भारतीय दंड संहिता की धारा 376ख के अनुसार, जो कोई, लोक सेवक होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर किसी स्त्री को जो ऐसे लोक सेवक के रूप में उसकी अभिरक्षा में है, या उसके अधीनस्थ किसी भारतीय दंड संहिता, 1860 72
लोक सेवक की अभिरक्षा में है, ऐसा मैथुन करने के लिए उत्प्रेरित या विलुब्ध करेगा, जो बलात्संग के अपराध की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।

