सीबीआई न्यायालय (पश्चिम), लखनऊ ने आज दिनांक 24.03.2026 को भ्रष्टाचार के एक मामले में भारत चौधरी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, डीजल डिपो, गोंडा तथा राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन एसीएमटी (प्रयोगशाला), एनईआर, गोरखपुर को दोषी ठहराया और कुल 90,000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
सीबीआई ने यह मामला दिनांक 07.08.2014 को स्रोत सूचना के आधार पर दर्ज किया था। जांच में पता चला कि वर्ष 2008 से 2013 के दौरान आरोपी लोक सेवक भारत चौधरी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, डीजल डिपो, गोंडा, कपिल देव शर्मा, प्रबंधक, राइट्स, कानपुर तथा राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन एसीएमटी (प्रयोगशाला), एनईआर, गोरखपुर ने निजी व्यक्ति नामतः रवीन्द्र कुमार भालोटिया, एकमात्र प्रोपराइटर, मेसर्स रिद्धि सिद्धि उद्योग, कोलकाता के साथ आपराधिक साजिश रचकर अभिलेखों में जालसाजी एवं हेरफेर कर सरकार को धोखा दिया। उन्होंने संदिग्ध फर्म नामतः मेसर्स रिद्धि सिद्धि उद्योग, कोलकाता को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए विनिर्माण इकाई के स्थल पर वास्तविक निरीक्षण किए बिना ही झूठे निरीक्षण प्रमाण पत्र जारी किए तथा घटिया गुणवत्ता की सामग्री को भी अनुमोदित किया, जिसे उक्त निजी फर्म द्वारा विभिन्न जोनल रेलवे को अत्यधिक दरों पर आपूर्ति किया गया जिसके कारण रेलवे को लगभग 65 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने दिनांक 30.08.2018 को भारत चौधरी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, कपिल देव शर्मा, प्रबंधक, राइट्स, राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन एसीएमटी (प्रयोगशाला), एनईआर, गोरखपुर, रवीन्द्र कुमार भालोटिया, स्वामी, मेसर्स रिद्धि सिद्धि उद्योग तथा मेसर्स रिद्धि सिद्धि उद्योग के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था।
माननीय न्यायालय ने विचारण (ट्रायल) के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई। विचारण के दौरान आरोपी कपिल देव शर्मा, प्रबंधक, राइट्स, कानपुर तथा रवीन्द्र कुमार भालोटिया, एकमात्र प्रोपराइटर, मेसर्स रिद्धि सिद्धि उद्योग का निधन हो गया, जिसके कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त (अबेट) कर दी गई।
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