January 19,2019:
प्रयागराज के कुम्भ को बाल मित्र कुम्भ बनाने के उद्देश्य से कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) और प्रयागराज के मेयर ने बाल दुर्व्यापार (ट्रैफिकिंग) के खिलाफ संयुक्त रूप से ‘मुक्ति कारवां’ अभियान को बुधवार को लॉच किया। गौरतलब है कि ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है और इसके खिलाफ कुम्भ में शुरू किया गया‘मुक्ति कारवां’ केएससीएफ के देशव्यापी अभियान का ही एक हिस्सा है। ‘मुक्ति कारवां’ को प्रयागराज के सुभाष चौक से लॉन्च किया गया और यह अभियान बाल दुर्व्यापार के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का काम करेगा।
प्रयागराज की मेयर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता ने मुक्ति कारवां की लांचिंग के अवसर पर कहा, "मैं आपके इस संगठन को इस बात की बधाई देती हूं कि आपके संगठन बच्चों के बारे में इतनी गंभीरता से सोचता है। आज इस मुक्ति कारवां के बाल दुर्व्यापार जागरुकता अभियान में फलैग दिखाकर गाड़ी को चलाने की शुरुआत की जाएगी।" कुम्भ मेले में जनता को संबोधित करते हुए श्रीमती गुप्ता ने यह भी कहा, "मां-बाप का रिश्ता इतना बड़ा होता है कि मां-बाप समझ जाते हैं कि अगर उनका बच्चा उनसे आधे घंटे के लिए भी दूर रहता है, तो उनकी पीड़ा सबसे बड़ी होती है।
खोया-पाया केंद्र इस बार उच्च स्तरीय तकनीक के सहारे चल रहा है। पहले हम देखते थे कि खोया-पाया केंद्र में बच्चों का उनके पहनावे के आधार पर पता किया जाता था। इस बार हम मेले में बच्चों की फोटो तक स्क्रीन पर चल रही है। अगर आपके पास आवाज नहीं जा रही, तो आप उनकी फोटो देखकर उनकी पहचान कर सकते हैं।"
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक (कैम्पेन) श्री बिधान चंद्र सिंह के अनुसार, ‘’कुम्भ मेले में हमारे संगठन की ओर से जो प्रयास किए जा रहे हैं वह हमारे अभियान का एक हिस्सा है और यह बाल दुर्व्यापार के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का काम करेगा। मुक्ति कारवां बाल मित्र कुम्भ बनाने के उद्देश्य से काम करेगा। और सरकार के प्रयासमें सहयोग देगा।‘’ अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए श्री बिधान चंद्र सिंह ने कहा, ‘’प्रयागराज के लोगों से बात करने पर पता चला है कि कुम्भ मेले में भारी तादाद में लोगों के साथ बच्चे पहुंचते हैं और उनके गुम होने की आशंका कहीं ज्यादा रहती है। इसलिए बच्चों को गुम होने से बचाने के वास्ते मुक्ति कारवां अभियान की महती जरूरत है।
बिहार और झारखंड में भारी सफलता के बाद बाल दुर्व्यापार, बाल शोषण और बाल श्रम के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रयागराज के कुम्भ में भी इस अभियान को लॉच किया गया है। प्रयागराज में मुक्ति कारवां बच्चों के लिए एक सुरक्षा जाल के रूप में कार्य करेगा, जो मेले से अंतर-राज्यीय दुर्व्यापार को रोकने का प्रयास करेगा।
मुक्ति कारवां
मुक्ति कारवां एक सचल दस्ता है, जो गांव-गांव में घूमकर बाल दुर्व्यापार, बाल मजदूरी और यौन शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरुकता फैलाने का काम करता है। इस दस्ते में करीब 10 से 15 नौजवान होते हैं। ये नौजवान नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन, जन जागरण गीत, छोटी-छोटी बैठकों और सभाओं के जरिए बच्चों की खरीद-फरोख्त के कारोबार, बच्चों के यौन शोषण और उसे रोकने के उपाय और कानूनों के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं। मुक्ति कारवां 1997 से शुरू होकर बाल दुर्व्यापार बहुल राज्यों में भ्रमण करते हुए अब तक 4 लाख से अधिक किलोमीटर की यात्रा तय कर लाखों लोगों को बाल दुर्व्यापार के खिलाफ जागरूक कर चुका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अब इसको कुम्भ मेले में भी लॉच किया गया है।
वर्ष 2019 के कुंभ मेले में कारवां अपने नुक्कड़ नाटकों, लोग गीतों, परचों, दीवार लेखन, शपथ पत्रों और जन-जागरुकता शिविरों के जरिए बाल हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का काम करेगा और शिक्षा की तत्काल जरूरत पर बल देगा। समाचार स्रोतों के अनुसार 2013 के कुंभ मेले में लगभग 3 लाख लोग लापता हो गए थे। इन चुनौतियों से निपटने के लिए इस वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए अनेक उपाय किए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार को सहयोग करने के वास्ते केएससीएफ ने बहुस्तरीय हस्तक्षेप के माध्यम से सरकार को समर्थन देने को सुनिश्चित किया है।
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