अपमानलेखीय और अन्य सामग्री को नष्ट किया जाना-(1) भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 292, धारा 293, धारा 501 या धारा 502 के अधीन दोषसिद्धि पर न्यायालय उस चीज की सब प्रतियों के, जिसके बारे में दोषसिद्धि हुई है और जो न्यायालय की अभिरक्षा में है, या सिद्धदोष व्यक्ति के कब्जे या शक्ति में है, नष्ट किए जाने के लिए आदेश दे सकता है।
(2) न्यायालय, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 272, धारा 273, धारा 274 या धारा 275 के अधीन दोषसिद्धि पर उस खाद्य, पेय, औषधि या भेषजीय निर्मित के, जिसके बारे में दोषसिद्धि हुई है, नष्ट किए जाने का उसी प्रकार से आदेश दे सकता है।

