भारतीय दंड संहिता की धारा 376घ के अनुसार, जो कोई, किसी अस्पताल के प्रबन्ध में होते हुए या किसी अस्पताल के कर्मचारिवॄन्द में होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर और किसी स्त्री के साथ, जो उस अस्पताल में है, ऐसा मैथुन करेगा जो ब्लात्संग की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
स्पष्टीकरण--अस्पताल पद का वही अर्थ है जो धारा 376 की उपधारा (2) के स्पष्टीकरण 3 में उसका है ।

