दंडादेश, जो मजिस्ट्रेट दे सकेंगे-(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के लिए कारावास के दंडादेश के सिवाय कोई ऐसा दंडादेश दे सकता है जो विधि द्वारा प्राधिकृत है ।
(2) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या [दस हजार रुपए] से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकता है ।
(3) द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या [पांच हजार रुपए] से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकता है ।
(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां और महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की शक्तियां होंगी ।

