150)

डाकघर झरिया

गोलकडीह कोलियरी कंपनी, 22, बरटोला स्ट्रीट, कलकत्ता

13,96,000

168.

साउथ गोलकडीह (झ०-151) 

 

डाकघर झरिया

मैसर्स खीमजी डोसा ऐण्ड सन्स, डाकघर झरिया, धनबाद

तथा

साउथ गोलकडीह कोल कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

8,78,500

169.

सेन्ट्रल झरिया (झ०-152)

170.

इण्डियन झरिया (झ०-153)

171.

लोअर अपर झरिया (झ०-154)

डाकघर झरिया

खीमजी डोसा ऐण्ड सन्स, डाकघर झरिया, धनबाद

1,33,300

172.

सेन्ट्रल तिसरा (झ०-155)

डाकघर झरिया

श्री के० डी० सिंह, डाकघर झरिया, पोस्ट बाक्स नं० 111, धनबाद

2,71,000

173.

तिसरा (डी०डी०) (झ०-156)

डाकघर झरिया

धनजी देवजी ऐण्ड सन्स, डाकघर झरिया, धनबाद

2,72,800

174.

तिसरा (डायमंड) (झ०-157)

डाकघर झरिया

दि डायमंड कोल कम्पनी लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

2,56,000

175.

तिसरा (ए० जी०) (झ०-158)

डाकघर झरिया

अमर सिंह गोवामल ऐण्ड सन्सपोस्ट बाक्स नं० 47, झरिया, धनबाद

3,38,500

176.

श्री कामर्शियल (झ०-159)

 

डाकघर साउथ तिसरा

बंगाल झरिया कोलियरी कम्पनी  प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर    साउथ तिसरा, धनबाद

8,50,000

177.

बंगाल झरिया (झ०-160)

178.

ईस्ट इण्डिया (झ०-161)

 

डाकघर खास जीनागोरा

खास जयरामपुरा कोलियरी कम्पनी, डाकघर खास जीनागोरा, धनबाद

31,51,000

179.

खास जयरामपुर (झ०-163)

180.

लोअर जयरामपुर (झ०-165)

181.

प्योर जयरामपुर (झ०-169)

182.

 

साउथ तिसरा (झ०-162)

डाकघर तिसरा

साउथ तिसरा कोलियरी कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

6,68,000

183.

कालिथान जीनागोरा (झ०-164)

डाकघर खास जीनागोरा

 

के० बी० सील ऐण्ड सन्स, 28, राजा के० एल० गोस्वामी स्ट्रीट, डाकघर सिरामपुर, जिला हुगली, (पश्चिमी बंगाल)

4,42,500

184.

कालिथान सुरतन्द (झ०-175)

डाकघर झरिया

185.

न्यू जीनागोरा (झ०-166)

 

डाकघर खास जीनागोरा

 

खास जीनागोरा कोलियरी लिमिटेड, 135, बिप्लवी रास बिहारी बसु रोड, कलकत्ता-1

8,99,000

 

186.

सेन्ट्रल जीनागोरा (झ०-167)

187.

नार्थ बरारी जीनागोरा (झ०-170)

188

खास जीनागोरा (झ०-171)

189.

श्री जीनागोरा (झ०-173)

190.

ईस्ट बरारी (झ०-172)

डाकघर खास जीनागोरा

जीनागोरा ईस्ट बरारी कोलियरी कम्पनी, डाकघर खास जीनागोरा,

धनबाद

3,05,500

191.

न्यू सुरतन्द (झ०-174)

डाकघर झरिया

पता ज्ञात नहीं

5,000

192.

नीलूरी पात्र (झ०-176)

डाकघर झरिया

नीलूरी पात्र कोल कम्पनी लिमिटेड, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

193.

नार्थ बुराकार सुरतन्द (झ०-177)

 

डाकघर झरिया

दि न्यू स्टैन्डर्ड कोल कम्पनी (प्राइवेट) लिमिटेड, 27, पैलेस कोर्ट, 1, कीद स्ट्रीट, कलकत्ता-16

1,12,500

194.

नार्थ बुराकार लोदना (झ०-178)

195.

लोदना (झ०-179)  

196.

