भारतीय दंड संहिता की धारा 174 के अनुसार, जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा निकाले गए उस समन, सूचना, आदेश या उद्घोषणा के पालन में, जिसे ऐसे लोक सेवक के नाते निकालने के लिए वह वैध रूप से सक्षम हो, किसी निश्चित स्थान और समय पर स्वयं या अभिकर्ता द्वारा हाजिर होने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए,
उस स्थान या समय पर हाजिर होने का साशय लोप करेगा, या उस स्थान से, जहां हाजिर होने के लिए वह आबद्ध है, विधिपूर्ण समय से पूर्व चला जाएगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए सादा कारावास की सजा, जिसे एक महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या पांच सौ रुपए तक का आर्थिक दण्ड या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
अथवा, यदि समन, सूचना, आदेश या उद्घोषणा किसी न्यायालय में स्वयं या किसी अभिकर्ता द्वारा हाजिर होने के लिए है, तो उसे किसी एक अवधि के लिए सादा कारावास की सजा, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या एक हजार रुपए तक का आर्थिक दण्ड या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
लागू अपराध
1. व्यक्ति या अभिकर्ता द्वारा किसी निश्चित जगह पर उपस्थित होने या बिना किसी अधिकार के वहां से प्रस्थान करने के लिए कानूनी आदेश का पालन नहीं करना
सजा - एक महीने कारावास या पांच सौ रुपए आर्थिक दण्ड या दोनों।
यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
2. यदि आदेश न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति आदि के लिए है
सजा - छह महीने या एक हजार रुपए या दोनों।
यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और किसी भी मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
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व्यक्ति या एजेंट द्वारा किसी निश्चित स्थान पर उपस्थित होने के लिए, या अधिकार के बिना वहां से प्रस्थान करने के लिए कानूनी आदेश का पालन नहीं करना यदि आदेश में न्यायिक अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति, आदि की आवश्यकता होती है |
1 महीने के लिए साधारण कारावास या जुर्माना या दोनों 6 महीने के लिए साधारण कारावास या जुर्माना या दोनों |
असंज्ञेय असंज्ञेय |
जमानती जमानती |
किसी भी मजिस्ट्रेट किसी भी मजिस्ट्रेट |

