रचयिता, लेखीवाल और प्रतिगृहीता मूल ऋणी होंगे, NI Act Section 37 ( NI Act, Section 37. Maker, drawer and acceptor principals )
रचयिता, लेखीवाल और प्रतिगृहीता मूल ऋणी होंगे -- वचन-पत्र या चेक का रचयिता, विनिमय-पत्र का लेखीवाल प्रतिग्रहण तक, और प्रतिगृहीता उसके आधार पर क्रमशः मूल ऋणियों के रूप में, तत्प्रतिकूल संविदा न होते, दायी हैं और उसके अन्य पक्षकार, यथास्थिति, रचयिता, लेखीवाल या प्रतिगृहीता के प्रतिभुओं के रूप में उसके आधार पर दायी हैं।