सीबीआई न्यायालय, अहमदाबाद ने आज यानि दिनांक 15.04.2026 को मेदम भगवती प्रसाद, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक, भास्कर रमेशचंद्र सोनी, तत्कालीन सहायक प्रबंधक, यूको बैंक, चिलोदा शाखा, गांधीनगर तथा जागृतिबेन निमिष पारिख, प्रोपराइटर, मेसर्स जागृति प्लास्टिक्स, अहमदाबाद को बैंक धोखाधड़ी मामले में कुल ₹30 लाख के जुर्माने के साथ 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला दिनांक 27.04.2016 को आरोपी मेदम भगवती प्रसाद, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, भास्कर रमेशचंद्र सोनी, तत्कालीन बैंक अधिकारी, दोनों यूको बैंक, चिलोदा शाखा, गांधीनगर; जागृतिबेन निमिष पारिख, प्रोपराइटर, मेसर्स जागृति प्लास्टिक्स, अहमदाबाद तथा अन्य के विरुद्ध दर्ज किया था। यह आरोप था कि आरोपी मेदम भगवती प्रसाद ने, शाखा प्रबंधक, यूको बैंक, चिलोदा शाखा, गांधीनगर की हैसियत से लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 17 विभिन्न व्यक्तियों/फर्मों (उधारकर्ताओं) को कुल ₹643 लाख की नकद ऋण सीमा (जिसमें टर्म लोन भी शामिल हैं) को धोखाधड़ी से स्वीकृत एवं संवितरित किया था। आगे यह भी आरोप था कि उक्त 17 खातों में दिसंबर 2015 तक कुल बकाया राशि ₹363 लाख थी। अधिकांश ऋण खाते एनपीए में परिवर्तित हो गए तथा शेष खाते भी एनपीए बनने की कगार पर थे, जिससे यूको बैंक को भारी वित्तीय हानि हुई।

सीबीआई ने जांच के उपरांत, दिनांक 17.11.2017 को आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया था। विचारण के दौरान माननीय विशेष न्यायाधीश, सीबीआई न्यायालय ने दिनांक 23.11.2021 को सीबीआई को पृथक आरोप-पत्र दायर करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में दिनांक 10.06.2022 को पृथक आरोप-पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

माननीय न्यायालय ने विचारण (ट्रायल) के उपरांत आरोपियों को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई।

 

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