उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीगढ़ पंकज कुमार अग्रवाल के निर्देश पर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कार्यालय में पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएलएसए की सचिव साक्षी गर्ग ने की।
बैठक में अगस्त 2026 में आयोजित होने वाली सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत पर विस्तृत चर्चा की गई। सचिव साक्षी गर्ग ने पीएलवी को निर्देश दिए कि वे अपने आवंटित गांवों और कस्बों में घर-घर जाकर अभियान चलाएं। इसका उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना है जिनके मामले देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित और सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है। इसके माध्यम से पक्षकार बिना किसी अतिरिक्त खर्च और लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरे अपने पुराने विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों को कानूनी प्रक्रियाओं और लोक अदालत की व्यवस्था की पर्याप्त जानकारी नहीं होती। ऐसे में, पीएलवी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
सचिव ने स्वयंसेवकों को निर्देशित किया कि वे लोगों को विशेष लोक अदालत के लाभों के बारे में जागरूक करें और उन्हें विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करें। साथ ही, जो पक्षकार ऑनलाइन आवेदन करने या तकनीकी संसाधनों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं, उनकी सहायता करते हुए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया भी पूरी कराएं।
सभी पीएलवी से सक्रिय सहभागिता और जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का आह्वान किया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र पक्षकार इस विशेष लोक अदालत का लाभ उठा सकें।
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