भोजपुरी यूट्यूबर एवं हास्य कलाकार मनी मिराज उर्फ रामदी मिराज आलम को दुष्कर्म और मारपीट के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी है। मनी मिराज के खिलाफ गाजियाबाद के खोड़ा थाने में मारपीट और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मनी मिराज ने कोर्ट में पीड़ित महिला के साथ शादी करने पर सहमति जताई है, जिसके बाद उन्हें जमानत दी गई। हालांकि, पीड़ित पक्ष के वकील ने मनी मिराज को जमानत दिए जाने पर आपत्ति जताई थी।
दरअसल, पिछले साल गाजियाबाद के खोड़ा थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी और मनी मिराज को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी छह अक्टूबर 2025 से जेल में बंद था।
कोर्ट ने क्यों दी जमानत?
हालांकि, इस मामले में जांच के बाद मनी मिराज पर लगे आरो सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। सुनवाई के दौरान मिराज ने अदालत को बताया कि वह विशेष विवाह अधिनियम के तहत महिला से विवाह करने के लिए सहमत हो गया है।
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने कहा कि दोनों पक्ष विवाह के लिए समझौते पर पहुंच गए हैं, इसलिए आरोपी को जमानत दिए जाने पर कोर्ट ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि जब दोनों पक्ष शादी के लिए तैयार हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। आरोपी छह अक्टूबर 2025 से जेल में बंद था। गाजियाबाद के खोड़ा थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया
वकील ने क्या कहा?
वहीं दूसरे पक्ष के वकील ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने बिना किसी टिप्पणी किए, जमानत दे दी। हालांकि, न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने 17 फरवरी के आदेश में तथ्यों और प्रस्तुत दलीलों पर विचार करते हुए तथा मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना आरोपी को जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया।
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