भारतीय दंड संहिता की धारा 458 के अनुसार, जो भी कोई किसी व्यक्ति को क्षति पहुँचाने या उस पर हमला करने या उसका सदोष अवरोघ करने की अथवा किसी व्यक्ति को क्षति, या हमले, या सदोष अवरोध के भय में डालने की तैयारी करके, रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे चौदह वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
लागू अपराध
क्षति आदि की तैयारी करके रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
सजा - चौदह वर्ष कारावास और आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| रात तक गुप्त घर-अतिचार या घर तोड़ना, चोट पहुंचाने आदि की तैयारी के बाद | 14 साल + जुर्माना | संज्ञेय | गैर जमानतीय | प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट |

