इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सहायक अभियोजन अधिकारी यानी (एपीओ) मुख्य परीक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने ज्योति गौतम सहित कुल सात याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
परीक्षा में सम्मिलित करने से वंचित किया गया
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके आनलाइन आवेदन के प्रिंटआउट और आवश्यक दस्तावेज स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट या कूरियर के माध्यम से अंतिम तारीख 29 मई 2026 से पहले भेजे गए थे, परंतु आयोग ने उन्हें परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया। न्यायालय ने निर्देश दिया कि अभ्यर्थी 24 घंटे के भीतर आयोग के समक्ष डिस्पैच का वैध प्रमाण प्रस्तुत करें। आयोग एक अलग विंडो खोलेगा जिसमें अभ्यर्थी दस्तावेज़ जमा कर सकें।
दस्तावेज सत्यापन के बाद आयोग प्रवेशपत्र जारी करे'
हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि दस्तावेज सत्यापन के बाद आयोग प्रवेशपत्र जारी करे, ताकि अभ्यर्थी 28 जून 2026 से प्रारंभ होने वाली मुख्य परीक्षा में अनंतिम रूप से बैठ सकें। कोर्ट ने कहा हाई कोर्ट की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया इस आदेश का प्रिंटआउट ही मान्य होगा। प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं होगी। यह आदेश याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
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