स्टैण्डर्ड (झ०-180)

डाकघर भागा

स्टैण्डर्ड कोल कंपनी, डाकघर भागा, धनबाद

24,800

197.

लोदना (झ०-181)

 

डाकघर झरिया

लोदना कोलियरी कंपनी (1920) लिमिटेड, 6, लायन्स रेंज, कलकत्ता

81,80,800

198.

मधुबन लोदना (झ०-182)

199.

बागदीगी (झ०-183)

200.

भुलनबरारी (झ०-186)

डाकघर पत्थरडीह

भुलनबरारी कोल कंपनी, 4, क्लाइव रो, कलकत्ता-1

15,13,300

201.

लक्ष्मी (झ०-187)

डाकघर पत्थरडीह

लक्ष्मी कोल कम्पनी, 31, मलिक स्ट्रीट, कलकत्ता

76,500

202.

सेन्ट्रल भाउरा(झ०-192)

डाकघर भाउरा

सेन्ट्रल भाउरा कोल कंपनी, डाकघर झरिया, धनबाद

30,000

203.

 

सीतानाला (झ०-193)

डाकघर भोजूडीह

मोहत्ता ब्रदर्स, 19, ब्रिटिश इण्डियन स्ट्रीट, कलकत्ता-1

56,300

204.

ईस्ट भाउरा (झ०-194)

डाकघर पत्थरडीह

श्रीमती ज्योत्सना देवी, डाकघर सीतारामपुर, जिला बर्दमान

3,49,000

205.

ईस्ट सोवरडीह (झ०-195)

डाकघर पत्थरडीह

जे० एन० सूपकार ब्रदर्स ऐण्ड कम्पनी, डाकघर पत्थरडीह, धनबाद

5,000

206.

पत्थरडीह (झ०-196)

डाकघर पत्थरडीह

पत्थरडीह सुदमडीह कोलियरी (प्राइवेट) लिमिटेड, डाकघर पत्थरडीह, धनबाद

56,500

207.

न्यू सुदमडीह (झ०-197)

डाकघर पत्थरडीह

न्यू सुदमडीह कोलियरी कंपनी, डाकघर पत्थरडीह, धनबाद

1,97,000

208.

सलेक्टेड पत्थरडीह (झ०-198)

डाकघर पत्थरडीह

सलेक्टेड पत्थरडीह कोल कम्पनी लिमिटेड, 12, ताराचन्द दत्त स्ट्रीट, कलकत्ता-1

13,000

209.

न्यू चासनाला (झ०-199)

डाकघर झरिया

न्यू चासनाला कोल कन्सर्न, डाकघर झरिया, धनबाद

5,000

210.

प्योर चासनाला (झ०-200)

डाकघर पत्थरडीह

प्योर चासनाला कोलियरी कंपनी, 192, क्रास स्ट्रीट, कलकत्ता-7

49,800

211.

जुनकुन्दर (रा०-1)

डाकघर चिरकुन्दा,

डी० मण्डल ऐण्ड कम्पनी लिमिटेड, डाकघर दिशेरगढ़, जिला बर्दवान, पश्चिमी बंगाल

1,56,000

212.

लेकडीह दीप (रा०-2)

डाकघर चिरकुन्दा,जिला धनबाद

कतरास-झरिया कोल कम्पनी लिमिटेड, 8, क्लाइव रो, कलकत्ता-1

16,53,000

213.

विक्टोरिया (रा०-4)

 

डाकघर कुल्ती, जिला बर्दमान

न्यू बीरभूम कोल कम्पनी लिमिटेड, 8, क्लाइव रो, कलकत्ता-1

23,38,300

214.

विक्टोरिया वेस्ट (रा०-5)

                 

टिप्पण-    द्वितीय स्तंभ में विनिर्दिष्ट नाम के सामने कोष्ठकों में विनिर्दिष्ट संख्यांक, कोककारी कोयला खान (आपात उपबंध) अधिनियम, 1971 (1971 का 64) की प्रथम अनुसूची में की कोककारी कोयला खान का तत्स्थानी क्रम संख्यांक उपदर्शित करता है ई० बो०" संक्षेपाक्षर ईस्ट बोकारो कोयला क्षेत्र" के लिए है, झ०" झरिया कोयला क्षेत्र" के लिए है तथा रा०" रानीगंज कोयला क्षेत्र" के लिए है  

द्वितीय अनुसूची

(धारा 5 और 11 देखिए )

क्रम सं०

कोक भट्टी संयंत्र का नाम

कोक भट्टी संयंत्र की अवस्थिति

कोक भट्टी संयंत्र के स्वामियों के नाम और पते

रकम (रुपयों में)

1

2

3

4

5

1.

