इलाहाबाद हाईकोर्ट अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। तभी कोर्ट को पता चला कि वीडियो रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। इस पर अदालत ने औरैया के एसपी को तलब किया और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। आइए जानते हैं पूरा मामला…
पीड़िता ने अजीतमल थाने में अंकित यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके नहाने का अश्लील वीडियो बनाया और वायरल करने की धमकी देते हुए रेप किया। आरोपी इस आरोप में जेल में बंद है। उसने अदालत में जमानत अर्जी दी और कहा कि मुझे झूठा फंसाया गया है। कोई भी अश्लील वीडियो जांच में नहीं पाया गया है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान रिकॉर्ड में ऐसे किसी वीडियो की उपलब्धता के साक्ष्य स्पष्ट नहीं हैं। यह जमानत अर्जी सितंबर 2025 से लंबित है। कोर्ट ने एसपी औरैया को निर्देश दिया कि 13 अप्रैल को संबंधित वीडियो के रिकॉर्ड के साथ स्वयं उपस्थित हों। साथ ही सरकारी वकील को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटे में इस आदेश की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना सुनिश्चित करें।
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