ग्वालियर। हाई कोर्ट में गर्मी की छुटि्टयां शुरू हो गई हैं। चार जून तक कोर्ट में छुटि्टयां रहेंगी, लेकिन जरूरी केस की सुनवाई के लिए हफ्ते में तीन दिन विशेष बेंच लगेगी। सोमवार, गुरुवार व शुक्रवार को स्पेशल बैंच बैठेगी। वकीलों को केस की सुनवाई के लिए अर्जेंसी बतानी होगी। गर्मी की छुटि्टयों के दौरान जमानत याचिका, सजा स्थगित, हैवियस कार्पस, गर्भपात के केस, रिट पिटीशन (सिविल) लिस्ट किए जाएंगे। साथ ही ऐसे कैदी जो कई सालों से जेल में बंद हैं, उनके अधिवक्ता चाहें तो अपीलों की सुनवाई करा सकते हैं। उन्हें लिस्ट किया जाएगा।
हाई कोर्ट में 16 मई से एक महीने की गर्मी की छुटि्टयां होती थीं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते गर्मी की छुटि्टयों का शेड्यूल बदल गया है। इस बार एक हफ्ते पहले छुटि्टयां शुरू हो गईं। आठ मई को नियमित कोर्ट का लास्ट वर्किंग डे था। गत दिवस समर वैकेशन की स्पेशल बैंच लगी थी, लेकिन स्थिति को देखते हुए चीफ जस्टिस ने मंगलवार को बार अध्यक्षों की वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रशासनिक जस्टिस भी शामिल हुए। ग्वालियर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस रघुवंशी बैठक में शामिल हुए। बार अध्यक्षों ने गर्मी की छुटि्टयों के दौरान केसों की सुनवाई को लेकर अपने सुझाव दिए। बैठक के दौरान सोमवार, गुरुवार के साथ-साथ शुक्रवार को भी बैंच संचालित करने का सुझाव दिया। इस सुझाव को शामिल किया गया। इस बार हफ्ते में तीन दिन बैंच लगेगी। सोमवार, गुरुवार व शुक्रवार को सुनवाई होगी। सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे के बीच केस की अर्जेंसी बताने पर सुनवाई होगी। केस सुनवाई योग्य होने पर लिस्ट किया जाएगा।
जिला न्यायालय में जरूरी केसों की सुनवाईः शहर में कोरोना कर्फ्यू चल रहा है। इस वजह से जिला न्यायालय में भी सुनवाई बंद है। जरूरी केसों की सुनवाई के लिए दो अपर सत्र न्यायाधीश व दो न्यायिक मजिस्ट्रेट बैठ रहे हैं। जिला न्यायालय में भीड़ काफी रहती है। संक्रमण की स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना संभव नहीं है। कर्फ्यू के चलते सुनवाई बंद है। फैमिली कोर्ट में भी सुनवाई बंद है।
वर्जन- गर्मी की छुटि्टयों के दौरान हफ्ते में तीन दिन बैंच लगेगी। ऐसी क्रिमिनल अपीलें, जिनके कैदी 10 साल से जेल में हैं, वह अपनी अपीलों की सुनवाई कर सकते हैं।
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