बरारी कोक प्लांट

साउथ बेलियरी केन्डवाडीह कोलियरी, डाकघर कुसुन्दा,  जिला धनबाद

बरारी कोक कंपनी लिमिटेड, 4, क्लाइव रो, कलकत्ता-1

21,42,000

2.

भोरा कोक प्लांट

भोर साउथ कोलियरी, डाकघर भोरा, जिला धनबाद

मैसर्स भोरा कोक कंपनी, भट्टाचार्य मकान, लूबी सर्क्यूलर रोड, धनबाद

11,76,900

3.

भूलनबरारी

भूलनबरारी कोलियरी, डाकघर पत्थरडीह, जिला धनबाद

बरारी कोक कम्पनी लिमिटेड, 4, क्लाइवरो, कलकत्ता-1

2,03,500

4.

सेन्ट्रल भोरा

सेन्ट्रल भोरा कोलियरी, डाकघर भोरा, जिला धनबाद

सेन्ट्रल भोरा कोल कंपनी (प्राइवेट) लिमिटेड, डाकघर झरिया ; तथा जी० डी० कुमार ऐण्ड सन्स, बेस्टाकोला, डाकघर धनसार, धनबाद

2,98,000

5.

सेन्ट्रल कुरीडीह

सेन्ट्रल कुरीडीह-सोनारडीह कोलियरी, डाकघर कतरासगढ़,  जिला धनबाद

शिवराम सिंह ऐण्ड कंपनी (प्राइवेट) लिमिटेड, डाकघर कतरासगढ़, जिला धनबाद

1,50,000

6.

जनकुंडार वैली बीहाइव कोक प्लांट

जानकुंडार कोलियरी, डाकघर चिरकुंडा, जिला धनबाद

डी० मण्डल ऐण्ड कंपनी लिमिटेड, पंचायत रोड, डाकघर चिरकुंडा, जिला धनबाद

1,08,800

7.

न्यू गोबिन्दपुर

न्यू गोबिन्दपुर कोलियरी, डाकघर सोनारडीह, जिला धनबाद

घोष एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, 33, कैनिंग स्ट्रीट, कलकत्ता-1

1,12,500

8.

न्यू स्टैन्डर्ड लोदना

न्यू स्टैन्डर्ड लोदना कोलियरी, डाकघर झरिया, जिला धनबाद         

मैसर्स सिंह सचदेव, डाकघर धनसार, धनबाद

1,05,000

9.

न्यू सुदमडीह

न्यू सुदमडीह कोलियरी, डाकघर पत्थरडीह, जिला धनबाद

संजीव कोक मैन्यूफैक्चरिंग, कम्पनी सी/ एच० डी० अड्जमेरा, डाकघर पत्थरडीह, धनबाद

3,21,000

10.

नार्थ कुजामा

नार्थ कुजामा कोलियरी, डाकघर झरिया, जिला धनबाद

बीहाइव हार्ड कोक मैन्यूफैक्चरिंग कम्पनी, चौरा कन्सट्रक्शन कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड, 111, सेन्ट्रल एवेन्यू, कलकत्ता

2,57,500

11.

रामकनाली

रामकनाली कोलियरी, डाकघर कतरासगढ़, जिला धनबाद

बिजाली  कान्ती  राय, केशलपुर हाउस, डाकघर कतरासगढ़, धनबाद तथा एम० सी० कोल कम्पनी, डाकघर झरिया, धनबाद

2,02,000

12.

यूनियन अंगारपथरा

यूनियन अंगारपथरा कोलियरी, डाकघर कतरासगढ़, जिला धनबाद

सत्यदेव सिंह कोल कम्पनी, (प्राइवेट) लिमिटेड, 138, बिप्लवी रास बिहारी बसु रोड, कलकत्ता-1

1,84,000

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