ष्ठांकक के दायित्व का उन्मोचन -- जहाँ कि परक्राम्य लिखत का धारक किसी पूर्विक पक्षकार के विरुद्ध पृष्ठांकक के उपचार का नाश या हास पृष्ठांकक की सम्मति के बिना कर देता है, वहाँ पृष्ठांकक धारक के प्रति दायित्व से उस विस्तार तक उन्मोचित हो जाता है जहाँ तक वह हो जाता यदि परिपक्वता पर उस लिखत का संदाय कर दिया गया होता ।