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सीबीआई ने न्यायालय से की सज्जन कुमार की अपील खारिज करने की मांग

सीबीआई ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की वह अपील खारिज करने की अपील की जिसमें कुमार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में स्वयं को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सुनाई गई उम्र कैद की सजा को चुनौती दी है।

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सज्जन कुमार की जमानत का अनुरोध करने वाली अपील पर अपने जवाब में जांच एजेंसी ने कहा कि कुमार का ‘‘व्यापक राजनीतिक प्रभाव’’ है और वह अपने खिलाफ लंबित मामले में गवाहों को ‘‘प्रभावित या आतंकित’’ कर सकते हैं।

सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि अगर कुमार को जमानत दे दी जाती है तो लंबित मामले में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं होगी।

जांच एजेंसी ने कहा कि कुमार के राजनीतिक प्रभाव की वजह से, 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच में देर हुई तथा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया।

न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति एस ए नजीर की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 25 मार्च नियत की।

सज्जन कुमार को एक और दो नवंबर 1984 को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के दिल्ली छावनी में स्थित राज नगर पार्ट-1 इलाके में पांच सिखों को मार डालने तथा राज नगर पार्ट-2 इलाके में एक गुरद्वारे को जला देने के मामले में दोषी ठहराया गया और उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।

31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी जिसके बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे।

 

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