सीबीआई न्यायालय, मोहाली (पंजाब) ने दिनांक 04.06.2026 को करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में एक फर्म नामतः जी.डी. इस्पात उद्योग, मंडी गोबिंदगढ़, पंजाब के साझेदार समीर दुआ को दोषी ठहराया और 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंडी गोबिंदगढ़, पंजाब स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक को धोखा देने के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचने हेतु फर्म मेसर्स जी.डी. इस्पात उद्योग के साझेदारों दलीप दुआ, समीर दुआ तथा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया था। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने झूठी एवं फर्जी जानकारी के आधार पर इंडियन ओवरसीज बैंक से 4 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सीमा अवैध रूप से प्राप्त की थी जिसके परिणामस्वरूप बैंक को सदोष हानि हुई।
जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने उपर्युक्त आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था।
माननीय न्यायालय ने विचारण (ट्रायल) के बाद, आरोपी को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई। सह-आरोपी दलीप दुआ के निधन के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त (Abated) कर दी गई।
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