अपराध का संज्ञान-कोई भी न्यायालय भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 376ख के अधीन दंडनीय किसी अपराध का, जहां व्यक्तियों में वैवाहिक संबंध है, उन तथ्यों का, जिनसे पत्नी द्वारा पति के विरुद्ध परिवाद फाइल किए जाने या किए जाने पर अपराध गठित होता है, प्रथमदृष्ट्या समाधान होने के सिवाय संज्ञान नहीं करेगा ।

