इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हत्या के मामले में बंद दो आरोपियों को उनकी बेटी/बहन की शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन की अल्पकालिक जमानत (पैरोल) प्रदान की है। न्यायमूर्ति दीपक वर्मा और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने यह आदेश आपराधिक अपील में दायर अल्पकालिक जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
हमीरपुर जिले के थाना मऊदहा में वर्ष 2023 में अभियोग दर्ज हुआ था। रामकृपाल और हेमराज पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 308/34 और 323/34 के तहत मुकदमा चल रहा है। अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राम कृपाल, वधू राधिका के पिता और हेमराज उनके भाई हैं। राधिका का विवाह 26 जून को होना है। इसलिए दोनों को तीन सप्ताह की पैरोल दिए जाने की प्रार्थना की गई।
राज्य सरकार की ओर से पैरोल का विरोध किया गया, लेकिन वे आवेदकों के तर्कों का खंडन नहीं कर सके। संबंधित थाना की रिपोर्ट और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने 24 से 26 जून तक तीन दिन की पैरोल मंजूर की। दोनों को पुलिस कस्टडी में रिहा किया जाएगा। इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर की संतुष्टि पर प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राम कृपाल और हेमराज 27 जून की शाम पांच बजे तक संबंधित सीजेएम के समक्ष समर्पण करेंगे।
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