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राफेल पर पुनर्विचार याचिकाएं देने वालों की सुप्रीम कोर्ट ने खोली पोल

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों की जमकर खिंचाई की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि अब तक याचिका में खामियां ठीक नहीं की गई हैं, लेकिन याचिकाकर्ता मीडिया में सुनवाई न होने का दुष्प्रचार कर रहे हैं। दरअसल चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को रजिस्ट्रार को ओपन कोर्ट में बुलाया और उनसे उन याचिकाओं को सूचीबद्ध करने के बारे में जानकारी मांगी, जिन पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई है।

Supreme Court of India
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, ‘राफेल मामले में स्पष्टीकरण, बदलाव और पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं और ये पिछले एक महीने से रजिस्ट्री में पड़ी हुई हैं। रजिस्ट्री ने इनमें जो खामियां बताईं, उन्हें एक महीने बाद भी याचिकाकर्ताओं ने ठीक नहीं कीं और सुनवाई न होने का मीडिया में दुष्प्रचार कर रहे हैं।’ साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि दूसरा पक्ष भी उतना भोला नहीं है।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण द्वारा राफेल सौदे की जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं। पहली जनवरी को तीनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इन लोगों ने दावा किया है कि आदेश में तथ्यात्मक और कानूनी गलतियां हैं। सरकार का कहना था कि व्याकरण की अशुद्धियों के कारण भ्रम पैदा हुआ।

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