सीबीआई न्यायालय, एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब ने दिनांक 07.04.2026 को एक भ्रष्टाचार मामले में राजेश रंजन, तत्कालीन जिला प्रबंधक, आजाद सिंह, तत्कालीन उप प्रबंधक (क्यूसी), डी.के. शर्मा और ज्ञान सिंह, दोनों एफसीआई जिला कार्यालय, फरीदकोट के तत्कालीन सहायक प्रबंधक (क्यूसी); राज कुमार, आर.सी. पुरी, गुलाब सिंह, पितांबर सिंह और जी.पी.एस. कालरा सभी तत्कालीन तकनीकी सहायक, एफसीआई, मोगा केंद्र; तथा दो निजी व्यक्ति, नामतः गोविंदर सिंह (साझेदार, मेसर्स पंजाब राइस एंड जनरल मिल्स, मोगा) और प्रदीप बंसल (साझेदार, मेसर्स आर.पी. एग्रो इंडस्ट्रीज) सहित 11 आरोपियों को दोषी ठहराया और कुल 3.3 लाख रुपये के जुर्माने के साथ तीन वर्ष के सश्रम कारावास सजा सुनाई।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला 07.01.2006 को दर्ज किया था, जिसमें एफसीआई पंजाब क्षेत्र के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक से लेकर तकनीकी सहायकों तक के अधिकारियों के साथ-साथ कुछ चावल मिल मालिकों को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि खरीफ सीजन 2004–05 के दौरान पंजाब क्षेत्र में एफसीआई अधिकारियों ने विभिन्न राइस मिल मालिकों से प्राप्त निम्न गुणवत्ता वाले चावल को गलत तरीके से “ए” ग्रेड दिखाकर स्वीकार किया और उसके अनुसार भुगतान जारी कर दिया। बाद में इन चावल की खेपों को जब विभिन्न राज्यों में भेजा गया, तो उन्हें या तो अस्वीकार कर दिया गया या निम्न गुणवत्ता का माना गया, जिससे एफसीआई को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। यह विशेष मामला जिला फरीदकोट के मोगा डिपो से संबंधित है।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने दिनांक 28.11.2008 को आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
माननीय न्यायालय ने विचारण (ट्रायल) के बाद सभी आरोपियों को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई।
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