मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव पूर्व ACS मोहम्मद सुलेमान को बड़ी कानूनी राहत मिली है। इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अवमानना मामले में उन्हें सुनाई गई दो महीने की साधारण कारावास की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने सुलेमान की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद मंदसौर में वार्ड बॉय के नियमितीकरण से जुड़ा है। 6 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को वार्ड बॉय को नियमित करने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न होने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई और तत्कालीन ACS मोहम्मद सुलेमान को अवमानना का दोषी पाया। 16 मार्च 2026 को जस्टिस प्रणय वर्मा ने उन्हें दो महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
कोर्ट में सुलेमान की दलील
सुलेमान की ओर से पेश डिप्टी एडवोकेट जनरल एसआर सक्सेना ने तर्क दिया कि अपीलकर्ता को अवमानना कार्यवाही का कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ था, इसलिए उन्हें आदेशों की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि जिस मूल आदेश के उल्लंघन की बात कही जा रही है, उसे राज्य सरकार द्वारा पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।
अपीलकर्ता को कार्यवाही की जानकारी नहीं थी और विभाग ने मूल आदेश को चुनौती दी है। इन आधारों पर कोर्ट ने सजा के आदेश पर रोक लगाते हुए चार सप्ताह का समय दिया है।
अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को संज्ञान में लेते हुए मूल याचिकाकर्ता अशोक कुमार पाडेयार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च 2026 का सजा का आदेश अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगा। सुलेमान ने मार्च 2025 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।
Picture Source :