लेखीवाल को भारित करने के लिए चेक का उपस्थापन -- धारा 84 के उपबंधों के अध्यधीन यह है कि इसलिए कि चेक लेखीवाल को भारित करे उसे उस बैंक में, जिस पर वह लिखा गया है, इसके पूर्व उपस्थापित करना होगा कि लेखीवाल और उसके बैंकार के बीच का सम्बन्ध ऐसे परिवर्तित हो जाए कि जिससे लेखीवाल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा हो ।