भारतीय दंड संहिता की धारा 276 के अनुसार, जो कोई किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति को, भिन्न औषधि या भेषजीय निर्मिति के तौर पर जानते हुए बेचेगा या बेचने की प्रस्थापना करेगा या बेचने के लिए अभिदर्शित करेगा या औषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दानों से, दण्डित किया जाएगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
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| जानबूझकर एक डिस्पेंसरी से किसी भी दवा या चिकित्सा तैयारी को अलग दवा या चिकित्सा तैयारी के रूप में बेचना या जारी करना | 6 महीने या जुर्माना या दोनों | गैर - संज्ञेय | जमानतीय | कोई भी मजिस्ट्रेट |

