भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के अनुसार, यदि विधिविरुद्ध जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा उस जनसमूह के समान लक्ष्य का अभियोजन करने में कोई अपराध किया जाता है, या कोई ऐसा अपराध किया जाता है, जिसका किया जाना उस जनसमूह के सदस्य सम्भाव्य जानते थे, तो हर व्यक्ति, जो उस अपराध के किए जाने के समय उस जनसमूह का सदस्य है, उस अपराध का दोषी होगा।
लागू अपराध
विधिविरुद्ध जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा किए गये अपराध में उस जनसमूह का हर सदस्य दोषी होगा।
सजा - अपराध अनुसार।
इसकी जमानत, संज्ञान और अदालती कार्रवाई अपराध अनुसार होगी।
यह समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| यदि किसी गैरकानूनी सभा के किसी सदस्य द्वारा अपराध किया जाता है, तो ऐसी सभा का हर दूसरा सदस्य अपराध का दोषी होगा | किये गए अपराध के समान | किये गए अपराध के समान | उस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य है | उस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य है |

