भारतीय दंड संहिता की धारा 433 के अनुसार, जो कोई किसी दीपगॄह को, या समुद्री- चिह्न के रूप में उपयोग में आने वाले अन्य प्रकाश के, या किसी समुद्री-चिह्न या बोया या अन्य चीज के, जो नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शन के लिए रखी गई हो, नष्ट करने या, हटाने द्वारा अथवा कोई ऐसा कार्य करने द्वारा, जिससे कोई ऐसा दीपगॄह, समुद्री- चिह्न, बोया या पूर्वोक्त जैसी अन्य चीज नौ-चालकों के लिए मार्ग प्रदर्शक के रूप में कम उपयोगी बन जाए, रिष्टि करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| प्रकाशस्तंभ या समुद्र-निशान को नष्ट या स्थानांतरित करके या झूठी रोशनी का प्रदर्शन करके शरारत | 7 साल या जुर्माना या दोनों | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट |

