माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिनांक 04.04.2026 के आदेश के माध्यम से ऑनलाइन बाल यौन शोषण मामले में दो आरोपियों नामतः रमन कुमार और संदीप सिंह उर्फ लवली को विचारण न्यायालय द्वारा दिए गए रिहाई आदेश को पलटते हुए उनके विरुद्ध आरोप तय करने का आदेश दिया है।
यह मामला सीबीआई द्वारा रमन गौतम एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज किया गया था, जिसमें लिंक, वीडियो, चित्र, टेक्स्ट और पोस्ट साझा कर तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट को होस्ट करके बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसारण, भंडारण और देखने से संबंधित अपराध शामिल थे।
उक्त आरोपियों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 15(2) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था। तथापि, विचारण न्यायालय ने आरोपियों को पॉक्सो अधिनियम की धारा 15(2) के तहत दंडनीय अपराधों से यह कहते हुए मुक्त कर दिया था कि कथित अश्लील वीडियो (सीएसएएम) में शामिल बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है तथा उनकी आयु निर्धारण के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं किए गए हैं।
आज उच्च न्यायालय ने विचारण न्यायालय के इस आदेश को निरस्त कर दिया।
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