Friday, 05, Jun, 2026
 
 
 
Expand O P Jindal Global University
 

धारा 100 आईपीसी- किसी की मॄत्यु कारित करने पर शरीर की निजी प्रतिरक्षा का अधिकार कब लागू होता है। , IPC Section 100 ( IPC Section 100. When the right of private defence of the body extends to causing death )


 

भारतीय दंड संहिता की धारा 100 के अनुसार, शरीर की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार, पूर्ववर्ती धारा में वर्णित बंधनों के अधीन रहते हुए, हमलावर की स्वेच्छा पूर्वक मॄत्यु कारित करने या कोई अन्य क्षति कारित करने तक है, यदि वह अपराध, जिसके कारण उस अधिकार के प्रयोग का अवसर आता है, एतस्मिनपश्चात निम्न प्रगणित भांतियों में से किसी भी भांति का है, अर्थात्: -

  1. ऐसा हमला जिससे यथोचित रूप से यह आशंका कारित हो कि अन्यथा ऐसे हमले का परिणाम मॄत्यु होगा।

  2. ऐसा हमला जिससे यथोचित रूप से आशंका कारित हो कि अन्यथा ऐसे हमले का परिणाम घोर क्षति होगा;

  3. बलात्संग करने के आशय से किया गया हमला;

  4. प्रकॄति-विरुद्ध काम-तॄष्णा की तॄप्ति के आशय से किया गया हमला;

  5. व्यपहरण या अपहरण करने के आशय से किया गया हमला;

  6. इस आशय से किया गया हमला कि किसी व्यक्ति का ऐसी परिस्थितियों में अनुचित रूप से प्रतिबंधित किया जाए, जिनसे उसे यथोचित रूप से यह आशंका कारित हो कि वह अपने को छुड़वाने के लिए लोक प्राधिकारियों की सहायता प्राप्त नहीं कर सकेगा;

  7. तेजाब फेकने का कार्य या प्रयास करना जिससे यथोचित रूप से आशंका कारित हो कि अन्यथा ऐसे कृत्य का परिणाम घोर क्षति होगा। (आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013)।

 

Download the LatestLaws.com Mobile App
 
 
Latestlaws Newsletter
 

Publish Your Article

 

Campus Ambassador

 

Media Partner

 

Campus Buzz

 

LatestLaws Guest Court Correspondent

LatestLaws Guest Court Correspondent Apply Now!
 

LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026

 

LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!

 
 
 

LatestLaws Partner Event : MAIMS

 
 
Latestlaws Newsletter