ब्याज जब कि दर विनिर्दिष्ट है -- जब कि वचन-पत्र या विनिमय-पत्र पर ब्याज विनिर्दिष्ट दर से अभिव्यक्ततः देय कर दिया गया है तब ब्याज की गणना उस पर शोध्य मूलधन की रकम पर लिखत की तारीख से ऐसी रकम के निविदत्त, या आप्त किए जाने तक या ऐसी रकम की वसूली के लिए वाद की संस्थिति के पश्चात् ऐसी तारीख तक, जैसी न्यायालय निर्दिष्ट करे, उस विनिर्दिष्ट दर से की जाएगी ।