केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक घोषित अपराधी (पीओ) श्री मनोज कुमार को पकड़ा, जो फर्जी ऋण घोटाला मामले में फरार था।
सीबीआई ने जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं उधारकर्ताओं के विरुद्ध दिनांक 13.04.2005 को मामला दर्ज किया था। यह आरोप था कि जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी ऋण स्वीकृत किए गए, जिससे जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 65.9 लाख रु. (लगभग) का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।
सीबीआई ने माननीय ए.सी.एम.एम. कोर्ट, पटियाला हाउस, नई दिल्ली, के समक्ष तीन आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित धारा 420, 468, 471 के तहत दिनांक 28.02.2006 को आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें उपरोक्त आरोपी भी शामिल थाl आरोपी, घोषित अपराधी (पीओ), जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से आवास ऋण प्राप्त करने के संबंध में बहादुरगढ़ (हरियाणा) स्थित एक आरोपी द्वारा विकसित की जा रही आवास परियोजना में सहायक के रूप में कार्यरत था। उसने वेतन पर्ची जैसे जाली दस्तावेज तैयार किए, जिनके आधार पर उधारकर्ता को ऋण स्वीकृत किया गया। आरोपी को न्याय के कटघरे में लाने के प्रयासों के बावजूद, संबंधित व्यक्ति फरार रहा एवं बाद में 31 मार्च, 2021 को माननीय एसीएमएम-2 सह एसीजे कोर्ट, राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नई दिल्ली, द्वारा उसे ‘घोषित अपराधी’ ठहराया गया।
गिरफ्तार आरोपी, घोषित अपराधी (पीओ) को दिनांक 03-12-2024 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया तथा उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
यह मामला अभी विचारण के चरण में है।
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