भारत और फ्रांस के बीच फाइटर प्लेन राफेल को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा. राफ़ेल पर सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाकर्ताओं(सुप्रीम कोर्ट में दो वकीलों और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ) ने अपील की है कि सरकार को इस डील में राफेल विमान की कीमतों का खुलासा करना चाहिए.इस मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई करेंगे.संजय सिंह से पहले वकील विनीत ढांडा ने याचिका दायर करते हुए मांग की है कि फ्रांस और भारत के बीच आखिर क्या समझौता हुआ है उसे सार्वजनिक किया जाए. इसके अलावा मांग की गई है कि राफेल की वास्तविक कीमत भी सभी को बताया जाए. इससे पहले एक वकील ने भी एक और याचिका दायर की गई थी, जिसपर 10 अक्टूबर को सुनवाई होनी है.
पिछली सुनवाई याचिकाकर्ता वकील की तबीयत खराब होने के कारण टल गई थी.
याचिका में कहा गया है कि दो देशों के बीच हुई इस डील से भ्रष्टाचार हुआ है और ये रकम इन्हीं लोगों से वसूली जाए क्योंकि ये अनुच्छेद 253 के तहत संसद के माध्यम से नहीं की गई है.
देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस मामले में सरकार पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाती रही है. हालांकि, सरकार का पक्ष रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर राफेल विमान की कीमतों का खुलासा नहीं किया जा सकता है.
राहुल गांधी और कांग्रेस पिछले कई महीनों से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में विमानों की दर को लेकर जो सहमति बनी थी उसकी तुलना में बहुत अधिक है. इससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. पार्टी ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे को बदलवाया और एचएएल से ठेका लेकर रिलायंस डिफेंस को दिया गया.
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