मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भोजशाला विवाद में सुनवाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष ने लगातार तीन दिनों तक अपनी दलीलें पूरी करते हुए एएसआई द्वारा 91 दिनों तक किए गए सर्वे और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखा। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पेश किए गए तर्कों में भोजशाला के धार्मिक स्वरूप और प्राचीन महत्व को प्रमुखता से उठाया गया।
अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष की बारी है, जो कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगा। इस बहुप्रतीक्षित सुनवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी और ऐतिहासिक तर्कों की गहन बहस जारी है। जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मंदिर के रूप में हुआ था भोजशाला का मूल निर्माण
जानकारी के अनुसार, हिंदू पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया कि भोजशाला का मूल निर्माण मंदिर के रूप में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि खुदाई में मिले अवशेष, दीवारों पर मौजूद शिल्प और चित्र इसके प्रमाण हैं। मामले की सुनवाई विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच के समक्ष हुई। जहां कोर्ट ने एएसआई सर्वे रिपोर्ट पर आई आपत्तियों को भी रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है।
कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है सभी की नजरें
इसके अलावा, अब इस मामले में आज ( 9 अप्रैल) सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में दोनों पक्षों की दलीलों के बाद कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई।
Picture Source :