धारा 344, 345, 349 और 350 के अधीन दोषसिद्धियों से अपीलें-(1) उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा धारा 344, धारा 345, धारा 349 या धारा 350 के अधीन दंडादिष्ट कोई व्यक्ति, इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी, उस न्यायालय में अपील कर सकता है जिसमें ऐसे न्यायालय द्वारा दी गई डिक्रियों या आदेशों की अपील मामूली तौर पर होती है ।
(2) अध्याय 29 के उपबंध, जहां तक वे लागू हो सकते हैं, इस धारा के अधीन अपीलों को लागू होंगे, और अपील न्यायालय निष्कर्ष को परिवर्तित कर सकता है या उलट सकता है या उस दंड को, जिसके विरुद्ध अपील की गई है, कम कर सकता है या उलट सकता है ।
(3) लघुवाद न्यायालय द्वारा की गई ऐसी दोषसिद्धि की अपील उस सेशन खंड के सेशन न्यायालय में होगी जिस खंड में वह न्यायालय स्थित है ।
(4) धारा 347 के अधीन जारी किए गए निदेश के आधार पर सिविल न्यायालय समझे गए किसी रजिस्ट्रार या उप-रजिस्ट्रार द्वारा की गई ऐसी दोषसिद्धि से अपील उस सेशन खंड के सेशन न्यायालय में होगी जिस खंड में ऐसे रजिस्ट्रार या उप-रजिस्ट्रार का कार्यालय स्थित है ।

